बाढ़ में घर-गृहस्थी प्रभावित : 540 परिवारों को मिली राहत किट, विधायक ने सुनीं समस्याएं
Fri, Sep 18, 2026
उन्नाव। गंगा की बाढ़ ने परियर कटरी क्षेत्र में कई परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल कर दी है। ऐसे में जरूरत के सामान के लिए राहत किट मिलने से बंदनपुरवा और देवीपुरवा के 540 परिवारों को कुछ सहारा मिला। परियर स्थित बाबा बलखंडेश्वर महादेव मंदिर परिसर में राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सदर विधायक पंकज गुप्ता कार्यक्रम में पहुंचे और बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की। उन्होंने लोगों से पूछा कि बाढ़ के कारण उन्हें किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और इस समय किन चीजों की सबसे ज्यादा जरूरत है। महिलाओं ने भी अपनी समस्याएं बताईं। विधायक ने लोगों को भरोसा दिलाया कि जरूरत के समय हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। विधायक ने कहा कि बाढ़ के दौरान प्रभावित परिवारों के सामने खाने-पीने के सामान के साथ ही रोजमर्रा की दूसरी जरूरतें जुटाने की चुनौती रहती है। इसलिए राहत सामग्री को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर राहत व बचाव के काम में जुटे हैं। प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में बंदनपुरवा और देवीपुरवा के कुल 540 परिवारों को राहत किट बांटी गईं। किट में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली जरूरी सामग्री दी गई। राहत सामग्री मिलने पर परिवारों को बाढ़ के बीच जरूरी सामान की व्यवस्था में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में परियर प्रधान सुरेश, देवीपुरवा प्रधान राम शंकर यादव, पत्रकार रवि मिश्रा, कप्तान सिंह, रामचंद्र, पूर्व प्रधान देवी प्रसाद, पूर्व प्रधान नेवाजी निषाद, नायब तहसीलदार, लेखपाल, संतोष मास्टर, पिंटू गौतम, मोनू वर्मा, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और राधेश्याम अवस्थी समेत अधिकारी व ग्रामीण मौजूद रहे।
गलियों में बदली सूरत : जल निकासी भी होगी बेहतर
Fri, Sep 18, 2026
चार वार्डों में सड़क और नाली निर्माण पूरा, लोकार्पण के बाद लोगों को मिली सुविधा
उन्नाव। शहर की गलियों में सड़क और जल निकासी की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए नगर पालिका परिषद की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में चार स्थानों पर काम पूरा हो गया है। वार्ड 23 एबी नगर उत्तरी, वार्ड 3 आदर्श नगर और वार्ड 7 इंदिरानगर में नाली व सड़क निर्माण कार्य पूरे होने के बाद उनका लोकार्पण किया गया। आदर्श नगर में एक अन्य स्थान पर भी नाली और इंटरलॉकिंग सड़क का काम पूरा कराया गया है।
एबी नगर उत्तरी में सीसी सड़क
वार्ड 23 एबी नगर उत्तरी में श्रीराम शंकर के मकान संख्या 130/8 से जगदीश यादव के मकान संख्या 130/10 तक नाली और सीसी सड़क बनाई गई है। इससे गली में आवागमन के साथ पानी निकासी की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
आदर्श नगर में दो जगह काम
वार्ड 3 में सुधना बाबा मंदिर से नितिन रौनी के घर तक नाली और सीसी सड़क का निर्माण कराया गया। वहीं रामकुमार पांडेय के मकान संख्या 974 से रामकुमार मिश्रा के मकान संख्या 964 तक नाली के साथ इंटरलॉकिंग सड़क बनाई गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इन कार्यों से रास्ते को लेकर होने वाली परेशानी कम होगी।
इंदिरानगर की दो गलियां भी संवरीं
वार्ड 7 इंदिरानगर में दुर्गेश तिवारी के मकान से संतोष अवस्थी के मकान होते हुए अशोक साहू के घर तक और देवेंद्र प्रताप सिंह के घर से गणेश शंकर तिवारी के घर तक नाली व इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया है।
अध्यक्ष बोलीं, नगरहित को प्राथमिकता, विकास कार्य रहेंगे जारी
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानु मिश्रा ने कहा कि शहर के वार्डों में सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने का काम प्राथमिकता से कराया जा रहा है। इन कार्यों का उद्देश्य लोगों को सुगम आवागमन के साथ जल निकासी और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना है। वार्डों में स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों को आगे भी गति दी जाएगी। नगर को साफ-सुथरा और बेहतर सुविधाओं वाला बनाने के लिए विकास कार्य आगे भी जारी रहेंगे।
लोकार्पण में ये रहे मौजूद
एबी नगर उत्तरी में सभासद प्रतिनिधि मनीष शुक्ला, मोती यादव, रवि शंकर, राकेश यादव, मुलायम सिंह, ममता और मोनिका समेत क्षेत्रवासी मौजूद रहे। वार्ड 3 में सभासद राकेश कुमार साहू, सभासद शिव वीरेंद्र कुशवाहा, सुनील मिश्रा, अवधेश अवस्थी, राजेश त्रिवेदी, संतोष तिवारी, जीतू त्रिपाठी, सूरज जायसवाल, सुनील जायसवाल, अनिल कुमार त्रिवेदी, सौरभ साहू, अमन मिश्रा, मनीष मिश्रा, अजय यादव और दिनेश यादव समेत अन्य नागरिक उपस्थित रहे।
