आनंद घाट पहुंचे डीएम और एसएसपी : कांवड़ यात्रा से पहले गंगा घाटों का लिया जायजा
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sat, Jul 25, 2026
बाढ़ से निपटने के लिए विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश
उन्नाव। सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ और बारिश के मौसम में बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार दोपहर डीएम घनश्याम मीणा और एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने आनंद घाट पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने नाव से गंगा के तटीय इलाकों का निरीक्षण किया और सुरक्षा इंतजामों के साथ ही कटान प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए घाटों पर व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं। घाटों पर मजबूत बैरिकेडिंग कराने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और अस्थायी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के साथ स्वयंसेवकों की भी मदद लेने को कहा गया।
महिलाओं के लिए अलग चेंजिंग रूम, मोबाइल टॉयलेट भी होंगे
प्रशासन ने घाटों पर साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष जोर दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए। महिलाओं के लिए अलग चेंजिंग रूम और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि स्नान के दौरान किसी को परेशानी न हो।
नाव से पहुंचे तटीय इलाकों में
डीएम और एसएसपी ने अधिकारियों के साथ नाव से गंगा के तटीय क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान बाढ़ की स्थिति में संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्रों और कटान प्रभावित इलाकों की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए।
गोताखोर मोहल्ला और मिश्रा घाट पर विशेष नजर
निरीक्षण के दौरान गोताखोर मोहल्ला और मिश्रा घाट समेत कटान की आशंका वाले क्षेत्रों को लेकर भी अधिकारियों ने जानकारी ली। सिंचाई विभाग को इन इलाकों में कटान रोकने के लिए चल रहे काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि बारिश और गंगा का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कटान प्रभावित क्षेत्रों में जियोबैग और पोरक्यूपाइन लगाने का काम भी तेजी से पूरा करने को कहा गया, जिससे तटों को कटान से बचाया जा सके। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी भी बदलाव की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीएम सुशील कुमार गोंड, एसडीएम राजेश विश्वकर्मा समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा और संभावित बाढ़ को लेकर सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। प्रशासन का फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और बाढ़ से बचाव पर रहेगा।
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