हेराफेरी : प्लाट के कागजों में खेल कर दूसरे की जमीन पर जमाने चले थे कब्जा, दो भाई गिरफ्तार
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Tue, Aug 11, 2026
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी एफआईआर; जांच में खुली कूटरचित दस्तावेजों की पोल
उन्नाव। प्लाट की खरीद-फरोख्त के बाद जमीन पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। आरोप है कि दो सगे भाइयों ने जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर कर गाटा संख्या ही बदल दी और उसके आधार पर प्लाट पर अपना दावा करने लगे। शिकायत के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा तो कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो दोनों भाइयों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी के पर्याप्त साक्ष्य मिले। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
2024 में खरीदा था 420 वर्गमीटर का प्लाट
सदर कोतवाली क्षेत्र के गिरजाबाग निवासी आसिफ अली के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2024 में दही थाना क्षेत्र के चांदपुर में 420 वर्गमीटर जमीन का प्लाट खरीदा था। जमीन की खरीद के बाद उसका बैनामा भी कराया गया था। आसिफ का कहना है कि कुछ समय बाद उन्हें जानकारी हुई कि उनकी जमीन को लेकर कुछ लोगों की ओर से अलग दावा किया जा रहा है। आरोप है कि संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर कर गाटा संख्या 475 को बदलकर 415 दर्शाया गया। इसी बदले हुए विवरण के आधार पर जमीन पर अधिकार जताने और कब्जे की कोशिश की गई। मामला सामने आने के बाद आसिफ ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
तहसील से पुलिस तक लगाई गुहार, नहीं हुई कार्रवाई
पीड़ित ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी की जानकारी होने के बाद तहसील और पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जब कार्रवाई नहीं हुई तो उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में पूरे मामले की जानकारी देते हुए कूटरचित अभिलेख तैयार कर जमीन पर अवैध दावा करने का आरोप लगाया गया। न्यायालय के आदेश के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने आठ नवंबर 2025 को मामले में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने दस्तावेजों और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
जांच में सामने आए दो भाइयों के नाम
पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान दस्तावेजों में की गई कथित कूटरचना और जमीन पर किए जा रहे दावे की जांच की गई। इसी दौरान प्रेमचंद्र और उसके भाई राजबहादुर निवासी चांदपुर, थाना दही के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों की भूमिका की जांच की और संबंधित दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों को जुटाया। विवेचना में दोनों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने सोमवार को दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
दस्तावेजों की जांच से खुला मामला
पुलिस के अनुसार, मामला सिर्फ जमीन के कब्जे के विवाद तक सीमित नहीं था। विवेचना में दस्तावेजों में गाटा संख्या बदलने और उन्हीं कागजों के आधार पर जमीन पर दावा करने का आरोप सामने आया। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
कोतवाल का कहना
सदर कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि विवेचना के दौरान कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज लगाने और धोखाधड़ी करने के मामले में प्रेमचंद्र और उसके भाई राजबहादुर के नाम प्रकाश में आए थे। दोनों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य मिलने पर सोमवार को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
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