फीस के लिए नहीं रुकेगी पढ़ाई : 15 बच्चों के सपनों को पंख देने की पहल
Tue, Aug 11, 2026
संदेश फाउंडेशन ने दो स्कूलों के चार जरूरतमंद विद्यार्थियों की सालभर की फीस जमा
15 अगस्त तक अभियान के तहत 15 बच्चों को मदद देने का लक्ष्य
उन्नाव। आजादी का जश्न सिर्फ तिरंगा फहराने और देशभक्ति के गीतों तक सीमित नहीं है। अगर किसी जरूरतमंद बच्चे की पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण रुकने से बच जाए तो इससे बेहतर आजादी का संदेश शायद ही कोई हो। इसी सोच के साथ संदेश फाउंडेशन ने इस स्वतंत्रता दिवस पर जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की पहल शुरू की है। संस्था की ओर से चलाए जा रहे ‘15 अगस्त, 15 सपने’ अभियान के तहत नगर के दो विद्यालयों के चार जरूरतमंद विद्यार्थियों की पूरे साल की फीस जमा कराई गई। श्री महादेव विद्यालय और लोहिया इंटर कॉलेज के दो-दो विद्यार्थियों की फीस संस्था के फाउंडर संदीप पांडेय ने जमा की। फीस जमा होने के बाद बच्चों और उनके परिवारों में खुशी दिखाई दी। आर्थिक परेशानी के बीच पढ़ाई का खर्च संभालना उनके लिए बड़ी चिंता थी, लेकिन अब कम से कम एक साल तक फीस की चिंता दूर हो गई है।
संस्था का कहना है कि कई परिवारों में बच्चे पढ़ाई में अच्छे होने के बावजूद सिर्फ आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाते। ऐसे बच्चों की मदद करने के उद्देश्य से अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 15 अगस्त तक नगर के 15 जरूरतमंद बच्चों की एक साल की स्कूल फीस जमा कराने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान से जुड़े लोगों के मुताबिक किसी बच्चे की फीस भरना सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि उसे स्कूल से जुड़े रहने और अपने भविष्य के लिए आगे बढ़ने का मौका देना है। चार बच्चों की फीस जमा होने के बाद अब अभियान में बाकी जरूरतमंद बच्चों तक मदद पहुंचाने की तैयारी है।
छोटी मदद, बड़ा असर
संस्था के फाउंडर संदीप पांडेय ने कहा कि देश के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए बच्चों की शिक्षा सबसे जरूरी है। अगर आर्थिक परेशानी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई रुक रही है तो समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर उसकी मदद करनी चाहिए। उनका प्रयास है कि अभियान के जरिए 15 बच्चों की पढ़ाई का कम से कम एक साल का खर्च संभाला जा सके।अभियान का संदेश भी साफ है कि गरीबी या आर्थिक परेशानी किसी बच्चे को उसके सपने से दूर न करे। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुरू की गई यह पहल उन परिवारों के लिए राहत बन सकती है, जो बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च के बीच संतुलन बनाने के लिए परेशान रहते हैं। फाउंडेशन की ओर से लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग करें। एक बच्चे की फीस भरने में की गई छोटी सी मदद उसके लिए पढ़ाई जारी रखने और भविष्य में अपने पैरों पर खड़े होने का बड़ा सहारा बन सकती है। ‘15 अगस्त, 15 सपने’ अभियान के जरिए संदेश फाउंडेशन ने स्वतंत्रता दिवस को एक अलग तरीके से मनाने की पहल की है। लक्ष्य 15 बच्चों का है, लेकिन कोशिश यह है कि इन बच्चों के सपनों की उड़ान आर्थिक परेशानी की वजह से न रुके।
कोतवाली में लगा वाटर कूलर : फरियादियों को मिलेगा ठंडा पानी
Tue, Aug 11, 2026
पालिकाध्यक्ष ने सीओ की मौजूदगी में किया लोकार्पण, सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ेंगी सुविधाएं
उन्नाव। सदर कोतवाली आने वाले फरियादियों और पुलिसकर्मियों को अब पीने के पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। नगर पालिका परिषद की ओर से कोतवाली परिसर में प्यूरीफायर वॉटर कूलर लगाया गया है। मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानू मिश्रा ने इसका लोकार्पण कर आम लोगों के लिए शुरू कराया। इस दौरान सीओ सिटी विनी सिंह और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली चंद्रकांत मिश्रा मौजूद रहे। वॉटर कूलर से कोतवाली में शिकायत या किसी अन्य काम से आने वाले लोगों को शुद्ध और ठंडा पानी मिल सकेगा। गर्मी के मौसम में यहां आने वाले फरियादियों और उनके साथ मौजूद लोगों के लिए यह सुविधा काफी राहत देने वाली होगी। नगर पालिका की ओर से सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की जरूरत के मुताबिक सुविधाएं बढ़ाने का काम किया जा रहा है।
लोगों की जरूरत के हिसाब से बढ़ेंगी सुविधाएं
