वन भूमि से निजी जमीन तक खनन का खेल : रात के अंधेरे में खोद डाली जमीन
Fri, Oct 30, 2026
मवइय्या वन ब्लॉक में 36 मीटर तक हुई खुदाई, वन रक्षक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज
उन्नाव। रात का अंधेरा और सरकारी जमीन, अवैध खनन करने वालों के लिए यही मौका बना। माखी क्षेत्र के मवइय्या वन ब्लॉक में खनन करने वालों ने संरक्षित वन भूमि को ही नहीं छोड़ा। रातोंरात यहां मिट्टी की खुदाई कर दी गई। वन विभाग की गश्त के दौरान इसका खुलासा हुआ तो विभाग में खलबली मच गई। वन रक्षक की तहरीर पर माखी पुलिस ने भारतीय वन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। वन रक्षक अनुजा यादव के मुताबिक, 27 अक्टूबर की शाम वह मवइय्या वन ब्लॉक की वन भूमि पर गश्त कर रही थीं। इस दौरान संरक्षित क्षेत्र में करीब 36 मीटर लंबाई, छह मीटर चौड़ाई और 0.66 मीटर गहराई तक मिट्टी की खुदाई मिली। आसपास जानकारी करने पर पता चला कि 26 और 27 अक्टूबर की रात के बीच खनन किया गया है।वन रक्षक ने तहरीर में बताया कि खनन किसने किया और खोदी गई मिट्टी कहां ले जाई गई, इसकी जानकारी नहीं हो सकी। संरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति की गई इस खुदाई को गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई। माखी पुलिस ने 29 अक्टूबर को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। अब सवाल यह है कि संरक्षित वन भूमि तक पहुंचकर रात में खुदाई करने वाले कौन थे और निकाली गई मिट्टी कहां खपाई गई। जांच में इन सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं।
शिकायतें लगातार, खनन पर लगाम नहीं
जिले में अवैध मिट्टी खनन की शिकायतें सोशल मीडिया पर लगातार सामने आती रहती हैं। अलग-अलग क्षेत्रों से लोग मिट्टी की अवैध कारोबार की तस्वीरें,वीडियो और यहां तक लोकेशन तक साझा कर प्रशासन का ध्यान भी आकर्षित करते हैं। इसके बावजूद खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। रात के अंधेरे में सरकारी विभागों की जमीनों के साथ निजी भूमि को भी निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में बिहार थाना क्षेत्र के भगवंतनगर में भाजपा सुमेरपुर मंडल अध्यक्ष आशीष कुमार बाबा की निजी जमीन से मिट्टी खोदे जाने का मामला सामने आया। आशीष कुमार के मुताबिक, 21 अक्टूबर की रात गाटा संख्या 383 स्थित उनकी जमीन से जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से मिट्टी खुदवाई गई और उसे आसपास के गांवों में बेच दिया गया। भाजपा नेता की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। अब मवइय्या वन ब्लॉक की संरक्षित भूमि पर खनन का मामला सामने आने से अवैध खनन के कारोबार पर अंकुश लगाने और जिम्मेदारों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
टप्पेबाजी : बाजार से लौटते समय महिला को बनाया निशाना
Thu, Oct 29, 2026
बातों में उलझाकर जेवर उतरवाने का आरोप, 10 दिन बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
उन्नाव। बाजार से खरीदारी कर घर लौट रही महिला को रास्ते में बातों में उलझाकर जेवर उतरवा लेने का मामला सामने आया है। महिला का आरोप है कि एक महिला समेत चार लोगों ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाया और इसके बाद तीन अंगूठियां, सोने की चेन और पेंडल लेकर भाग गए। घटना 18 अक्टूबर की शाम की बताई गई है। मामले में 28 अक्टूबर को बांगरमऊ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। छोटी जमुनिहा बंगर गांव निवासी छेदाना उर्फ कुसमा पत्नी छेदी लाल के मुताबिक, वह 18 अक्टूबर को बांगरमऊ बाजार से घर लौट रही थीं। शाम करीब चार बजे वह बैंक ऑफ इंडिया की सीढ़ियों के पास पहुंचीं, तभी एक महिला और तीन पुरुष उनके पीछे लग गए। आरोप है कि चारों ने बातचीत के दौरान उन्हें अपने झांसे में ले लिया। इसके बाद नशीला पदार्थ सुंघाकर उनके हाथ की तीन अंगूठियां उतरवा लीं। महिला का कहना है कि उनके पर्स में रखी सोने की चेन और पेंडल भी निकलवा लिया गया। वारदात के बाद चारों वहां से चले गए। पीड़िता के अनुसार, होश आने पर उन्होंने आसपास के लोगों को पूरी बात बताई। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी गई, जिसमें एक महिला और अन्य संदिग्ध नजर आने की बात तहरीर में कही गई है। पीड़िता ने पुलिस से फुटेज की जांच कराकर जेवर बरामद कराने की मांग की। पुलिस ने 28 अक्टूबर को तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल प्रकरण में डीएम सख्त : जांच टीम गठित करने के निर्देश
Thu, Oct 29, 2026
सीएमओ बोले- अस्पताल का लाइसेंस जारी करने का सवाल ही नहीं उठता, अस्पताल अब भी सील
उन्नाव। सील किए जा चुके उत्तम हॉस्पिटल को नए नाम से दोबारा शुरू कराने के लिए 3.50 लाख रुपये मांगने के आरोपों पर प्रशासन ने जांच शुरू कराने की तैयारी की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर उठे सवालों पर डीएम घनश्याम मीना ने गंभीरता दिखाई है। उन्होंने सीडीओ को टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने आरोपों को खारिज किया है। सीएमओ डॉ. एके शर्मा का कहना है कि संबंधित अस्पताल अभी भी सील है और उसे दोबारा चलाने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में रुपये मांगने का आरोप बेबुनियाद है। दरअसल, शेखपुर नरी स्थित उत्तम हॉस्पिटल को जुलाई में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने सील कर दिया था। अस्पताल संचालक देवकांत उत्तम पर अस्पताल में काम करने वाली युवती से दुष्कर्म और पुलिस से शिकायत करने पर उसकी हत्या करने का आरोप है। अस्पताल संचालक की पत्नी के नाम पर पंजीकृत था। कार्रवाई के बाद से अस्पताल बंद है।
डीएम ने सीडीओ को सौंपी जांच की जिम्मेदारी
मामला तब चर्चा में आया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ। इसमें स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के कार्यालय में अस्पताल का नाम बदलकर नए सिरे से पंजीकरण कराने को लेकर बातचीत होती दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल करने वालों ने आरोप लगाया कि अस्पताल को दोबारा शुरू कराने के लिए अधिकारी ने 3.50 लाख रुपये मांगे। वीडियो सामने आने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा। डीएम घनश्याम मीना ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीडीओ को जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। जांच में वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
सीएमओ बोले, अस्पताल सील है तो लाइसेंस कैसे जारी होगा
मामले में सीएमओ डॉ. एके शर्मा ने रुपये मांगने के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उत्तम हॉस्पिटल अभी भी सील है। ऐसे में उसे दोबारा संचालित करने के लिए लाइसेंस जारी करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। वीडियो में दिखाई दे रहे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने भी रुपये मांगने के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि बातचीत में कहीं भी रुपयों की मांग नहीं की गई।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
अब प्रशासनिक जांच में यह देखा जाएगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई बातचीत किस संदर्भ में हुई थी और अस्पताल के नए नाम से पंजीकरण कराने की बात किस आधार पर की जा रही थी। साथ ही 3.50 लाख रुपये मांगने के आरोपों की भी पड़ताल होगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग अस्पताल के सील होने और रुपये मांगने की बात को गलत बता रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: द लखनऊ टाइम्स वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।