आवारा पशु का हमला बना जानलेवा : बुजुर्ग महिला की मौके पर मौत
Fri, May 8, 2026
लगातार बढ़ रहे हमलों से गांवों में दहशत, कार्रवाई की मांग तेज
उन्नाव। माखी थाना क्षेत्र के लग्लेशरपुर गांव में आवारा पशुओं का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। गुरुवार सुबह घर में घुसे एक सांड ने 70 वर्षीय वृद्धा पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा सांडों और छुट्टा मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग समस्या को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा। मृतका की पहचान राम कुमारी पत्नी स्वर्गीय रजऊ के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह घर में अकेली थीं। इसी दौरान एक आवारा सांड अचानक घर के भीतर घुस आया और उन पर हमला कर दिया। बुजुर्ग महिला संभल भी नहीं सकीं और गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय उनकी बेटी गयावती राशन लेने गई हुई थीं। वापस लौटने पर उन्होंने मां को घायल अवस्था में पड़ा देखा। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इस घटना के बाद गांव के लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या अब केवल फसलों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह सीधे लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है। गांवों की गलियों, खेतों और मुख्य सड़कों पर दिन-रात घूमते सांड और छुट्टा मवेशी आए दिन हादसों की वजह बन रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई बार शिकायतों के बावजूद छुट्टा पशुओं को पकड़ने या गौशालाओं में भेजने की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय हालात और ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं, जब झुंड में घूम रहे सांड राहगीरों और बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में अभियान चलाकर आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में इस तरह के हादसे और बढ़ सकते हैं।
सन नियो की अभिनेत्रियों ने माँ के प्रति जताया प्यार : हरिति और भाग्यश्री ने साझा कीं भावुक यादें
Fri, May 8, 2026
यूपी/मप्र मई 2026: माँ का प्यार एक ऐसा अहसास है जो वक्त के साथ और गहरा होता जाता है। वह न केवल हमारी ताकत होती हैं, बल्कि मुश्किल समय में हमारा सबसे सुरक्षित ठिकाना भी होती हैं। इस मदर्स डे के खास मौके पर, सन नियो के दो प्रमुख शो की अभिनेत्रियों ने अपनी माँ के साथ अपने खास जुड़ाव और पुरानी यादों को ताजा किया है।
हरिति जोशी: "माँ की ममता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत"
धारावाहिक 'दिव्य प्रेम प्यार और रहस्य की कहानी' में 'तारा' के रूप में नजर आने वाली बाल कलाकार हरिति जोशी अपनी माँ को अपनी दुनिया मानती हैं। उन्होंने एक भावुक पल याद करते हुए बताया:
"मेरी माँ का प्यार पूरी तरह निस्वार्थ है। मुझे याद है जब एक बार मैं बहुत बीमार थी, तब माँ पूरी रात सोई नहीं थीं। वह रात भर मेरे सिर पर ठंडी पट्टियाँ रखती रहीं ताकि मेरा बुखार कम हो सके। उनकी वह देखभाल मेरे लिए अनमोल है।"
हरिति ने आगे बताया कि वह इस मदर्स डे को खास बनाने के लिए अपनी माँ के लिए खुद कार्ड बनाएँगी और उनके पसंदीदा पकवान बनाकर उन्हें सरप्राइज देंगी।
भाग्यश्री मिश्रा: "मेरे लिए हर दिन मदर्स डे है"
वहीं, 'सत्या साची' में 'साची' का मुख्य किरदार निभा रहीं भाग्यश्री मिश्रा का मानना है कि माँ के प्रति सम्मान जताने के लिए एक दिन काफी नहीं है। उनके अनुसार:
हर पल जरूरत
: "भले ही मैं अब आत्मनिर्भर हूँ, लेकिन मानसिक शांति के लिए मुझे आज भी सबसे पहले अपनी माँ की जरूरत होती है।"
सुकून का ठिकाना
: "शूटिंग की थकान के बाद जब मैं घर लौटकर माँ से बातें करती हूँ, तो मेरा सारा तनाव खत्म हो जाता है। वह मेरे लिए सुकून का दूसरा नाम हैं।"
भाग्यश्री ने कहा कि वह अपनी माँ के लिए हर दिन को खास बनाने की कोशिश करती हैं, क्योंकि उनके बिना उनका जीवन अधूरा है।
मनोरंजन का सफर जारी है
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इन कलाकारों के शानदार अभिनय को देखने के लिए जुड़ें सन नियो के साथ:
दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी – शाम 7:30 बजे
सत्या साची – रात 8:00 बजे
तीन लाख आबादी को राहत : शहर में चार नलकूप भवनों का होगा पुनर्निर्माण
Fri, May 8, 2026
शासन से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी, जल्द शुरू होगा काम
उन्नाव। शहर में लंबे समय से जर्जर पड़े नलकूप भवनों को अब नया रूप मिलने जा रहा है। शहर की पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका ने चार पुराने नलकूप भवनों के पुनर्निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। शासन स्तर से परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही निर्माण कार्य जमीन पर दिखाई देने लगेगा। इस काम पर करीब 24.01 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर की करीब तीन लाख आबादी को रोजाना पानी सप्लाई करने के लिए नगर पालिका के पास कुल 20 नलकूप हैं। इनमें कई नलकूप भवन वर्षों पुराने हो चुके हैं और उनकी हालत काफी खराब हो गई है। बरसात और समय के असर से भवनों में जगह-जगह जर्जरता आ गई थी, जिससे संचालन और रखरखाव में भी दिक्कतें आ रही थीं। इसी को देखते हुए नगर पालिका ने चार नलकूप भवनों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। मंजूरी मिलने वाले नलकूपों में बाबूगंज, पीडी नगर, कासिफ अली सराय के दो नलकूप और एबी नगर क्षेत्र का नलकूप शामिल है। नगर पालिका प्रशासन के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही निर्माण एजेंसी काम शुरू करेगी। नगर पालिका का कहना है कि नए भवन बनने से नलकूपों के संचालन में आसानी होगी और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पहले से अधिक सुचारु हो सकेगी। गर्मी के मौसम में शहर में पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए इस परियोजना को काफी अहम माना जा रहा है। ईओ संजय गौतम ने बताया कि पुराने भवनों की स्थिति लगातार खराब हो रही थी, जिसके चलते पुनर्निर्माण जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोगों को शुद्ध और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में तकनीकी दिक्कतों की संभावना भी कम होगी।