15 दिन बाद खेत में मिली बुजुर्ग की लाश : शराब पार्टी के बहाने ले जाने का आरोप
Sun, Feb 22, 2026
7 फरवरी से लापता थे शिवपाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
उन्नाव। पुरवा कोतवाली क्षेत्र में एक बुजुर्ग की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। करीब पंद्रह दिन से लापता 65 वर्षीय शिवपाल रावत का शव रविवार शाम अरहर के खेत में सड़ी-गली हालत में मिला। शुरुआती परिस्थितियां महज गुमशुदगी की कहानी नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश की ओर इशारा कर रही हैं।
खेत में अलग रहते थे शिवपाल
शिवपाल रावत मूल रूप से भूपतिपुर गांव के रहने वाले थे। परिवार के मुताबिक वह गांव के बाहर अपने खेत में बनी झोपड़ी में अकेले रहते थे। उनकी बहू रेनू गांव के मकान में देवरानी और बच्चों के साथ रहती है। बड़ा बेटा राजकुमार सऊदी अरब में काम करता है, जबकि छोटा बेटा बबलू राजस्थान के गंगानगर में मजदूरी करता है। रेनू के अनुसार, 7 फरवरी को शिवपाल उनसे मिलने गांव आए थे। इसके बाद वह वापस खेत की ओर लौट गए। उसी शाम गांव के एक व्यक्ति रामबाबू ने बताया कि शिवपाल कई दिनों से खेत पर नजर नहीं आए हैं। परिवार ने खोजबीन शुरू की और 20 फरवरी को गुमशुदगी की तहरीर पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी।
बदबू ने खोला राज
रविवार शाम खोजबीन के दौरान शिवपाल की बेटी सुनीता और दामाद नीलेश पुरवा-मझिगवां मार्ग पर असेहरु गांव के पास पहुंचे। कस्बा निवासी गुड्डू के अरहर के खेत से तेज बदबू आ रही थी। शक होने पर जब वे खेत के अंदर गए तो वहां शिवपाल का शव औंधे मुंह पड़ा मिला। शव बुरी तरह सड़ चुका था। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अमरनाथ यादव मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
शराब पिलाने के बहाने ले जाने का आरोप
बेटी सुनीता का आरोप है कि गांव के ही रामबाबू 7 फरवरी को उनके पिता को अपने साथ ले गया था। उन्हें पुरवा कस्बे के पास जंगलीपीर बाबा स्थल के निकट लखन नाम के व्यक्ति के घर शराब पीने के लिए ले जाया गया। सुनीता का कहना है कि उनके पिता ने कुछ समय पहले लखन की चारपाई बनाई थी और उसी जान-पहचान के आधार पर बुलाया गया था। परिवार को शक है कि वहीं हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया गया। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। थाना प्रभारी अमरनाथ यादव ने बताया कि गुमशुदगी पहले से दर्ज थी। अब बेटे बबलू की तहरीर के आधार पर गांव के दो लोगों के खिलाफ हत्या की आशंका में केस दर्ज किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण साफ होंगे और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कई सवाल खड़े
इस घटना ने स्थानीय पुलिस की गश्त और निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के बाहर खेत में शव पड़े रहने के बावजूद कई दिनों तक किसी को भनक न लगना चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश दोनों हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। विदेश और दूसरे राज्यों में काम कर रहे बेटों को सूचना दे दी गई है। फिलहाल सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पर टिकी है, जो तय करेगी कि यह मौत हादसा थी, या दोस्ती की आड़ में रची गई साजिश।
बरात की अगवानी में चली गोली : डांस को लेकर शुरू हुआ विवाद बना जानलेवा
Sun, Feb 22, 2026
भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता समेत चार पर मुकदमा, पुलिस ने शुरू की तलाश
उन्नाव। हसनगंज कोतवाली इलाके में एक शादी समारोह उस वक्त अफरातफरी में बदल गया, जब डांस को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद गोलीबारी तक पहुंच गया। शनिवार रात अजमाखेड़ा गांव में बरात की अगवानी के दौरान दो चचेरे भाइयों को गोली मार दी गई। दोनों के हाथ में गोली लगी है और हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
डीजे पर धक्का-मुक्की, बढ़ा बवाल
जानकारी के मुताबिक बक्शीखेड़ा निवासी रामस्वरूप के बेटे प्रदीप की बरात आदमपुर भाषी के मजरा अजमाखेड़ा गई थी। रात करीब 11 बजे द्वाराचार और अगवानी की रस्म चल रही थी। डीजे पर डांस के दौरान दूल्हे के ममेरे भाई शिवा और आकाश की बरात में आए कुछ युवकों से कहासुनी हो गई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, पहले धक्का-मुक्की हुई, फिर दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। परिवार और अन्य बरातियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। कुछ देर के लिए माहौल सामान्य भी हो गया। लेकिन यह शांति ज्यादा देर नहीं टिक सकी। आरोप है कि थोड़ी देर बाद धर्मेंद्र लोधी अपने साथियों के साथ लौटा और असलहे से फायरिंग कर दी। दो गोलियां चलीं और दोनों शिवा और आकाश के दाहिने हाथ में जा लगीं। गोली लगते ही समारोह में भगदड़ मच गई।
दूल्हे के रिश्तेदार घायल
