जमीन के खेल में फर्जी मालिक खड़ा कर करा दिया बैनामा : नौ लोगों पर रिपोर्ट
Mon, Jul 27, 2026
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे, पुलिस ने शुरू की जांच
उन्नाव। जमीनों का फर्जीवाड़ा कर दूसरों की संपत्ति हड़पने वाले कथित गैंग पर सदर कोतवाली पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 71 वर्षीय जमीन मालिक की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर उसकी जमीन का बैनामा कराने के मामले में पुलिस ने शहर के आदर्श नगर निवासी मुख्य आरोपी स्वप्निल सैनी समेत नौ नामजद लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी स्वप्निल सैनी के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी और जालसाजी समेत कई मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।
14 साल पहले खरीदी थी जमीन
रायबरेली के इंदिरा नगर निवासी सुरेश चंद्र पुत्र स्वर्गीय भीषम लाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसने करीब 14 वर्ष पहले ग्राम सिंगरौसी में गाटा संख्या 1563 में 0.1900 हेक्टेयर भूमि खरीदी थी। जमीन उसके नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। मूल रूप से भगवंतनगर क्षेत्र के रहने वाले सुरेश चंद्र उम्र अधिक होने के कारण अब अपने परिवार के साथ रायबरेली में रहते है। वह समय-समय पर अपनी जमीन देखने के लिए उन्नाव आता थे। स्थानीय व्यक्ति गोकुल जमीन की देखभाल में उसकी मदद करता था।
जमीन बेचने की बात के बाद शक के घेरे में आया स्वप्निल
शिकायत के अनुसार, स्वप्निल सैनी जमीन के संबंध में सुरेश चंद्र के संपर्क में आया था। आरोप है कि जमीन बेचने की बात होने के बाद वह लगातार मामले को टालता रहा। इसी बीच 19 मई 2026 को सुरेश चंद्र का बेटा रोहित सिंह जमीन देखने पहुंचा। वहां निर्माण कार्य होता देखकर उसे शक हुआ। उसने पिता को जानकारी दी और स्वप्निल सैनी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। इसके बाद जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी की गई तो कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पीड़ित का आरोप है कि उसकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को सुरेश चंद्र बनाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन का बैनामा करा दिया गया।
नौ लोगों के नाम करा दी जमीन
तहरीर के अनुसार, कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन का बैनामा नौ लोगों के नाम कराया गया। इनमें दो नाबालिग लड़कियों समेत उन्नाव, बीघापुर, रानीपुर, रायबरेली और दिल्ली के रहने वाले लोग शामिल हैं। पीड़ित का आरोप है कि जमीन के इस पूरे खेल में विक्रेता और खरीदार पक्ष के लोग आपस में मिले हुए हैं। फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे जमीन का कारोबार करने वाले गिरोह की तरह इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया।
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर में मुख्य आरोपी स्वप्निल सैनी के खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमों का भी उल्लेख किया है। शिकायत के अनुसार, उसके खिलाफ कोतवाली उन्नाव में वर्ष 2017 में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2024 में धोखाधड़ी और वर्ष 2025 में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में भी मुकदमा दर्ज बताया गया है। पीड़ित का कहना है कि उसे स्वप्निल सैनी के कथित आपराधिक इतिहास की जानकारी पहले नहीं थी। जमीन पर निर्माण शुरू होने के बाद जब उसने दस्तावेजों की पड़ताल कराई तो पूरा मामला सामने आया।
पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां
सदर कोतवाली पुलिस के अनुसार, नामजद सभी लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जमीन के फर्जीवाड़े में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी तहकीकात की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, पीड़ित ने पुलिस से जमीन पर चल रहे निर्माण और कब्जे की कोशिश को रुकवाने के साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उनका इस्तेमाल करने और जमीन की खरीद-फरोख्त में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शोक की लहर : वरिष्ठ पत्रकार आशीष पांडेय के पिता डीएन पांडेय का निधन
Sun, Jul 26, 2026
74 वर्ष की उम्र में निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस, पत्रकारिता और राजनीतिक जगत में शोक
उन्नाव। शहर के भरत मिलाप निवासी और विद्युत विभाग से सेवानिवृत्त डीएन पांडेय का रविवार रात करीब नौ बजे बीमारी के चलते निधन हो गया। 74 वर्षीय डीएन पांडेय का पिछले कुछ समय से इलाज चल रहा था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। डीएन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार आशीष पांडेय और पत्रकार आशुतोष पांडेय (बब्बी) के पिता थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पत्रकारिता जगत, राजनीतिक क्षेत्र, विद्युत विभाग के पूर्व सहकर्मियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोगों ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। परिजनों के अनुसार, डीएन पांडेय धार्मिक प्रवृत्ति के सरल और सहज स्वभाव के व्यक्ति थे। वह बाबा बंजरंगबली के अनन्य भक्त थे और पूजा-पाठ में विशेष आस्था रखते थे। लंबे समय तक विद्युत विभाग में सेवाएं देने के बाद वह सेवानिवृत्त हुए थे। अपने मिलनसार व्यवहार के कारण वह परिचितों के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके निधन से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों के अनुसार, सोमवार दोपहर 12 बजे शुक्लागंज स्थित पक्के घाट, मिश्रा कॉलोनी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहीदों को नमन : कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन कर दिया स्वच्छता का संदेश
Sun, Jul 26, 2026
एनसीसी कैडेट्स ने निकाली साइकिल रैली, आनंद घाट पर चलाया स्वच्छता अभियान
उन्नाव। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को शुक्लागंज में देशभक्ति और स्वच्छता का संदेश दिया गया। 57 यूपी बटालियन एनसीसी की ओर से आजाद चौक से आनंद घाट तक साइकिल रैली निकाली गई। रैली में एनसीसी कैडेट्स ने उत्साह के साथ भाग लिया। आनंद घाट पहुंचने के बाद स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में गंगाघाट नगर पालिका अध्यक्ष कौमुदी पांडेय और पूर्व नौसैनिक संदीप पांडेय ने भी सहभागिता की। इस दौरान कारगिल युद्ध में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
शहीदों के बलिदान से युवाओं को लेनी चाहिए प्रेरणा
नगर पालिका अध्यक्ष कौमुदी पांडेय ने कहा कि कारगिल के वीर शहीदों का बलिदान देश कभी नहीं भूल सकता। उनके साहस और देश के प्रति समर्पण से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता भी देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी का हिस्सा है। शहर और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
देशभक्ति के साथ स्वच्छता का संदेश भी जरूरी
पूर्व नौसैनिक संदीप पांडेय ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें उन वीर जवानों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को सेना के शौर्य और बलिदान की जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति की भावना के साथ समाज को स्वच्छ रखने का संदेश भी लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। कार्यक्रम के माध्यम से एनसीसी कैडेट्स ने युवाओं को राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। आयोजन के लिए 57 यूपी बटालियन एनसीसी के अधिकारियों, कैडेट्स और आयोजकों की सराहना की गई।