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होली पर दोस्ती नगर में गूंजे फाग के सुर : मंदिरों से घर-घर तक पहुंची रंग और रस की परंपरा

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Thu, Mar 5, 2026
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ढोलक की थाप पर गांव में छाया भक्ति और उल्लास का रंग


उन्नाव। होली का रंग इस बार शहर से सटे गांव दोस्ती नगर में कुछ खास अंदाज में नजर आया। यहां रंग खेलने के बाद पारंपरिक फाग गायन ने पूरे गांव को एक सूत्र में पिरो दिया। ढोलक की थाप और झांझ की छनकार के बीच जब फाग के बोल उठे तो माहौल भक्ति, उल्लास और अपनत्व से भर गया।गांव में फागोत्सव की अगुवाई पूर्व प्रधान वीरेन्द्र सिंह ने की। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया। रंगोत्सव के बाद फाग की टोली सबसे पहले गांव के प्राचीन मंदिरों में पहुंची। वहां देवी-देवताओं के समक्ष पारंपरिक फाग गाए गए। इसके बाद यह टोली घर-घर जाकर लोगों को होली की शुभकामनाएं देती रही। फाग गायन सिर्फ गीत-संगीत तक सीमित नहीं रहा। यह गांव के आपसी रिश्तों को मजबूत करने का जरिया भी बना। बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी इसमें शामिल हुए। कई घरों के आंगन में लोगों ने टोली का स्वागत अबीर-गुलाल और मिठाई से किया। माहौल ऐसा था जैसे पूरा गांव एक परिवार हो।
ग्रामीणों का कहना है कि बदलते समय में जहां कई पारंपरिक आयोजन सिमटते जा रहे हैं, वहीं दोस्ती नगर में फाग की यह परंपरा आज भी जीवित है। यहां लोग इसे सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत मानते हैं। हर साल होली के मौके पर फाग की टोली बनती है और पूरे गांव में घूमकर गीत गाए जाते हैं।
पूर्व प्रधान वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना जरूरी है। फाग जैसे आयोजन गांव की पहचान हैं। इसलिए सभी ग्रामवासियों के सहयोग से इसे लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। होली के रंगों के बीच जब फाग के सुर उठे तो दोस्ती नगर में उत्सव का रंग और गहरा हो गया। यह आयोजन सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि आपसी मेलजोल और भाईचारे की मिसाल बनकर सामने आया।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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