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानू मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर आने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिकता है। गर्मी में लोगों को शुद्ध और ठंडा पानी आसानी से मिल सके, इसी उद्देश्य से कोतवाली परिसर में वाटर कूलर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि शहर के अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी जरूरत के अनुसार जनसुविधाओं को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। लोकार्पण के दौरान सुनील तिवारी, एबी नगर सभासद प्रतिनिधि मनीष शुक्ला, सोनी सिंह परिहार, अवनींद्र सिंह, शीतल यादव, नमन समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
हेराफेरी : प्लाट के कागजों में खेल कर दूसरे की जमीन पर जमाने चले थे कब्जा, दो भाई गिरफ्तार
Tue, Aug 11, 2026
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी एफआईआर; जांच में खुली कूटरचित दस्तावेजों की पोल
उन्नाव। प्लाट की खरीद-फरोख्त के बाद जमीन पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। आरोप है कि दो सगे भाइयों ने जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर कर गाटा संख्या ही बदल दी और उसके आधार पर प्लाट पर अपना दावा करने लगे। शिकायत के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा तो कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो दोनों भाइयों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी के पर्याप्त साक्ष्य मिले। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
2024 में खरीदा था 420 वर्गमीटर का
प्लाट
सदर कोतवाली क्षेत्र के गिरजाबाग निवासी आसिफ अली के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2024 में दही थाना क्षेत्र के चांदपुर में 420 वर्गमीटर जमीन का प्लाट खरीदा था। जमीन की खरीद के बाद उसका बैनामा भी कराया गया था। आसिफ का कहना है कि कुछ समय बाद उन्हें जानकारी हुई कि उनकी जमीन को लेकर कुछ लोगों की ओर से अलग दावा किया जा रहा है। आरोप है कि संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर कर गाटा संख्या 475 को बदलकर 415 दर्शाया गया। इसी बदले हुए विवरण के आधार पर जमीन पर अधिकार जताने और कब्जे की कोशिश की गई। मामला सामने आने के बाद आसिफ ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
तहसील से पुलिस तक लगाई गुहार, नहीं हुई कार्रवाई
पीड़ित ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी की जानकारी होने के बाद तहसील और पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जब कार्रवाई नहीं हुई तो उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में पूरे मामले की जानकारी देते हुए कूटरचित अभिलेख तैयार कर जमीन पर अवैध दावा करने का आरोप लगाया गया। न्यायालय के आदेश के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने आठ नवंबर 2025 को मामले में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने दस्तावेजों और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
जांच में सामने आए दो भाइयों के नाम
पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान दस्तावेजों में की गई कथित कूटरचना और जमीन पर किए जा रहे दावे की जांच की गई। इसी दौरान प्रेमचंद्र और उसके भाई राजबहादुर निवासी चांदपुर, थाना दही के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों की भूमिका की जांच की और संबंधित दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों को जुटाया। विवेचना में दोनों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने सोमवार को दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
दस्तावेजों की जांच से खुला मामला
पुलिस के अनुसार, मामला सिर्फ जमीन के कब्जे के विवाद तक सीमित नहीं था। विवेचना में दस्तावेजों में गाटा संख्या बदलने और उन्हीं कागजों के आधार पर जमीन पर दावा करने का आरोप सामने आया। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
कोतवाल का कहना
सदर कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि विवेचना के दौरान कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज लगाने और धोखाधड़ी करने के मामले में प्रेमचंद्र और उसके भाई राजबहादुर के नाम प्रकाश में आए थे। दोनों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य मिलने पर सोमवार को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।