साधु हत्याकांड : आरोपियों की गिरफ्तारी और एनकाउंटर की मांग, भारी पुलिस बल तैनात
Wed, Jun 10, 2026
पोस्टमार्टम में चाकू के वार से मौत की पुष्टि, पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया
उन्नाव। बांगरमऊ के चर्चित साधु हत्याकांड को लेकर बुधवार को माहौल फिर गर्म हो गया। घूरेटोला मोहल्ले में रहने वाले संत मिलनदास बाबा की हत्या के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। उन्होंने न केवल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की, बल्कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग को लेकर भी जोरदार हंगामा किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद हालात सामान्य हुए। मंगलवार को हुई इस सनसनीखेज वारदात में 60 वर्षीय संत मिलनदास बाबा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के भाई वीरेंद्र कुमार की तहरीर पर पांच नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के शुरुआती निष्कर्षों में पीठ पर चाकू के गहरे वार को मौत का कारण बताया गया है। इधर, घटना से जुड़े विवादित स्थल पर भी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। नगर पालिका की टीम ने मौके पर बने घास-फूस के ढांचे और चहारदीवारी को हटाने की कार्रवाई की। इसके बाद मृतक के परिजन और समर्थक और अधिक आक्रोशित हो गए। उन्होंने आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी संतोष सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद क्षेत्राधिकारी अरविंद चौरसिया भी वहां पहुंच गए। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद परिजन शांत हुए और अंतिम संस्कार के लिए सहमत हो गए।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है। नामजद आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना के पीछे की वजह का खुलासा किया जाएगा। पूरे इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सतर्क रखी गई है। साधु की हत्या से क्षेत्र में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल बना हुआ है।
ओवरलोड वाहनों की धरपकड़ तेज : 16 वाहनों के चालान; 9 डंपर सीज
Wed, Jun 10, 2026
दो दिन के अभियान में 190 वाहनों की जांच, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई
उन्नाव। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना के निर्देश पर गठित टास्क फोर्स ने जिले में दो दिवसीय विशेष अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और अवैध परिवहन में संलिप्त वाहन चालकों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की। संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) संजीव कुमार ने बताया कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम करने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टीम को ओवरलोड वाहन, बॉडी बढ़ाकर संचालित किए जा रहे वाहन, बिना नंबर प्लेट, बिना रिफ्लेक्टर, प्रेशर हॉर्न का प्रयोग करने वाले वाहन, रॉन्ग साइड चलने वाले वाहन तथा मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में दही चौकी, बक्सर, बिहार थाना क्षेत्र तथा गंगाघाट के आसपास अवैध खनन और परिवहन की जांच के लिए सघन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान कुल 190 वाहनों की जांच की गई। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 9 डंपरों को सीज किया गया, जबकि 16 वाहनों का चालान किया गया।यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई की गई। बिना हेल्मेट वाहन चलाने वाले 25 बाइक सवारों के चालान काटे गए। वहीं सीट बेल्ट न लगाने वाले 15 वाहन चालकों पर जुर्माना लगाया गया। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले चार चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। रॉन्ग साइड वाहन चलाने के मामले में चार चालान किए गए तथा एक वाहन को बंद कराया गया। मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाकर परिवहन करने के एक मामले में चालान किया गया, जबकि एक वाहन को सीज कर दिया गया। आरटीओ ने बताया कि गंभीर यातायात उल्लंघन करने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की संस्तुति करते हुए संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकरण को रिपोर्ट भेजी गई है।उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से खनन एवं परिवहन विभाग को लगभग 6 लाख 18 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ओवरलोडिंग, अवैध खनन और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
