मुर्तजानगर स्टेडियम विवाद : गड़बड़ी के आरोपों को यूपीसीए ने नकारा
Tue, Jun 16, 2026
मोहसिन रजा के आरोपों को बताया निराधार, कहा- अभी नहीं हुआ समतलीकरण और पिच निर्माण
उन्नाव। मुर्तजानगर में प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम को लेकर उठे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) ने अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यूपीसीए पदाधिकारियों का कहना है कि स्टेडियम निर्माण में किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी नहीं हुई है और जिस निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसका एसोसिएशन से कोई संबंध नहीं है।मंगलवार को यूपीसीए के सचिव एवं उत्तर प्रदेश क्रिकेट डेवलपमेंट समिति के अध्यक्ष प्रेम मनोहर गुप्ता कानपुर से लखनऊ जाते समय मुर्तजानगर पहुंचे और स्टेडियम के लिए खरीदी गई भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से केवल जमीन खरीदने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। स्टेडियम निर्माण के लिए अभी तक कोई अलग बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस निर्माण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह जमीन विक्रेता की ओर से कराया गया कार्य है। यूपीसीए का उससे कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में तीन करोड़ रुपये की कथित बंदरबांट अथवा निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश क्रिकेट डेवलपमेंट समिति के अध्यक्ष एवं यूपीसीए के पूर्व कोषाध्यक्ष अरविंद कमल ने दादा मियां चौराहा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुर्तजानगर स्थित प्रस्तावित स्टेडियम परिसर में अभी न तो मैदान का समतलीकरण कराया गया है और न ही पिच निर्माण का कोई कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड अध्यक्ष मोहसिन रजा द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं। अरविंद कमल ने बताया कि वर्तमान में यूपीसीए की प्राथमिकता वाराणसी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद गाजियाबाद और उन्नाव में खरीदी गई जमीनों पर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी। इस दौरान जिला क्रिकेट एसोसिएशन के महामंत्री पीके मिश्रा भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने मुर्तजानगर में करीब 13 हेक्टेयर भूमि खरीदी है। सोमवार को वक्फ बोर्ड अध्यक्ष एवं पूर्व क्रिकेटर मोहसिन रजा ने स्टेडियम स्थल का निरीक्षण कर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि वर्ष 2011 में बीसीसीआई ने स्टेडियम और क्रिकेट अकादमी निर्माण के लिए 21 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए थे। मोहसिन रजा का आरोप था कि मौके पर किसी बड़े निर्माण कार्य के प्रमाण नहीं दिखाई देते, जबकि यूपीसीए अपनी बैलेंस शीट में पिछले कई वर्षों से करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होने का उल्लेख कर रहा है। उन्होंने मामले को वित्तीय अनियमितता से जुड़ा बताते हुए इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की थी।हालांकि, यूपीसीए पदाधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि स्टेडियम निर्माण को लेकर किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी नहीं हुई है और समय आने पर परियोजना को नियमानुसार आगे बढ़ाया जाएगा।
ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन सख्त : रातभर चला चेकिंग अभियान
Tue, Jun 16, 2026
24 घंटे के अभियान में 63 वाहनों का चालान, 29 वाहन जब्त कर 6.25 लाख का जुर्माना
उन्नाव। जिले में अवैध पार्किंग, ओवरलोडिंग और खनिज के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा के निर्देश पर चलाए गए 24 घंटे के विशेष अभियान में परिवहन नियमों की अनदेखी करने वालों पर व्यापक कार्रवाई की गई। संयुक्त टास्क फोर्स ने जिले के विभिन्न मार्गों पर जांच अभियान चलाकर 63 वाहनों का चालान किया, जबकि गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 29 वाहनों को सीज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान कुल 6.25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अभियान के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई जाजमऊ क्षेत्र में सामने आई। सोमवार देर रात सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान करीब 12 बजे एक डंपर को रोककर उसकी जांच की गई। जांच में पता चला कि 47 टन क्षमता वाले वाहन में 73 टन मौरंग लदी हुई थी। यानी डंपर निर्धारित क्षमता से 26 टन अधिक भार लेकर सड़क पर दौड़ रहा था। ओवरलोडिंग की पुष्टि होने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने तत्काल वाहन को सीज करने के निर्देश दिए।अभियान के दौरान केवल ओवरलोडिंग ही नहीं, बल्कि बिना वैध खनिज प्रपत्रों के खनिज परिवहन, सड़क किनारे अवैध पार्किंग, बिना नंबर प्लेट के वाहन संचालन तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले भी बड़ी संख्या में सामने आए। जांच टीम ने ऐसे सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोड वाहन न केवल सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं, बल्कि सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं बिना वैध दस्तावेजों के खनिज परिवहन से सरकारी राजस्व को भी क्षति पहुंचती है। इसी को देखते हुए जिले में लगातार निगरानी बढ़ाई गई है।जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित जांच करने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन में लगे वाहन संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
सीएम के कार्यक्रम की तैयारियां तेज : डीएम-एसएसपी ने परखी व्यवस्थाएं
Tue, Jun 16, 2026
कार्यक्रम स्थल पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर अधिकारियों ने बनाई रणनीति
उन्नाव। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित उन्नाव दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों की रफ्तार बढ़ा दी है। कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम ने सदर कोतवाली क्षेत्र के भौनीखेड़ा पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों से लेकर यातायात, पार्किंग और जनसुविधाओं तक हर बिंदु पर तैयारियों की समीक्षा की।जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह के नेतृत्व में पहुंचे अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का भ्रमण कर विभिन्न विभागों से अब तक हुई तैयारियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने मंच निर्माण, वीआईपी मूवमेंट, आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था और प्रवेश व निकास मार्गों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी कृति राज, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी शैलेन्द्र लाल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ प्रबंधन की रणनीति पर भी चर्चा की। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। कार्यक्रम स्थल के आसपास बैरिकेडिंग, चेकिंग प्वाइंट और पार्किंग स्थलों की स्थिति का निरीक्षण किया गया। साथ ही यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों और वाहन पार्किंग की योजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। डीएम और एसएसपी ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए तैयारियों की लगातार निगरानी की जा रही है और समय-समय पर समीक्षा भी की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आगे भी निरीक्षण और समीक्षा का क्रम जारी रहेगा।