Sun 13 Sep 2026

ब्रेकिंग

कंपनी कर्मचारी पर सात लाख रुपये के हड़पने का आरोप

कोर्ट के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

कुश्ती के दांव-पेंच ने खूब बटोरी तालियां

टीवी-फिल्म में मौका पाने को 60 प्रतिभागियों ने दिखाया हुनर

सरकार के खिलाफ नारेबाजी

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

: दोस्तीनगर बाईपास सड़क सात दिन में ध्वस्त, डीएम ने तीन सदस्यीय टीम बनाई

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sat, Oct 18, 2025
Post views : 203

एक्सईएन ने ठीकरा बारिश और ओवरलोड वाहनों पर फोड़ा, दावा—मानकों के अनुसार हुआ निर्माण

 

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

उन्नाव। 34 करोड़ की लागत से बना दोस्तीनगर बाईपास शुरू होने के कुछ ही दिन बाद टूट गया। सात दिन में ही सड़क जगह-जगह से उखड़ गई तो अब निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को 15 दिन में पूरी जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी। वर्ष 2024 में शुरू हुआ दोस्तीनगर बाईपास निर्माण हाल ही में पूरा हुआ था। 7 अक्तूबर को पुलिस ने ट्रायल के तौर पर अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र से दही चौकी तक वाहनों का डायवर्जन शुरू किया। भारी वाहनों के चलने के कुछ ही दिन बाद सड़क जगह-जगह से धंस गई। 15 अक्तूबर को दिशा बैठक में एमएलसी अरुण पाठक ने इस मुद्दे को उठाया था। सांसद डॉ. हरि साक्षी महाराज ने बैठक के दौरान डीएम को जांच के निर्देश दिए थे। डीएम गौरांग राठी ने बताया कि जांच के लिए तीन अफसरों की टीम बनाई गई है। उन्होनें कहा कि डीआरडीए के परियोजना निदेशक, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट इसमें शामिल हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ठेकेदार पर मनमानी के आरोप

विभागीय सूत्रों का कहना है कि बाईपास का निर्माण कार्य ठेकेदार ने मनमानी तरीके से कराया। 34 करोड़ की स्वीकृत लागत वाली इस परियोजना का टेंडर ठेकेदार ने 30 प्रतिशत कम दर पर लिया था। परियोजना साल 2016 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन दरें उसी समय की लगाई गईं। कम दर पर काम मिलने के बाद भी जिम्मेदारों ने गुणवत्ता पर नजर नहीं रखी। नतीजा यह हुआ कि सड़क सात दिन भी नहीं टिक सकी।

एक्सईएन बोले– बारिश और ओवरलोड वाहन जिम्मेदार

ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन हरदयाल अहिरवार ने सड़क टूटने की वजह बारिश और ओवरलोड वाहनों को बताया। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे पटरी बनाने के लिए मिट्टी खोदी गई थी, जिससे बारिश का पानी भर गया। नमी और भारी वाहनों के दबाव से सड़क धंस गई। उनका दावा है कि निर्माण पूरी तरह मानकों के अनुसार किया गया था। सड़क में 48 सेंटीमीटर मोटाई तक कंक्रीट की परत डाली गई थी। एक्सईएन ने बताया कि यह सड़क 30 से 40 टन तक भार वहन करने के लिए बनाई गई है, जबकि फिलहाल 50 टन से ज्यादा लोड वाले ट्रक इस पर गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शुरुआत में ही गुणवत्ता जांच की जाती, तो करोड़ों रुपये की सड़क इतनी जल्दी जवाब नहीं देती। अब निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर हैं कि सात दिन में ढहने वाली इस सड़क की सच्चाई आखिर क्या निकलती है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन