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भेदभाव का आरोप : मस्जिद-मदरसा हटाए जाने के बाद रिफाहे आम सोसाइटी ने उठाए निष्पक्षता के सवाल

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Tue, Jun 16, 2026
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राष्ट्रपति व मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

उन्नाव। सदर तहसील क्षेत्र के माखी थाना अंतर्गत इसुनिया गांव में ग्राम समाज की भूमि पर बने मस्जिद और मदरसे को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किए जाने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। रिफाहे आम सोसाइटी ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे भेदभावपूर्ण बताया है और मामले में राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश समेत अन्य उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है। सोसाइटी के प्रदेश संयोजक अफाक अहमद ने विभिन्न संवैधानिक पदाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा है कि राजस्व अभिलेखों में खाता संख्या 122 खेल मैदान के रूप में दर्ज है। प्रशासन ने इसी भूमि पर बने मस्जिद और मदरसे को अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्त कर दिया, लेकिन उसी भूमि पर अन्य लोगों द्वारा किए गए कथित अतिक्रमणों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सभी कब्जाधारकों पर समान रूप से लागू नहीं की गई। अफाक अहमद ने मांग की है कि यदि संबंधित भूमि वास्तव में खेल मैदान के रूप में दर्ज है तो वहां मौजूद सभी अवैध कब्जों को हटाया जाए। साथ ही बच्चों के लिए खेल मैदान विकसित कर उसकी चारदीवारी कराने की व्यवस्था भी की जाए, ताकि भूमि का उपयोग उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप हो सके। इधर, सामाजिक कार्यकर्ता दिलशाद अहमद ने मामले को लेकर सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत तहसीलदार सदर से विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने आवेदन में पूछा है कि इसुनिया गांव में ग्राम समाज की भूमि पर कुल कितने अवैध कब्जे हैं, उन पर किस प्रकार के निर्माण किए गए हैं तथा अब तक कितने अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। आरटीआई आवेदन में यह भी जानकारी मांगी गई है कि कथित कब्जाधारकों के नाम और पते क्या हैं तथा खाता संख्या 122 पर मौजूद अन्य कब्जों के विरुद्ध अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और अब लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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