कलाकारों की प्रस्तुति पर गूंजी तालियां, दर्शकों ने किया स्वागत
उन्नाव। हिंदी रंगमंच दिवस के मौके पर शहर में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दर्शकों को एक नया अनुभव दिया। किंग्सन इंटर कॉलेज, दरोगा बाग में शुक्रवार को उदय सांस्कृतिक संस्थान के तत्वावधान में साहित्यकार नसीर अहमद ‘नसीर’ की कहानियों का नाट्य रूपांतरण कर मंचन किया गया। जनपद में पहली बार कहानियों को अलग-अलग नाट्य शैलियों में प्रस्तुत करने का प्रयोग किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का निर्देशन रंगकर्मी जब्बार अकरम ने किया। उनके निर्देशन में रहमान रूमी, जया उपाध्याय, शफी अहमद खान, रफीक अहमद, राघवेंद्र सिंह और एस.के. टाइगर ने प्रभावशाली अभिनय के जरिए कहानियों को जीवंत कर दिया। मंचन के दौरान संवाद और भाव-भंगिमा ने दर्शकों को अंत तक जोड़े रखा। मुख्य अतिथि सदर विधायक पंकज गुप्ता ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि रंगमंच समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम है और ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूती देते हैं।
कार्यक्रम के आयोजक और भारतीय धर्म संसद के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा ‘बाबा’ ने कहा कि उन्नाव की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए इस तरह के प्रयोग जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि साहित्य और रंगमंच को जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपनी जड़ों और रचनात्मक परंपराओं से जुड़ सकें। वहीं निर्देशक जब्बार अकरम ने बताया कि कहानियों को मंच पर लाना एक चुनौतीपूर्ण लेकिन रोचक अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि जनपद में इस तरह का प्रयोग पहली बार किया गया है। हमारी कोशिश रही कि कहानी की आत्मा को बनाए रखते हुए उसे रंगमंच की भाषा में ढाला जाए, ताकि दर्शक उससे सीधे जुड़ सकें।
कार्यक्रम का संचालन बछरावां डिग्री कॉलेज, रायबरेली के पूर्व प्राचार्य डॉ. रामनरेश ने किया। अंत में किंग्सन इंटर कॉलेज के प्रबंधक अहमद मोनिस रिजवी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान डॉक्टर प्रेमचंद सिंह, अस्मिता उपाध्याय, दिव्यांशी अवस्थी, अखिलेश तिवारी, शकील खान, संजय कुमार जायसवाल, आसिम जाफरी, विकेश बाजपेई, आजम अकरम, अभिषेक वर्मा, राघवेंद्र कुमार पाल, दिनेश प्रियमन, अनिल पांडे, मनीष सिंह सेंगर, प्रभात सिन्हा, आरिफ, रघुराज मगन, इंद्रसेन सिंह, फैज अहमद अल्वी और शादाब हाशमी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।