निर्माणाधीन मंदिर में घुसकर साधु की हत्या : बांगरमऊ में दिनदहाड़े वारदात से तनाव
Wed, Jun 10, 2026
चाकू से गोदकर की गई हत्या, पांच नामजद समेत कई पर मुकदमा दर्ज
भजन, नशेड़ियों की आवाजाही और जमीन विवाद समेत हर एंगल पर जांच
उन्नाव। बांगरमऊ कस्बे में मंगलवार दोपहर एक ऐसी वारदात हुई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घूरे टोला मोहल्ले में निर्माणाधीन मंदिर की देखरेख कर रहे साधु मिलन सिंह उर्फ मिलनदास (60) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। घटना दिनदहाड़े हुई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मिलनदास पिछले कई महीनों से अपने घर के पास बन रहे एक मंदिर के निर्माण कार्य में जुटे थे। स्थानीय लोगों के सहयोग से मंदिर बनवाया जा रहा था और वह उसकी देखरेख भी करते थे। मंगलवार दोपहर खाना खाने के बाद वह रोज की तरह निर्माणाधीन मंदिर के पास बनी झोपड़ी में पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने मिलनदास पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। पीठ समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। स्थानीय सभासद अतीक और अन्य लोगों ने घायल साधु को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। माहौल तनावपूर्ण हो गया और गुस्साए लोगों ने उन्नाव-हरदोई मार्ग पर जाम लगाने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई। मृतक के बड़े भाई वीरेंद्र की तहरीर पर मोहम्मद इसराइल, सफी, शानू, यामीन और लल्ली समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। जांच के दौरान पुलिस के सामने कई संभावित कारण उभरकर आए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि मंदिर परिसर के आसपास अक्सर भजन-कीर्तन और लाउडस्पीकर पर धार्मिक कार्यक्रम होते थे, जिसे लेकर कुछ लोग नाराज रहते थे। हालांकि पुलिस अभी इस पहलू की पुष्टि नहीं कर रही है और इसे जांच का एक बिंदु मानकर आगे बढ़ रही है। एक अन्य पहलू नशे से जुड़ा भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिस झोपड़ी में साधु रहते थे, वहां कुछ लोगों का आना-जाना लगा रहता था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किसी विवाद, नशे से जुड़े विवाद या किसी अन्य व्यक्तिगत रंजिश ने तो हत्या की पृष्ठभूमि तैयार नहीं की। जमीन विवाद की संभावना को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। पुलिस को जांच में पता चला है कि जिस जमीन पर मंदिर का निर्माण कराया जा रहा था, वह पैतृक संपत्ति से जुड़ी हुई है। परिवार के विभिन्न सदस्यों में हिस्सेदारी होने और जमीन के कुछ हिस्सों के अलग-अलग लोगों को बेचे जाने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। हालांकि मृतक के भाई का कहना है कि मंदिर की जमीन को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था और मिलनदास की किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी भी नहीं थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस, क्षेत्राधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत कटियार ने भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली तथा पुलिस अधिकारियों को जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे के निर्देश दिए।मिलनदास का नाम बांगरमऊ के प्रसिद्ध बोधेश्वर मंदिर से भी जुड़ा रहा है। वह लंबे समय तक वहां सेवा और पूजा-अर्चना का कार्य करते रहे। दिलचस्प बात यह है कि यह पहला मौका नहीं है जब उनका नाम किसी हिंसक घटना से जुड़ा हो। वर्ष 2013 में बोधेश्वर मंदिर में हुए एक हमले में वह गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस घटना में एक अन्य सेवादार की बाद में मौत हो गई थी। इसके बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। वर्ष 2023 में भी बोधेश्वर मंदिर में एक व्यक्ति द्वारा श्रद्धालुओं पर हमला किए जाने की घटना हुई थी। उस समय भी मिलनदास मंदिर से जुड़े हुए थे और घटनाक्रम के प्रत्यक्ष गवाहों में शामिल थे। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की असली वजह तलाशने में जुटी है। भजन-कीर्तन को लेकर नाराजगी, आपसी रंजिश, जमीन का विवाद, नशे से जुड़े विवाद या कोई अन्य कारण, सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने बांगरमऊ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और मामले के निष्पक्ष खुलासे की मांग कर रहे हैं।