पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल : तीन सीओ समेत कई दरोगाओं के कार्यक्षेत्र बदले
Sun, Jun 21, 2026
कई सर्किल और चौकियों की जिम्मेदारी बदली, नए अधिकारियों को मिली कमान
उन्नाव। जिले में कानून व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने तीन क्षेत्राधिकारियों (सीओ) समेत कई उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदलते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। माना जा रहा है कि यह बदलाव अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था को और बेहतर बनाने की रणनीति का हिस्सा है। जारी आदेश के तहत नवागत पुलिस उपाधीक्षक हर्ष मोदी को क्षेत्राधिकारी बांगरमऊ नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले बरेली में तैनात थे। उनके अधीन बांगरमऊ, औरास, आसीवन और बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र रहेंगे। वहीं, सीओ सिटी दीपक यादव को अब क्षेत्राधिकारी सफीपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके कार्यक्षेत्र में सफीपुर, माखी और फतेहपुर चौरासी थाने शामिल किए गए हैं। इसके अलावा विनी सिंह को क्षेत्राधिकारी नगर, पुलिस लाइन और साइबर क्राइम का दायित्व दिया गया है। उनके अधीन कोतवाली नगर, गंगाघाट, दही थाना, महिला थाना और साइबर क्राइम थाना रहेंगे। साथ ही पुलिस लाइन, परिवार परामर्श केंद्र, विशेष जांच प्रकोष्ठ और वीआईपी सेल की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी। इसी क्रम में कई उपनिरीक्षकों के भी तबादले किए गए हैं। प्रकाश पाण्डेय को पुलिस लाइन से चौकी प्रभारी पाटन, थाना बिहार भेजा गया है। जितेंद्र कुमार को चौकी प्रभारी कोल्हुआगढ़ा, थाना अचलगंज की जिम्मेदारी दी गई है। जय प्रकाश भारती को कोल्हुआगढ़ा से बेथर चौकी, थाना अचलगंज स्थानांतरित किया गया है। आदित्य कुमार मौर्य को पुलिस लाइन से चौकी प्रभारी सिविल लाइन, थाना कोतवाली बनाया गया है, जबकि पंकज राज शारदा को वहां से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है। धीरेंद्र कुमार यादव को थाना अचलगंज और लल्लू सिंह भदौरिया को थाना मौरावां में तैनाती मिली है। एसपी जय प्रकाश सिंह ने सभी अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण कर जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि यह फेरबदल जिले में पुलिसिंग को और ज्यादा सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बिना सीखे मिल रहा ड्राइविंग सर्टिफिकेट : दो सेंटरों पर उठे सवाल
Sat, Jun 20, 2026
शिकायत के बाद जांच की मांग, नियमों के उल्लंघन पर हो सकती है सख्त कार्रवाई
उन्नाव। जिले के दो मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों पर बिना प्रशिक्षण दिए ही ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायत अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जांच की मांग तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार शहर के निराला नगर स्थित बालाजी मोटर ट्रेनिंग स्कूल और सफीपुर क्षेत्र के जमालदीपुर स्थित अर्नव ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल पर आरोप है कि वहां प्रशिक्षण की निर्धारित प्रक्रिया पूरी कराए बिना ही अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग सर्टिफिकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वाहन चलाने की दक्षता साबित करने का अहम आधार होता है। ऐसे में यदि बिना प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं तो यह सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। साथ ही इससे लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को शिकायत देकर दोनों संस्थानों की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और न ही दोनों प्रशिक्षण केंद्रों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
लोनी ड्रेन की पटरी पर कब्जे की शिकायत : सिंचाई विभाग ने लिया संज्ञान
Sat, Jun 20, 2026
अधिशासी अभियंता बोले, बाउंड्री वॉल नहीं हटाई तो होगी सख्त कार्रवाई
उन्नाव। जनपद की ऐतिहासिक लोनी ड्रेन की पटरी पर कथित कब्जे की शिकायत सामने आने के बाद सिंचाई विभाग हरकत में आ गया है। मामले का संज्ञान लेते हुए विभाग ने निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया है और संबंधित लोगों को चेतावनी जारी की है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लोनी ड्रेन की पटरी किसानों के खेतों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता रही है। ड्रेन की सफाई और रखरखाव के दौरान विभागीय टीमें भी इसी मार्ग का उपयोग करती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समय के साथ पटरी की चौड़ाई लगातार कम होती जा रही है, जिससे आवाजाही प्रभावित होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सार्वजनिक उपयोग की इस पटरी पर अतिक्रमण बढ़ता रहा तो किसानों को खेतों तक पहुंचने में दिक्कत होगी और सिंचाई विभाग के रखरखाव कार्यों में भी बाधा आएगी। लोनी ड्रेन कानपुर-लखनऊ हाईवे से जुड़ी महत्वपूर्ण ड्रेन मानी जाती है। मामले की जानकारी मिलने पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता गगन कुमार शुक्ला ने निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रेन की पटरी पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अधिशासी अभियंता ने बताया कि संबंधित लोगों को कथित कब्जा हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि बनाई जा रही बाउंड्री वॉल नहीं हटाई गई तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभागीय कार्रवाई शुरू हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की इस महत्वपूर्ण पटरी को अतिक्रमण मुक्त कराना किसानों और विभाग दोनों के हित में जरूरी है।