: गांधी नगर तिराहा और रामलीला मैदान का होगा कायाकल्प, यातायात व्यवस्था भी होगी दुरुस्त
Thu, Sep 18, 2025
डीएम गौरांग राठी ने किया निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध कार्य के निर्देश दिए
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। जिला प्रशासन ने शहर को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के अपने मिशन में एक ठोस पहल करते हुए गांधी नगर तिराहा और रामलीला मैदान क्षेत्र के सुंदरीकरण का कार्य तेज़ी से शुरू कर दिया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत में ही जिलाधिकारी गौरांग राठी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने मौका निरीक्षण कर काम की रूपरेखा और गुणवत्ता सुनिश्चित की।शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को नया रूप देने की इस योजना से यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। लोगों को स्वच्छ और आकर्षक वातावरण मिलेगा जिससे आमजन को राहत महसूस होगी। सुंदरीकरण कार्य पूरा होने के बाद इन जगहों की पहचान और बढ़ेगी। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। प्रशासन का कहना है कि इस परियोजना से पूरे शहर की छवि निखरेगी।
शीर्ष अधिकारियों ने किया निरीक्षण
गुरुवार को कार्यों की शुरुआत के दौरान जिलाधिकारी गौरांग राठी, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर, एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सुंदरीकरण के प्रस्तावित कार्यों का जमकर जायजा लिया और निर्देशन दिया।
डीएम ने दिए स्पष्ट निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी गौरांग राठी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गांधी नगर तिराहे पर अव्यवस्थित पड़े फुटपाथों को तुरंत दुरुस्त किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पैदल पथ का निर्माण इस तरह से होना चाहिए, जिससे राहगीरों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, तिराहे और आसपास की सड़कों का डिजाइन ऐसा हो, जो शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था दोनों में संतुलन बना सके।
गुणवत्ता और समयसीमा पर जोर
डीएम राठी ने अधिकारियों को काम की गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता न करने की सख्त हिदायत दी। साथ ही, उन्होंने तय समय सीमा के भीतर ही सभी कार्य पूरे करने का आदेश दिया।
वर्षों पुरानी समस्या का समाधान
गांधी नगर तिराहे के आसपास वर्षों से लगी अस्थायी दुकानों के कारण यातायात व्यवस्था अक्सर बाधित रहती थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने एक अहम फैसला लेते हुए इन दुकानों को अन्य सुरक्षित और उपयुक्त स्थानों पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। इस कार्य को सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिका और राजस्व विभाग को ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
दुकानदारों के हितों का रखा जाएगा ख्याल
प्रशासन ने दुकानदारों को भरोसा दिलाया है कि उनके हितों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा। उन्हें कारोबार के लिए सही वैकल्पिक जगह और ज़रूरी सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि उनकी रोज़ी-रोटी पर कोई बुरा असर न पड़े।
कैसा होगा नया स्वरूप?
सुंदरीकरण योजना के तहत गांधी नगर तिराहे को नया और सुंदर रूप दिया जाएगा। यहां हरी पट्टियां लगाई जाएंगी, सजावटी लाइटें लगेंगी और अच्छे फुटपाथ बनाए जाएंगे। इससे न सिर्फ इस जगह की खूबसूरती बढ़ेगी बल्कि पूरे शहर को साफ-सुथरा, आधुनिक और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
नागरिकों और दुकानदारों ने जताई उम्मीद
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अगर यह काम निर्धारित समय पर और योजना के अनुरूप पूरा हो गया, तो शहर को निश्चित रूप से एक नई पहचान मिलेगी। वहीं, प्रभावित दुकानदारों ने भी उम्मीद जताई है कि प्रशासन उन्हें उचित स्थान और सुविधाएं देकर उनकी विस्थापन की समस्या का समाधान करेगा। लोगों का कहना है कि यह परियोजना उन्नाव शहर के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हो सकती है।
: स्वच्छ भारत अभियान के तहत भरत मिलाप मैदान में चला सफाई अभियान
Thu, Sep 18, 2025
दुकानदारों व क्षेत्रवासियों को बांटे कपड़े के थैले और डस्टबिन
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितम्बर) से लेकर महात्मा गांधी जयंती (02 अक्टूबर) तक चल रहे “स्वच्छतोत्सव – स्वच्छता ही सेवा 2025” अभियान के अंतर्गत नगर पालिका परिषद अध्यक्षा श्वेता मिश्रा के नेतृत्व में नगर क्षेत्र के भरत मिलाप मैदान में व्यापक सफाई एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पालिका की टीम और जनप्रतिनिधियों ने स्वयं सफाई अभियान में हिस्सा लिया। मैदान और आसपास की गलियों की साफ-सफाई कर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया गया। इसके बाद दुकानदारों और क्षेत्रवासियों को कपड़े के थैले, झोले और डस्टबिन वितरित किए गए। लोगों को प्लास्टिक के कम से कम उपयोग और कचरे को अलग-अलग करने की आदत अपनाने का आग्रह किया गया।
इस मौके पर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्र ने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान भर नहीं, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री जी ने देश को स्वच्छ भारत का सपना दिया है, जिसे हमें अपने घर, मोहल्ले और शहर को साफ-सुथरा रखकर साकार करना है। मैं नगर वासियों से अपील करती हूं कि प्लास्टिक का प्रयोग कम करें और कचरे को अलग-अलग करके ही डस्टबिन में डालें।