घायल शिवा (24) और आकाश (25) रिश्ते में चचेरे भाई हैं और दूल्हे के ममेरे भाई बताए जा रहे हैं। दोनों नवई अजगैन क्षेत्र के रहने वाले हैं। पहले उन्हें सीएचसी हसनगंज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत देखते हुए डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया।
भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता पर केस
घायल आकाश के भाई विकास ने पुलिस को दी तहरीर में धर्मेंद्र लोधी का नाम लिया है। आरोप है कि धर्मेंद्र भाजपा से जुड़ा कार्यकर्ता है और दूरसंचार समिति का सदस्य बताया जा रहा है। वह मोहान–मलिहाबाद मार्ग पर बक्शीखेड़ा के सामने पेट्रोल पंप भी चलाता है। तहरीर में धर्मेंद्र के साथ करन, कपिल और एक अन्य युवक को भी नामजद किया गया है।
तीन नामजद, एक अज्ञात पर केस
सीओ हसनगंज अरविंद चौरसिया के मुताबिक, तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि मौके पर असलहा कैसे पहुंचा और विवाद की असली वजह क्या थी।
सवाल भी उठे
गांव में शादी समारोह के दौरान फायरिंग की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि अगर समय रहते सख्ती होती तो मामला इतना नहीं बढ़ता। फिलहाल दोनों घायल युवकों का इलाज जारी है और परिवार सदमे में है। शादी का जश्न कुछ ही मिनटों में दहशत में बदल गया। अब सबकी नजर पुलिस कार्रवाई और आरोपितों की गिरफ्तारी पर टिकी है।
सीओ हसनगंज ने ठगों को ही उलझाया : बातचीत में खोला साइबर गिरोह का खेल
Sun, Feb 22, 2026
26 कॉल कर लोन का लालच, एपीके भेजकर जाल बिछाया, सतर्कता से साजिश नाकाम
उन्नाव। साइबर ठगी के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाने वाले सीओ हसनगंज अरविंद कुमार चौरसिया इस बार खुद ठगों के निशाने पर आए, लेकिन कहानी यहां पलट गई। कॉल आते ही उन्होंने अंदाजा लगा लिया कि मामला संदिग्ध है। इसके बाद उन्होंने फोन काटने के बजाय बातचीत जारी रखी और ठगों के तौर तरीके समझने की कोशिश की। नतीजा यह रहा कि शातिरों की चाल वहीं बेनकाब हो गई। शनिवार सुबह करीब आठ बजे से दोपहर 12 बजे के बीच उनके सीयूजी नंबर पर अलग अलग मोबाइल नंबरों से लगातार कॉल आने लगीं। चार घंटे में 26 बार फोन किया गया। कुछ कॉल उन्होंने जानबूझकर उठाईं। दूसरी तरफ मौजूद लोग खुद को निजी बैंक और वित्तीय कंपनियों का प्रतिनिधि बता रहे थे।
लालच का पूरा स्क्रिप्ट तैयार था
कॉल करने वालों ने पहले भरोसा बनाने की कोशिश की। कहा गया कि उनका नंबर “प्री-अप्रूव्ड” सूची में है। बेहद कम ब्याज पर पर्सनल लोन, तुरंत जारी होने वाला क्रेडिट कार्ड और विशेष बैंकिंग ऑफर देने की बात कही गई। भाषा विनम्र थी और बातचीत पूरी तरह पेशेवर अंदाज में की जा रही थी। सीओ ने सामान्य ग्राहक की तरह बातचीत आगे बढ़ाई। उन्होंने पूछा कि लोन कैसे मिलेगा, प्रक्रिया क्या है, दस्तावेज कहां जमा होंगे। जैसे जैसे सवाल बढ़ते गए, कॉलर विस्तार से बताता गया। इसी दौरान व्हाट्सएप पर दो अलग अलग बैंकों के नाम से एपीके फाइल भेजी गई और कहा गया कि उसे डाउनलोड कर फॉर्म भरना होगा।
यहीं से खुलने लगी परतें
सीओ ने फाइल डाउनलोड नहीं की। उन्होंने उल्टा कॉलर से कंपनी का पंजीकरण नंबर, शाखा का पता और अधिकृत पहचान पत्र की जानकारी मांगी। साथ ही पूछा कि बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से यह प्रक्रिया क्यों नहीं कराई जा रही। सवाल सुनते ही दूसरी तरफ से जवाब गोलमोल होने लगे।बातचीत के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि ठग पहले लालच देते हैं, फिर जल्दी फैसला लेने का दबाव बनाते हैं। एपीके फाइल के जरिए मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल कराया जाता है, जिससे बैंकिंग डिटेल, ओटीपी और निजी जानकारी तक पहुंच बनाई जाती है। इसके बाद खाते से रकम साफ कर दी जाती है।
तकनीकी जांच में बाहर का कनेक्शन
मामले को हल्के में न लेते हुए संबंधित नंबरों को तुरंत सर्विलांस पर लगाया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि इस्तेमाल की गई सिम राजस्थान के भरतपुर जनपद से जारी हुई थीं और उनकी लोकेशन गांव मिलकपुर के आसपास मिली। सभी नंबर साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराकर ब्लॉक करा दिए गए हैं। तकनीकी टीम कॉल डाटा और पैटर्न का विश्लेषण कर रही है।
“सतर्क रहें, जल्दबाजी न करें”
सीओ हसनगंज अरविंद कुमार चौरसिया ने कहा कि साइबर अपराधी बेहद सुनियोजित तरीके से काम करते हैं। वे बातचीत में भरोसा पैदा करते हैं और फिर तकनीकी जाल बिछाते हैं। आम लोगों से अपील है कि अनजान कॉल पर बैंकिंग या निजी जानकारी साझा न करें। किसी भी एपीके फाइल या संदिग्ध लिंक को डाउनलोड न करें। उन्होंने कहा कि बैंक या सरकारी संस्थाएं फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगतीं। अगर ऐसी कॉल आए तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या साइबर पोर्टल पर रिपोर्ट करें। यह घटना सिर्फ एक असफल ठगी की कोशिश नहीं, बल्कि यह भी दिखाती है कि जागरूकता और थोड़ी सतर्कता से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। इस बार ठगों ने गलत नंबर मिला लिया था।