लिफ्ट बनी जाल : बाइक सवार युवक की जेब से 10 हजार उड़ा ले गए शातिर
Wed, Jan 21, 2026
बैंक से रुपये निकालकर घर लौट रहे युवक को रास्ते में बनाया शिकार, दूसरी बाइक से फरार हुए आरोपी
उन्नाव। दही थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े बैंक से रुपये निकालकर घर लौट रहे एक युवक के साथ शातिर तरीके से जेबकटी की वारदात सामने आई है। बाइक सवार युवक ने रास्ते में एक अनजान युवक को लिफ्ट दी और इसी दौरान उसकी जेब से 10 हजार रुपये पार कर दिए गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक पीछे से आई दूसरी बाइक पर बैठकर फरार हो गया। पीड़ित को कुछ देर बाद रुपये गायब होने का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के जयगोविंदखेड़ा गांव निवासी मुन्नीलाल राजपूत ने पुलिस को बताया कि वह कानपुर में एक सोने-चांदी की दुकान पर काम करते हैं। बुधवार दोपहर वह नवाबगंज कस्बा स्थित इलाहाबाद बैंक पहुंचे थे, जहां से उन्होंने 10,500 रुपये निकाले। उनकी बाइक में कुछ खराबी थी, इसलिए रुपये निकालने के बाद वह नवाबगंज में ही एक बाइक मिस्त्री के पास गए, लेकिन मिस्त्री वहां मौजूद नहीं मिला। इसके बाद मुन्नीलाल ने दही थाना क्षेत्र में स्थित एक्सिस बैंक जाने का फैसला किया, जहां उनकी पत्नी कुसमा का खाता है। उन्होंने सोचा कि वहां से भी कुछ रुपये निकाल लिए जाएं। मुन्नीलाल ने 500 रुपये शर्ट की जेब में और 10 हजार रुपये पैंट की जेब में रखे और बाइक से निकल पड़े। जब वह बशीरतगंज इलाके में बसहा के पास पहुंचे, तभी सड़क पर खड़े दो युवकों ने उनकी बाइक रुकवाई। इनमें से एक युवक के हाथ में चटाई थी। उसने लिफ्ट मांगी। पहले तो मुन्नीलाल ने मना कर दिया, लेकिन युवक के बार-बार आग्रह करने पर उसे बाइक पर बैठा लिया। बाइक चलने के दौरान पीछे बैठे युवक ने कई बार अपनी सीट बदली और आगे की ओर झुकने लगा। इस पर मुन्नीलाल ने उसे ठीक से बैठने के लिए टोका भी, लेकिन उसने बात को टाल दिया। कुछ दूरी तय करने के बाद युवक बैंक के सामने उतर गया। उसी समय पीछे से एक और बाइक आई, जिस पर बैठकर वह उन्नाव की ओर फरार हो गया। कुछ आगे बढ़ने पर मुन्नीलाल को शक हुआ। उन्होंने बाइक रोककर देखा तो पैंट की जेब कटी हुई थी और उसमें रखे 10 हजार रुपये गायब थे। तब जाकर उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। दही थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जाएगी, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सके।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई : 36 करोड़ की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराया
Wed, Jan 21, 2026
नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जा, प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर लिया एक्शन
उन्नाव। जनपद में बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए बैठे भू-माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सदर तहसील के कटरी पीपरखेड़ा इलाके में राजस्व विभाग की अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में शामिल इस अभियान के तहत बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे ध्वस्त किए गए। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कटरी पीपरखेड़ा क्षेत्र में 18 बीघा से अधिक सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। यह जमीन बेशकीमती बताई जा रही है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 36 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में सामने आया कि सरकारी भूमि पर पक्के और कच्चे निर्माण खड़े कर दिए गए थे और इन्हें आगे अवैध रूप से बेचने और सौदे कराने का सिलसिला भी चल रहा था।
जानिए पूरा मामला
कटरी पीपरखेड़ा गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला लंबे समय से चला आ रहा था। जिस पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल निषाद के अनुसार अवैध कब्जे को लेकर कई बार शिकायत की थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से कब्जाधारकों के हौसले बढ़ते गए। बता दें कि यह मामला गांव स्थित खाता संख्या 2078 और 2011 से जुड़ा है, जिनका कुल रकबा लगभग 9 और 10 बीघा है। भू-माफिया वर्षों से इन सरकारी जमीनों पर बाउंड्री कराकर अवैध रूप से प्लॉट काटते और उन्हें बेचते रहे। खाता संख्या 2011 में नए कब्जे और निर्माण की शिकायत लेकर पिछले सप्ताह प्रधान प्रतिनिधि अनिल निषाद स्वयं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सहायक अभिलेख अधिकारी प्रशांत नायक को शिकायती पत्र सौंपा था। अभिलेख अधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद राजस्व विभाग ने अभिलेखों के आधार पर विस्तृत जांच कराई, जिसमें जमीन के सरकारी होने और उस पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई। नियमानुसार कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश भी दिए गए, लेकिन तय समय सीमा के बावजूद कब्जे नहीं हटाए गए। नोटिस का पालन न होने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया।
बुधवार को सहायक अभिलेख अधिकारी प्रशांत नायक के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए थे। इसके बाद बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध कब्जा करने वालों में से कोई भी मालिकाना हक जताने सामने नही आया। वहीं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे। लोगों का कहना था कि इलाके में वर्षों से सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायतें सामने आ रही थीं, लेकिन अब जाकर ठोस और निर्णायक कार्रवाई देखने को मिली है।
जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि: प्रशांत नायक