वहीं, भाजपा नेता एवं पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण भानू मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के संकल्प को धरातल पर उतारना हम सबकी जिम्मेदारी है। नगर पालिका परिषद द्वारा लगातार सफाई और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि उन्नाव शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।
कार्यक्रम में सभासद दीपक दीक्षित मोनू, आराफात बेग, पालिका कर्मचारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।अभियान के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र को साफ रखेंगे और स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
: सात साल से अधर में लटक रही 264 करोड़ की अमृत योजना
Thu, Sep 18, 2025
नगर पालिका ने लीकेज का हवाला देकर खारिज किया जलनिगम का प्रस्ताव, केवल दो जोन लेने को तैयार
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। उन्नाव। शुद्ध पानी का सपना देखने वाले शहरवासियों को अमृत योजना की हकीकत अब तक केवल अधूरे वादों तक सीमित है। 264 करोड़ की लागत से बनी यह योजना सात साल बाद भी अधर में लटकी हुई है। तय समय सीमा बीतने के डेढ़ महीने बाद भी लोगों को नलों से शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा।काम पूरा बताने वाले जलनिगम के दावों की पोल टेस्टिंग के दौरान ही खुल गई, जब महज एक महीने में 37 जगह पाइप लाइनें फूट गईं। नगर पालिका ने जिम्मेदारी लेने से इंकार करते हुए साफ कहा कि केवल दो जोन ही संतोषजनक पाए गए हैं और वह भी शर्त के साथ। गली-कूचों में खोदी गई सड़कें, जगह-जगह पड़े गड्ढे और बार-बार लीकेज ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। छह साल से रेंग रही परियोजना से शहरवासियों का भरोसा डगमगा गया है। निर्माण एजेंसी पर तीन बार जुर्माना लगाने के बाद भी काम की रफ्तार नहीं बदली। लगातार डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद योजना की तस्वीर जस की तस है। शहर के 32 वार्डों के 30,298 घरों में अब तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का सपना अधूरा है। सात साल बाद भी योजना का भविष्य अधर में लटका है और आम लोगों की प्यास ट्यूबवेलों से ही बुझ रही है।
सात जोन पूरे बताए, टेस्टिंग में 37 जगह फूटे पाइप
जलनिगम का दावा है कि शहर के दस में से सात जोन का काम पूरा हो चुका है और तीन जोन अंतिम चरण में हैं। मार्च में सात जोन नगर पालिका को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू हुई। लेकिन टेस्टिंग के दौरान केवल एक महीने में ही 37 जगह पाइपलाइनें फट गईं। इसके बाद नगर पालिका ने जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया।
केवल दो जोन पर बनी सहमति
नगर पालिका का कहना है कि केवल दो जोन (जोन-6 शेखपुर और जोन-7 अकरमपुर) ही 90 फीसदी संतोषजनक पाए गए हैं। इनकी जिम्मेदारी भी तभी ली जाएगी जब जल निगम या निर्माण एजेंसी एक साल तक रखरखाव की गारंटी दे।
जांच टीम ने खामियां उजागर कीं
डीएम गौरांग राठी ने मामले की गंभीरता देखते हुए एडीएम न्यायिक अमिताभ यादव की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम बनाई थी। इस टीम ने पहले चरण में चार जोन (शेखपुर, अकरमपुर, सिविल लाइंस और लोकनगर बंदूहार) की जांच कर खामियों को चिह्नित किया। जल निगम ने सुधार का दावा किया, लेकिन सिविल लाइंस क्षेत्र में अब भी कई जगह पाइप लाइनें लीक हो रही हैं।
सात साल से रेंग रही योजना
दिसंबर 2018 में योजना की शुरुआत हुई थी और जून 2020 तक काम पूरा होना था। लेकिन डेडलाइन बार-बार बढ़ती रही—मार्च 2021, नवंबर 2021, जुलाई 2022, जनवरी 2023, मार्च 2023, अगस्त 2023, दिसंबर 2023, मार्च 2024, अक्टूबर 2024, नवंबर 2024, मार्च 2025 और फिर जुलाई 2025 तक। 13 बार समय सीमा बढ़ने के बाद भी परियोजना अधूरी है।
तीन बार जुर्माना, फिर भी लापरवाही
निर्माण एजेंसी की लापरवाही पर जल निगम ने अब तक तीन बार जुर्माना लगाया है।
जून 2023 में सड़कों की मरम्मत न कराने और गलत रिपोर्ट देने पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना।
नवंबर 2023 में लेटलतीफी को लेकर 5.50 करोड़ रुपये का जुर्माना।
सितंबर 2024 में काम में देरी पर 5.90 करोड़ रुपये का जुर्माना।
कुल मिलाकर 12.40 करोड़ का दंड लग चुका है, लेकिन एजेंसी की रफ्तार अब भी सुस्त है।
नगर पालिका ने जताई कड़ी आपत्ति, निगम ने बताया काम लगभग पूरा
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि पाइप लाइनें रोज कहीं न कहीं फूट जाती हैं। नगर पालिका लगातार कुछ महीने जलापूर्ति होते देखेगी तभी जिम्मेदारी लेगी। अभी केवल दो जोन ही लेने को तैयार हैं, वह भी शर्त के साथ कि एक साल तक रखरखाव जल निगम या निर्माण एजेंसी करे।
नगरपालिका ईओ एसके गौतम ने बताया कि एक-डेढ़ साल से टेस्टिंग हो रही है, लेकिन निर्बाध जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। अभी नगर पालिका के 24 ट्यूबवेल ही पानी की सप्लाई कर रहे हैं। जिन जोन में लीकेज पूरी तरह खत्म हो गए हैं केवल उन्हीं की जिम्मेदारी ली जाएगी। हमारे पास रखरखाव का बजट नहीं है।
जलनिगम एक्सईएन पंकज रंजन झा ने बताया कि शहर के दस में सात जोन पूरे हो चुके हैं। टेस्टिंग के दौरान आने वाली समस्याओं को ठीक करा दिया गया है। चार जोन नगर पालिका को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। बाकी जोन भी जल्द पूरे कर दिए जाएंगे।