जमीन के सौदे में हुआ फरेब : 14 लाख एडवांस लेकर दूसरे को बेची
Fri, Oct 30, 2026
पहले एग्रीमेंट में गवाह था दूसरा खरीदार, कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली में एफआईआर
उन्नाव। जमीन की खरीद-फरोख्त में सदर तहसील के तौरा गांव का एक मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन का सौदा लखनऊ की एक कंपनी से 28 लाख 18 हजार रुपये में तय हुआ था। कंपनी ने 14 लाख नौ हजार रुपये एडवांस भी दे दिए, लेकिन बाद में जमीन कंपनी के नाम करने के बजाय दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्ट्री कर दी गई। खास बात यह है कि दूसरे खरीदार ने पहले हुए एग्रीमेंट में गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए थे। कंपनी की शिकायत पर न्यायालय के आदेश से सदर कोतवाली पुलिस ने 30 अक्टूबर को दोनों आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। लखनऊ डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सौरभ शर्मा की शिकायत के मुताबिक, बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र के निवासी विमल कुमार वर्तमान में गोमती नगर, लखनऊ में रहते हैं। उन्होंने पांच जुलाई 2025 को तौरा गांव की जमीन का कंपनी के साथ रजिस्टर्ड एग्रीमेंट किया था। जमीन की कुल कीमत 28 लाख 18 हजार रुपये तय हुई थी। एग्रीमेंट के समय कंपनी ने बैंक ऑफ इंडिया की बंथरा शाखा के बैंकर्स चेक से विमल कुमार को 14 लाख नौ हजार रुपये एडवांस दिए थे। बाकी रकम रजिस्ट्री के समय दी जानी थी।
अनुमति मिलने के बाद भी नहीं की रजिस्ट्री
शिकायत के अनुसार, विमल कुमार अनुसूचित जाति वर्ग से होने के कारण जमीन बेचने के लिए डीएम की अनुमति जरूरी थी। एग्रीमेंट में शर्त थी कि अनुमति मिलने के दो महीने के भीतर कंपनी के नाम रजिस्ट्री कराई जाएगी। विमल कुमार को 30 जनवरी 2026 को जमीन बेचने की अनुमति मिल गई थी। इसके बावजूद कंपनी के नाम रजिस्ट्री नहीं कराई गई। कंपनी ने एक मार्च 2026 को अधिवक्ता के जरिए कानूनी नोटिस भी भेजा, लेकिन आरोप है कि इसका पालन नहीं किया गया।
एग्रीमेंट का गवाह ही बना दूसरा खरीदार
कंपनी की शिकायत में सुधीर कुमार की भूमिका भी अहम है। पांच जुलाई 2025 को विमल कुमार और कंपनी के बीच हुए पंजीकृत एग्रीमेंट में सुधीर कुमार गवाह नंबर दो थे। कंपनी का आरोप है कि उन्हें पहले सौदे और एडवांस भुगतान की जानकारी थी। इसके बावजूद विमल कुमार ने 28 फरवरी 2026 को जमीन सुधीर कुमार के नाम रजिस्ट्री कर दी। कंपनी ने दोनों पर मिलीभगत कर 14 लाख नौ हजार रुपये हड़पने और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। न्यायालय के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने 30 अक्टूबर को दोनों आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सपा में नई टीम को जिम्मेदारी : नवनियुक्त जिला सचिवों का अंकित सिंह परिहार ने किया स्वागत
Fri, Oct 30, 2026
अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने के लक्ष्य के साथ कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प
उन्नाव। यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। भगवंतनगर में पार्टी के नवनियुक्त जिला सचिवों का स्वागत किया गया। सपा नेता एवं प्रवक्ता अंकित सिंह परिहार ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य फूलचंद्र पासवान, सिकंदरपुर कर्ण के क्षेत्र पंचायत सदस्य रमाकांत मिश्रा, बीघापुर के क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीकृष्ण गौतम और डॉ. कृष्ण कुमार कन्नौजिया को जिला सचिव बनाए जाने पर बधाई दी और उनका मुंह मीठा कराया। इस दौरान संगठन की मजबूती और आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। अंकित सिंह परिहार ने कहा कि अनुभवी और सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठन में जिम्मेदारी मिलने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाकर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना होगा। उन्होंने बूथ और सेक्टर स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के साथ युवाओं, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही। कहा कि पार्टी की असली ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। उनकी सक्रियता और जनता से सीधा जुड़ाव ही संगठन को मजबूत बनाता है। कार्यक्रम में मौजूद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया। परिहार ने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त जिला सचिव अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठा से निर्वहन करते हुए जिले में संगठन को और मजबूत करेंगे।
वन भूमि से निजी जमीन तक खनन का खेल : रात के अंधेरे में खोद डाली जमीन
Fri, Oct 30, 2026
मवइय्या वन ब्लॉक में 36 मीटर तक हुई खुदाई, वन रक्षक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज
उन्नाव। रात का अंधेरा और सरकारी जमीन, अवैध खनन करने वालों के लिए यही मौका बना। माखी क्षेत्र के मवइय्या वन ब्लॉक में खनन करने वालों ने संरक्षित वन भूमि को ही नहीं छोड़ा। रातोंरात यहां मिट्टी की खुदाई कर दी गई। वन विभाग की गश्त के दौरान इसका खुलासा हुआ तो विभाग में खलबली मच गई। वन रक्षक की तहरीर पर माखी पुलिस ने भारतीय वन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। वन रक्षक अनुजा यादव के मुताबिक, 27 अक्टूबर की शाम वह मवइय्या वन ब्लॉक की वन भूमि पर गश्त कर रही थीं। इस दौरान संरक्षित क्षेत्र में करीब 36 मीटर लंबाई, छह मीटर चौड़ाई और 0.66 मीटर गहराई तक मिट्टी की खुदाई मिली। आसपास जानकारी करने पर पता चला कि 26 और 27 अक्टूबर की रात के बीच खनन किया गया है।वन रक्षक ने तहरीर में बताया कि खनन किसने किया और खोदी गई मिट्टी कहां ले जाई गई, इसकी जानकारी नहीं हो सकी। संरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति की गई इस खुदाई को गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई। माखी पुलिस ने 29 अक्टूबर को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। अब सवाल यह है कि संरक्षित वन भूमि तक पहुंचकर रात में खुदाई करने वाले कौन थे और निकाली गई मिट्टी कहां खपाई गई। जांच में इन सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं।
शिकायतें लगातार, खनन पर लगाम नहीं
जिले में अवैध मिट्टी खनन की शिकायतें सोशल मीडिया पर लगातार सामने आती रहती हैं। अलग-अलग क्षेत्रों से लोग मिट्टी की अवैध कारोबार की तस्वीरें,वीडियो और यहां तक लोकेशन तक साझा कर प्रशासन का ध्यान भी आकर्षित करते हैं। इसके बावजूद खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। रात के अंधेरे में सरकारी विभागों की जमीनों के साथ निजी भूमि को भी निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में बिहार थाना क्षेत्र के भगवंतनगर में भाजपा सुमेरपुर मंडल अध्यक्ष आशीष कुमार बाबा की निजी जमीन से मिट्टी खोदे जाने का मामला सामने आया। आशीष कुमार के मुताबिक, 21 अक्टूबर की रात गाटा संख्या 383 स्थित उनकी जमीन से जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से मिट्टी खुदवाई गई और उसे आसपास के गांवों में बेच दिया गया। भाजपा नेता की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। अब मवइय्या वन ब्लॉक की संरक्षित भूमि पर खनन का मामला सामने आने से अवैध खनन के कारोबार पर अंकुश लगाने और जिम्मेदारों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।