सहायक अभिलेख अधिकारी प्रशांत नायक ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच में कीमती सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया था। संबंधित लोगों को पूर्व में नोटिस दिए गए, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद मौके पर कार्रवाई कर अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। उन्होनें बताया कि कार्रवाई के दौरान मौके पर कोई व्यक्ति नहीं मिला। किसने कब्जा किया, इसकी भी जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विदेशी कंपनियों का बढ़ता भरोसा : उद्योगों से जिले का भविष्य चमकेगा
Wed, Jan 21, 2026
डिफेंस कॉरिडोर, एचएमए निवेश से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
उन्नाव। अब सिर्फ उन्नाव एक जिला नहीं, बल्कि औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बनता जा रहा है। लखनऊ–कानपुर हाईवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के संगम पर स्थित यह जिला आने वाले वर्षों में प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाने वाला है। यहां औद्योगिक गलियारे के साथ-साथ रक्षा उद्योग गलियारा विकसित करने की तैयारी ने उन्नाव को निवेशकों के रडार पर ला दिया है। सदर तहसील के सराय कटियान गांव के पास 132 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक गलियारा तेजी से आकार ले रहा है। शासन की ओर से इसके लिए 186 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। सड़क, बिजली, पानी, सीईटीपी और पेट्रोल पंप जैसी बुनियादी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है ताकि यहां उद्योग लगाने वालों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासन की योजना इसे आगे फेज-दो में 316 हेक्टेयर तक विस्तार देने की है। इसी औद्योगिक गलियारे के पास रक्षा उद्योग गलियारा स्थापित करने की भी तैयारी है। इसके लिए 230 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिसमें करीब 40 हेक्टेयर सरकारी और शेष किसानों की जमीन है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। प्रशासन ने भूमि चिह्नांकन का काम पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी के मुताबिक उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने रक्षा उद्योग गलियारे के लिए भूमि की मांग की थी। जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। यह गलियारा रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने में मदद करेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। उन्नाव की सबसे बड़ी ताकत उसकी भौगोलिक स्थिति है। लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े शहरों से नजदीकी, एक राष्ट्रीय राजमार्ग और दो एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी इसे देशी और विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षक बनाती है। यही वजह है कि यहां निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। विदेशी निवेश भी उन्नाव की औद्योगिक कहानी को नई ऊंचाई दे रहा है। यूएई का शाही परिवार यहां करीब चार हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। उनकी कंपनी फिश हैचरी, प्रोसेसिंग प्लांट और फीड प्लांट की स्थापना करेगी। इससे मत्स्य पालन और उससे जुड़े रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा पोलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी कैनपैक यहां 65 एकड़ भूमि पर कैन निर्माण संयंत्र लगाने जा रही है। कंपनी करीब 1300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस प्लांट में शीतल पेय, एनर्जी ड्रिंक और बियर के लिए कैन बनाए जाएंगे। अनुमान है कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पांच हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
उन्नाव के औद्योगिक विकास में मांस निर्यातक एचएमए ग्रुप की भूमिका भी लगातार मजबूत होती जा रही है। एचएमए ग्रुप पहले से ही दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में अपनी मांस निर्यात इकाई संचालित कर रहा है, जिसकी शाखाएं दिल्ली, अलीगढ़ और आगरा में भी हैं। अब ग्रुप दुबई की स्नैक फूडस्टफ एलएलसी कंपनी के साथ मिलकर करीब 2000 करोड़ रुपये का नया निवेश करने जा रहा है। इस साझेदारी के तहत उन्नाव में एक आधुनिक कृषि उत्पाद पैकेजिंग और निर्यात इकाई स्थापित की जाएगी। यह इकाई केवल मीट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मछली, चावल और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और निर्यात में भी अहम भूमिका निभाएगी। इससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी और जिले को एक मजबूत निर्यात हब के रूप में पहचान मिलेगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार एचएमए ग्रुप का यह विस्तार उन्नाव में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देगा और सप्लाई चेन से जुड़े हजारों छोटे कारोबारियों और मजदूरों को रोजगार से जोड़ेगा।
जिलाधिकारी गौरांग राठी के अनुसार औद्योगिक और रक्षा औद्योगिक गलियारों के जरिए उन्नाव प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इसके लिए जिले में वन ट्रिलियन डॉलर सेल का गठन किया गया है, जिसमें अधिकारी, उद्यमी और निवेशकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह सेल हर महीने बैठक कर निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं पर काम करेगी। प्रशासन का अनुमान है कि आने वाले समय में दोनों गलियारों में करीब दो हजार छोटे-बड़े उद्योग स्थापित होंगे। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि उन्नाव एक मजबूत औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। कुल मिलाकर, उन्नाव अब कृषि प्रधान जिले से आगे बढ़कर औद्योगिक विकास की नई कहानी लिखने की ओर बढ़ रहा है।