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: फिरोजाबाद एनकाउंटर पर सवाल : हथकड़ी में बंद बदमाश के पास हथियार होने पर सवाल, मानवाधिकार आयोग ने बैठाई जांच!

THE LUCKNOW TIMES

Wed, Oct 15, 2025
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फिरोजाबाद एनकाउंटर पर सवाल : हथकड़ी में बंद बदमाश के पास हथियार होने पर सवाल, मानवाधिकार आयोग ने बैठाई जांच!

  दरअसल उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में 50,000 इनामी बदमाश नरेश पंडित के एनकाउंटर पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसके बाद राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

मुठभेड़ पर उठे सवाल

इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने मुठभेड़ को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है। उनकी शिकायत का मुख्य आधार यह है कि आरोपी नरेश पंडित हथकड़ी में था और उसके पास कोई फोन नहीं था, ऐसे में उसके द्वारा हथियार प्राप्त करने और पुलिस पर हमला करने की स्थिति अत्यंत संदिग्ध है।

पुलिस का दावा और घटनाक्रम

 पुलिस के मुताबिक, नरेश पंडित 30 सितंबर को $2 करोड़ की कैश वैन लूट के मामले में गिरफ्तार छह बदमाशों में से एक था। 5 अक्टूबर को रामगढ़ थाने के SHO और ASP अनुज चौधरी की टीम उसे माल बरामदगी के लिए ले जा रही थी। पुलिस का दावा है कि नरेश ने पेट दर्द का बहाना बनाकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसकी गोली लगने से मौत हो गई। एसएसपी सौरव दीक्षित ने दावा किया था कि मुठभेड़ के दौरान एएसपी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी और रामगढ़ थाने के SHO घायल हुए।

मानवाधिकार आयोग की कार्रवाई और मांगें

राज्य मानवाधिकार आयोग ने शिकायत को गंभीर प्रकृति का मानते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं। आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट, अलीगढ़ को निर्देश दिया है कि वे विस्तृत जांच रिपोर्ट 3 दिसंबर 2025 तक प्रस्तुत करें।  

शिकायतकर्ता की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं, जिन्हें आयोग ने संज्ञान में लिया है:

  आरोपी के हथियार और पुलिस जैकेट की फॉरेंसिक जांच अनिवार्य की जाए। संबंधित पुलिस अधिकारियों के पूर्व मुठभेड़ रिकॉर्ड की जांच हो, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कार्रवाई पूर्व नियोजित या वाहवाही के लिए तो नहीं थी। शिकायतकर्ता डॉ. यादव ने इसे केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि पुलिस जवाबदेही और मानवाधिकार पारदर्शिता का प्रश्न बताया है। आयोग इस मामले पर 4 दिसंबर 2025 को विचार करेगा।

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