: पेपर लदे ट्रक और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत, तीन गंभीर घायल
Fri, Oct 3, 2025
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर उठाए सवाल
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र के बक्खाखेड़ा हुसैन नगर मोड़ पर गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक पांच वर्षीय नाबालिग भी शामिल है। घटना पेपर से लदे एक ट्रक और पल्सर बाइक के बीच हुई भीषण टक्कर का नतीजा बताई जा रही है।
मौके पर चश्मदीदों के मुताबिक, जमका पेपर मिल से कागज लादकर आ रहा ट्रक अचानक सामने से आ रही पल्सर बाइक से जोरदार टकरा गया। टक्कर की रफ्तार इतनी अधिक थी कि बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उस पर सवार तीनों व्यक्ति काफी दूर जा गिरे। एक युवक का पैर टक्कर की वजह से शरीर से अलग हो गया। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
घायलों
की
स्थिति
घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत उन्नाव जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक होने पर उन्हें कानपुर के एक उच्चस्तरीय अस्पताल में रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घायलों की पहचान संदीप (22 पुत्र सुंदर), गणेश (26 पुत्र बृजलाल) और संदीप के पांच वर्षीय भांजे के रूप में की है। तीनों दही थाना क्षेत्र के सुब्वाखेड़ा मजरा दुआ गांव के निवासी बताए जाते हैं।
चालक
गिरफ्तार
बताया जा रहा है कि दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने का प्रयास कर रहा था, लेकिन सतर्क ग्रामीणों ने उसका पीछा करके पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया और ट्रक को थाने ले गई। घटना के कारणों की जांच पुलिस द्वारा जारी है।
स्थानीय
लोगों
का
आक्रोश
इस हादसे ने एक बार फिर इस खतरनाक मोड़ पर सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही के सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस मोड़ पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन सड़क की खराब दशा सुधारने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने जोर देकर मांग की है कि इस ब्लैक स्पॉट पर तुरंत यातायात नियंत्रण के उचित इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उनका कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते राहगीरों की जान लगातार खतरे में पड़ रही है।
: गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतीक बना दशहरा, मुस्लिम परिवार निभा रहा परंपरा
Thu, Oct 2, 2025
धार्मिक विवादों से दूर रहकर भाईचारे और एकता का संदेश देते हैं मोहम्मद अरमान
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। दशहरे के पर्व पर जहां चारों ओर उल्लास और उमंग का माहौल है, वहीं इस मौके पर जिले में गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल भी देखने को मिल रही है। शुक्लागंज क्षेत्र के मनोहर नगर के रहने वाले एक मुस्लिम परिवार बीते चार पीढ़ियों से रावण की प्रतिमाएँ बनाकर हिंदू समाज के इस प्रमुख पर्व में अहम भूमिका निभा रहा है। यह परंपरा महज कारोबार नहीं, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का जीता-जागता उदाहरण है। परिवार के लोग इसे जिम्मेदारी और गर्व दोनों मानते हुए निभा रहे हैं।
1950 से चली आ रही परंपरा
परिवार के वर्तमान सदस्य मोहम्मद अरमान बताते हैं कि इस परंपरा की शुरुआत उनके दादा ने वर्ष 1950 में की थी। तब से लेकर अब तक तीन पीढ़ियाँ यह जिम्मेदारी निभा चुकी हैं और अब चौथी पीढ़ी भी उसी समर्पण के साथ इसे आगे बढ़ा रही है। इस साल राजधानी मार्ग पर होने वाले दशहरा महोत्सव के लिए विशालकाय रावण की प्रतिमा तैयार करने की जिम्मेदारी भी अरमान ने ही संभाली है।
उन्नाव से बाहर तक जाती हैं प्रतिमाएँ
अरमान के अनुसार, उनके परिवार द्वारा तैयार की गई प्रतिमाएँ केवल उन्नाव ही नहीं, बल्कि हरमापुर, जाजमऊ स्टेट, लाल बंगला, श्याम नगर सहित आसपास के कई क्षेत्रों में भी दहन के लिए भेजी जाती हैं। उनका मानना है कि यह काम केवल रोज़गार का जरिया नहीं, बल्कि एक परंपरा और विरासत है, जिसे निभाना उनका फर्ज है।
नई पीढ़ी को सौंपेंगे जिम्मेदारी
अरमान कहते हैं कि जैसे उनके दादा और पिता ने इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया, वैसे ही वह चाहते हैं कि भविष्य में उनके बच्चे भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएँ। उनके मुताबिक दशहरा केवल धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि इसमें समाज को जोड़ने और सांप्रदायिक एकता का संदेश छिपा है।
विवादों से परे, धर्म का सम्मान
धार्मिक नारों और विवादों पर अरमान का कहना है, “हम इस काम को कारोबार की नजर से देखते हैं। कोई ‘आई लव मोहम्मद’ कहे या ‘आई लव महादेव’, यह उनकी व्यक्तिगत आस्था है। इसका हमारे काम से कोई लेना-देना नहीं है। हम अपने धर्म का पालन करते हुए दूसरों के धर्म का सम्मान करते हैं और समाज में अपनी भूमिका निभाते हैं।”
नौकरी के साथ निभा रहे परंपरा
अरमान और उनके परिवार के सदस्य आम दिनों में अपनी-अपनी नौकरियों में व्यस्त रहते हैं, लेकिन जैसे ही दशहरा नजदीक आता है, पूरा परिवार जुटकर प्रतिमाएँ तैयार करता है। यही वजह है कि हर साल लोग उनके बनाए रावण के दहन का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
साझा संस्कृति का संदेश
यह परंपरा केवल कला या कामकाज भर नहीं है, बल्कि सही मायनों में गंगा-जमुनी तहज़ीब और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। दशहरे जैसे हिंदू पर्व में मुस्लिम परिवार का योगदान इस बात का प्रमाण है कि भारतीय त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि साझा संस्कृति और सामाजिक मेल-जोल के सेतु हैं।
: यूपी के बरेली में 48 घंटे तक इंटरनेट और SMS सेवाएं बंद; यूपी सरकार ने जारी किया आदेश!
Thu, Oct 2, 2025
यूपी के बरेली में 48 घंटे तक इंटरनेट और SMS सेवाएं बंद; यूपी सरकार ने जारी किया आदेश!
उत्तर प्रदेश बरेली : दरअसल बीते शुक्रवार जुमा की नमाज के बाद जनपद में बवाल हो गया था, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था. इस मामले में पुलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष तौकीर रजा समेत करीब 81 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इस बीच शासन ने अगले 48 घंटे तक बरेली में इंटरनेट और एसएमएस सेवा को बंदर रखने का आदेश जारी किया है,
गृह सचिव गौरव दयाल ने इस बाबत पत्र जारी किया है. यह आदेश 2 अक्टूबर शाम 3 बजे से 4 अक्टूबर शाम तीन बजे तक लागू रहेगा,इस दौरान इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और सभी मैसेज सेवाएं बंद रहेंगी, गृह विभाग के गोपन अनुभाग-3 की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग सिस्टम का दुरुपयोग किया जा सकता है,इससे हालात बिगड़ने का अंदेशा रहेगा, शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह जरूरी है,सचिव गौरव दयाल ने आदेश में कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर अफवाहें तेजी से फैलाई जा रही हैं,इससे साम्प्रदायिक तनाव का खतरा पैदा हो जाता है. इसी वजह से यह कदम उठाया गया है
आपको बता दें कि 26 सितंबर को नमाज के बाद सैकड़ों लोग सड़क पर उतर गए थे. नारेबाजी की गई. पुलिस ने इन्हें रोकने का प्रयास किया तो झड़प हो गई थी. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद उनको खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. करीब 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे,इसके बाद से पुलिस-प्रशासन शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों को चिह्नित कर एक्शन ले रही है, साथ ही शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है!