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टीएमसी झंडे प्रिंट वाले गद्दों पर फर्म की सफाई नहीं आई काम : अब दो और नोटिस के बाद ब्लैकलिस्ट की तैयारी

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Tue, Aug 4, 2026
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68.85 लाख रुपये का भुगतान पहले से रुका; अधिकारी बोले, जवाब संतोषजनक नहीं मिला

उन्नाव। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में नवविवाहित जोड़ों को दिए गए टीएमसी झंडे जैसे प्रिंट वाले गद्दों का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। गद्दों की सप्लाई करने वाली अलीगढ़ की फर्म ने जिला समाज कल्याण विभाग को ईमेल के जरिए अपना जवाब भेज दिया है, लेकिन विभाग इस सफाई से संतुष्ट नहीं है। अब फर्म को नियमानुसार दो और नोटिस भेजे जाएंगे। यदि इसके बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। 24 जुलाई को हड़हा स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस समारोह में सैकड़ों नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का सामान उपहार स्वरूप दिया गया। इन्हीं उपहारों में शामिल कुछ गद्दों का कवर चर्चा का विषय बन गया। गद्दों का रंग हरा, सफेद और केसरिया था तथा उन पर फूलों की डिजाइन के साथ अंग्रेजी में टीएमसी लिखा हुआ था। लोगों ने इसे पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के झंडे से मिलता-जुलता बताया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। जांच में सामने आया कि इन गद्दों की आपूर्ति अलीगढ़ के बरौली रोड, पटवारी का नगर स्थित मेसर्स इंडियन जनरल ट्रेडर्स ने की थी। मामला सामने आने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री प्रकाश पांडेय ने फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। अब फर्म की ओर से ईमेल के माध्यम से जवाब भेजा गया है, लेकिन विभाग का कहना है कि उसमें उठाए गए सवालों का स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि सरकारी प्रक्रिया के तहत किसी भी फर्म को कार्रवाई से पहले तीन अवसर दिए जाते हैं। पहला जवाब असंतोषजनक मिलने के बाद अब दो और नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि इसके बाद भी फर्म अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाती है तो उसे काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डालने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित फर्म का करीब 68.85 लाख रुपये का भुगतान पहले ही रोक दिया गया है। अंतिम निर्णय फर्म के अगले जवाब और नियमानुसार पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा। इस पूरे मामले ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सामग्री की गुणवत्ता और सप्लाई प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर विभाग की अगली कार्रवाई और फर्म के जवाब पर टिकी हुई है।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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