हरियाली की जगह विज्ञापन पोल : डिवाइडर खोदकर खड़े किए होर्डिंग पोल
Fri, Sep 18, 2026
31 तीन तरफा होर्डिंग और 13 यूनीपोल से पटी जिला अस्पताल रोड, हादसे का भी खतरा
उन्नाव। शहर में विज्ञापन कारोबार का खेल अब सड़क के बीच बने डिवाइडर तक पहुंच गया है। जिला अस्पताल रोड पर डिवाइडर में लगे पौधों के बीच होर्डिंग के लिए लोहे के पोल खड़े कर दिए गए हैं। कहीं पौधों की जगह पोल नजर आ रहे हैं तो कहीं डिवाइडर खोदकर नए ढांचे खड़े किए जा रहे हैं। करीब 31 तीन तरफा होर्डिंग पोल और 13 यूनीपोल लगाए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि कई जगह इन पोल को रात के अंधेरे में लगाया गया। जिस डिवाइडर को हरियाली और सड़क की खूबसूरती के लिए तैयार किया गया था, अब वही विज्ञापन कारोबारियों के लिए कमाई का जरिया बनता दिखाई दे रहा है।आईबीपी चौराहा पर भी इसी तरह विज्ञापन स्ट्रक्चर नजर आ रहे हैं। पोल लगाने के लिए डिवाइडर में गड्ढे किए जा रहे हैं। इससे पौधों को नुकसान पहुंचने के साथ डिवाइडर भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। सड़क के बीच इतनी संख्या में होर्डिंग स्ट्रक्चर खड़े होने से यातायात सुरक्षा का सवाल भी खड़ा हो गया है।
60 लाख के काम पर होर्डिंग का कब्जा
जिला अस्पताल से गदनखेड़ा चौराहे तक फुटपाथ और डिवाइडर का निर्माण आवास विकास परिषद ने करीब 60 लाख रुपये की लागत से कराया था। करीब 54 लाख रुपये से स्ट्रीट लाइटें भी लगाई गई थीं। डिवाइडर के बीच पौधे लगाए गए थे। मकसद था कि सड़क व्यवस्थित और सुंदर नजर आए। लेकिन अब इसी जगह पर एक के बाद एक विज्ञापन पोल खड़े किए जा रहे हैं।
पौधे हटे, गड्ढे हुए और पोल खड़े हो गए
होर्डिंग लगाने के लिए डिवाइडर में जगह-जगह खुदाई की गई है। कई स्थानों पर पौधों के आसपास लोहे के पोल दिखाई दे रहे हैं। सवाल यह है कि निजी विज्ञापन लगाने के लिए सार्वजनिक निर्माण वाले डिवाइडर में खुदाई करने की अनुमति किसने दी? अगर अनुमति ली गई है तो उसकी शर्तें क्या हैं और कितने पोल लगाने की मंजूरी है?
टैक्स जमा हो रहा या सिर्फ विज्ञापन लग रहे?
सूत्रों के अनुसार कुछ होर्डिंग कारोबारी निर्धारित टैक्स या शुल्क जमा किए बिना विज्ञापन पोल लगाए जाने की बात कही जा रही है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में जिला अस्पताल रोड पर लगे सभी होर्डिंग और यूनीपोल का रिकॉर्ड खंगालना जरूरी है। किस कारोबारी ने कितने पोल लगाए, किस स्थान की अनुमति मिली, कितना शुल्क जमा हुआ और मौके पर अनुमति के मुताबिक ही स्ट्रक्चर लगाए गए या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच से तस्वीर साफ होगी।
आंधी आई तो भारी पोल बन सकते हैं खतरा
डिवाइडर के बीच खड़े किए गए भारी-भरकम होर्डिंग और यूनीपोल सिर्फ हरियाली ही नहीं, सड़क सुरक्षा से भी जुड़े हैं। तेज हवा या आंधी में कमजोर आधार वाले पोल उखड़कर सड़क पर गिरे तो वाहन सवार और राहगीर इसकी चपेट में आ सकते हैं। बड़े होर्डिंग से सड़क की दृश्यता प्रभावित होने या वाहन चालकों का ध्यान भटकने की स्थिति में भी दुर्घटना का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए लगाए गए प्रत्येक स्ट्रक्चर की मजबूती और उसकी नींव की जांच भी जरूरी है।
रात में काम, सुबह दिखता नया पोल
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ स्थानों पर होर्डिंग पोल लगाने का काम रात के समय किया जा रहा है। दिन में सड़क से गुजरने वालों को डिवाइडर पर पहले से अधिक पोल नजर आते हैं। अगर यह बात सही है तो सवाल यह भी है कि रात में डिवाइडर की खुदाई और पोल लगाने का काम किसकी अनुमति से किया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में स्ट्रक्चर लगने के बावजूद उनके दस्तावेज और अनुमति की स्थिति भी सामने आनी चाहिए।
सरकारी डिवाइडर, निजी विज्ञापन का ठिकाना
करीब 60 लाख रुपये से तैयार डिवाइडर और 54 लाख रुपये की स्ट्रीट लाइटों पर सार्वजनिक धन खर्च हुआ है। इसके बीच लगाए गए पौधे भी इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं। ऐसे में निजी विज्ञापन कारोबार के लिए डिवाइडर में खुदाई और स्थायी पोल खड़े करने को लेकर नियमों की स्थिति साफ होना जरूरी है। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाने के लिए स्थानीय निकाय की अनुमति और निर्धारित शुल्क की व्यवस्था है। जिला अस्पताल रोड पर लगे स्ट्रक्चर इसी प्रक्रिया के तहत लगे हैं या नहीं, जांच में यह स्पष्ट होना है।
पालिका अध्यक्ष बोलीं, जांच कराएंगे
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में पोल लगाने वालों की अनुमति, टैक्स और डिवाइडर में की गई खुदाई समेत अन्य बिंदुओं की स्थिति स्पष्ट होगी।