: उन्नाव नवीन मंडी में नीलामी को लेकर व्यापारियों में नाराज़गी
Mon, Oct 20, 2025
आरोप- बिना पूर्व सूचना शुरू हुई प्रक्रिया, 25 अक्टूबर को प्रस्तावित है नीलामी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान✍️
उन्नाव। नवीन मंडी में दुकानों की नीलामी को लेकर सोमवार को व्यापारियों में भारी नाराजगी देखी गई। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी समिति ने बिना किसी पूर्व सूचना के नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिससे पुराने दुकानदारों में गुस्सा फैल गया है। जानकारी के मुताबिक, मंडी की कुछ दुकानों की नीलामी 25 अक्टूबर को प्रस्तावित है। व्यापारियों का कहना है कि इस नीलामी की न तो कोई आधिकारिक सूचना दी गई और न ही उनसे कोई राय ली गई। उनका आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और मंडी सचिव ने पुराने कारोबारियों के अधिकारों की अनदेखी की है। कई व्यापारियों ने बताया कि वर्षों से वे उन्हीं दुकानों में कारोबार कर रहे हैं, लेकिन अब अचानक नीलामी कर उन्हें बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। इससे छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। सोमवार को मंडी परिसर में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। नाराज दुकानदार सचिव कार्यालय पहुंचे और नीलामी रोकने की मांग की। इधर, मंडी सचिव से संपर्क करने की कोशिश लेकिन उनसे संपर्क नही हो सका। उधर, व्यापारियों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
: धनतेरस व दीपावली पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, बाजारों में एसपी ने किया पैदल गश्त
Sat, Oct 18, 2025
मुख्य बाजारों में पुलिस की पैनी नजर, हर गतिविधि पर रहेगी निगरानी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। त्योहारों के सीजन में शहर की सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। धनतेरस और दीपावली के मौके पर भीड़भाड़ बढ़ने के चलते शुक्रवार शाम पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने शहर के प्रमुख बाजारों में पैदल गश्त कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।एसपी के साथ अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह, क्षेत्राधिकारी यातायात अजय कुमार सिंह और शहर कोतवाल प्रभारी संजीव कुमार सहित सदर कोतवाली पुलिस बल मौजूद रहा। टीम ने सर्राफा मार्केट, स्टेशन रोड, सब्जी मंडी, बड़ा चौराहा और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूमकर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। गश्त के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों और राहगीरों से बातचीत करते हुए सतर्क रहने की अपील की। एसपी ने कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। एएसपी अखिलेश सिंह ने दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे चालू रखने और कैश लेन-देन में सावधानी बरतने की सलाह दी। अधिकारियों ने सर्राफा बाजार के व्यापारियों से भी बातचीत की और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सुझाव मांगे। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अफरा-तफरी की स्थिति न बने।
इधर, त्योहारों को ध्यान में रखते हुए थाना दही क्षेत्र में सीओ सिटी दीपक यादव ने थाना प्रभारी निरीक्षक अवनीश सिंह व पुलिस बल के साथ भीड़भाड़ वाले इलाकों में सघन पैदल गश्त की। उन्होंने क्षेत्र के बाजारों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। सीओ ने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि गश्त के दौरान सतर्कता बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करें। साथ ही आम लोगों से अपील की कि त्योहार के दौरान शांति व सौहार्द बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। एसपी जय प्रकाश सिंह ने कहा कि पुलिस हर बाजार और सार्वजनिक स्थल पर मुस्तैद है। लोग निश्चिंत होकर खरीदारी करें, लेकिन सतर्क रहें और सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है।
: सीएम के सख्त निर्देशों के बावजूद उन्नाव नवीन मंडी में अतिक्रमण जस का तस
Mon, Oct 6, 2025
किसानों को नहीं मिल रही जगह, कब्जाधारियों की जेबें भर रहीं
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बावजूद उन्नाव प्रशासन अतिक्रमण हटाने में नाकाम साबित हो रहा है। इब्राहीम बाग स्थित नवीन मंडी परिसर में महीनों से ठेकेदारों और स्थानीय दबंगों का कब्जा बना हुआ है। किसानों के लिए बने टीनशेड अब गोदाम, ढाबों और दुकानों में बदल चुके हैं। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ने सभी मंडी परिसरों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बीते जून महीने में सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज और मंडी समिति के सचिव सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से नवीन मंडी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने अवैध कब्जाधारियों को 24 घंटे के भीतर चबूतरों को खाली करने की चेतावनी दी थी। लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी अवैध कब्जे जस के तस हैं। मंडी समिति के चबूतरों पर व्यापारियों द्वारा किए गए कब्जे से किसानों को भारी परेशानी हो रही है। जहां किसानों को अपनी उपज बेचने और बोरी रखने की जगह मिलनी चाहिए, वहां बड़े व्यापारी अस्थायी दुकानों और ठेलों के माध्यम से कब्जा जमाए बैठे हैं।इससे छोटे व्यापारी और दूर-दराज से आए किसान मंडी के भीतर प्रवेश तक नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरन उन्हें सड़कों पर बैठकर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और मंडी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि मंडी के टीनशेड और प्लेटफॉर्म किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए थे, मगर अब इन पर स्थाई कब्जा हो चुका है। जगह-जगह गोदाम और अस्थायी दुकानें बन चुकी हैं, जबकि मंडी समिति और जिला प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। कब्जाधारी हर महीने वसूली के नाम पर रकम वसूलते हैं और प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
इधर, जिला प्रशासन के अधिकारी अब दावा कर रहे हैं कि अवैध कब्जाधारियों की सूची तैयार की जा रही है। वहीं मंडी समिति प्रशासन का कहना है कि नीचे के हिस्से से कब्जे हटाए गए हैं, लेकिन चबूतरों पर कार्रवाई पुलिस बल की कमी से रुकी है। उनका कहना है कि त्योहारों के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जाहिर है, कार्रवाई की बात हर बार “त्योहारों के बाद” तक टल जाती है, जबकि किसान आज भी मंडी के बाहर बैठकर अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं। सवाल यह है कि जब मुख्यमंत्री खुद सख्त निर्देश दे चुके हैं, तो फिर उन्नाव में आदेशों पर अमल कौन रोके हुए है?
लोगों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री स्वयं अतिक्रमण के खिलाफ सख्त हैं, तो उन्नाव प्रशासन की यह निष्क्रियता सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है। किसानों ने मांग की है कि मुख्यमंत्री के आदेशों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई हो और नवीन मंडी परिसर को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।