Thu 23 Apr 2026

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: कानपुर दंगे में आरोपी नदीम बोटी जेल से होगा आजाद, नूपुर शर्मा के विवादित बयान को लेकर भड़की थी हिंसा,जिसमें नदीम को भी आरोपी बनाया गया था!

कानपुर दंगे में आरोपी नदीम बोटी जेल से होगा आजाद, नूपुर शर्मा के विवादित बयान को लेकर भड़की थी हिंसा,जिसमें नदीम को भी आरोपी बनाया गया था!

  उत्तर प्रदेश प्रयागराज : दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2022 में कानपुर के बेकनगंज इलाके में नूपुर शर्मा के विवादित बयान पर हुए दंगे के आरोपी नदीम उर्फ बोटी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है, यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने दिया है, मामले के अनुसार, 4 जून 2022 को बेकनगंज थाना क्षेत्र में थाने के प्रभारी निरीक्षक नवाब अहमद की ओर से 36 नामजद और लगभग 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी, शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के विरोध में बाजार बंद का आह्वान किया था, इस दौरान हिंसा भड़क गई. भीड़ ने पुलिस बल पर पथराव किया और शांति भंग की गई, पुलिस ने घटना के चार दिन बाद याची नदीम बोटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, इसके बाद नदीम की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई, याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि नदीम 2022 से निरंतर जेल में बंद हैं, मामले में आरोप पत्र दाखिल हो चुका है और याची की संलिप्तता स्पष्ट रूप से नहीं दर्शाई गई है. याची को जानबूझकर फंसाया गया है और वह निर्दोष है, राज्य सरकार की ओर से विरोध करते हुए कहा गया कि नदीम के खिलाफ पूर्व में कुल 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, उसे अभी केवल तीन मामलों में ही जमानत मिली है, इस आधार पर उसे जमानत न देने की मांग की गई,   कोर्ट ने कहा कि घटना अशांति फैलाने के लिए बड़े पैमाने पर की गई थी. CCTV फुटेज के आधार पर याची की पहचान की बात कही गई, लेकिन रिकॉर्ड पर कोई फॉरेंसिक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है, चूंकि मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है, इसलिए याची को निरंतर हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है. लिहाजा, नदीम जमानत का हकदार है.   कानपुर के सीओ कर्नलगंज को किया तलब   वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीओ कर्नलगंज कानपुर नगर को 12 जून को पक्षों के बीच हुए समझौते की मूल प्रति के साथ हाजिर होने का निर्देश दिया है. यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने अमित साहू व अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है. याचियों का कहना है कि चार मई 2021 को दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है. मामले की जांच कर रहे सीओ कर्नलगंज को समझौते की मूल कापी दी गई है. याचिका में केस कार्रवाई खत्म करने की मांग की गई है, कोर्ट ने सीजेएम कानपुर नगर के माध्यम से आदेश की जानकारी सीओ को देने और सीओ को 12 जून को हाजिर होने को निर्देश दिया है!

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