Fri 19 Jun 2026

ब्रेकिंग

मेयर विनोद अग्रवाल रहे विशिष्ट अतिथि PM मोदी का मिला वर्चुअल मार्गदर्शन, युवाओं से कौशल और परिश्रम से राष्ट्र निर्माण

ससुराल जाते समय हादसे का शिकार हुआ अधेड़

एंटी करप्शन टीम द्वारा कैंटीन में जाल बिछाकर गिरफ्तार करने से क्षेत्र में फैली सनसनी

साधु हत्याकांड के आरोपी के एनकाउंटर की होगी पड़ताल

570 करोड़ की 101 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

सरकारी आवास में फर्जीवाड़ा : पहले से मकान होने के बावजूद दोबारा जारी कर दी किस्त, रैनापुर के ग्राम सचिव पर केस दर्ज

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Wed, Apr 29, 2026
Post views : 146


उन्नाव। नवाबगंज विकासखंड की रैनापुर ग्राम पंचायत में सरकारी आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। पहले से आवास का लाभ ले चुके लाभार्थियों को दोबारा सूची में शामिल करने के आरोप में ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जांच जारी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।मामला तब खुला जब रैनापुर की रहने वाली शाहीन बेगम ने परियोजना निदेशक, डीआरडीए को शिकायत भेजी। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री आवास योजना में निराश्रित महिला श्रेणी में चयन होने के बावजूद उन्हें कोई धनराशि नहीं मिली। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए परियोजना निदेशक ने नवाबगंज ब्लॉक स्तर पर जांच कराई। जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया। अधिकारियों को पता चला कि शाहीन बेगम को करीब दस साल पहले इंदिरा आवास योजना के तहत 70 हजार रुपये मिल चुके थे और उनका पक्का मकान भी बन चुका है। इसके बावजूद उन्हें फिर से वर्ष 2025-26 की सूची में शामिल कर लिया गया। केवल शाहीन बेगम ही नहीं, बल्कि गांव की आफरीन, बदरुन्निसा, गंगाजली और शांति जैसी अन्य महिलाओं के नाम भी सूची में पाए गए, जिन्हें पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका था। आरोप है कि इन सभी को दोबारा निराश्रित महिला श्रेणी में चयनित कर लिया गया और शाहीन को छोड़कर बाकी लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये भी भेज दिए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी बीडीओ नवाबगंज शशांक चौधरी ने अजगैन कोतवाली में ग्राम विकास अधिकारी सुशील कुमार के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी सुरेश कुमार के अनुसार, पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है और यदि वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। खासतौर पर उन योजनाओं पर, जिनका उद्देश्य जरूरतमंदों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच में और क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन