दो महीने बाद भी नहीं मिली प्रोत्साहन राशि : मेधावी छात्र पहुंचे डीएम कार्यालय
Mon, Aug 3, 2026
सम्मान समारोह में जल्द भुगतान का मिला था भरोसा, टॉप-10 में शामिल छात्रों ने कहा, हर बार सिर्फ आश्वासन मिल रहा
उन्नाव। जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किए जाने के बाद घोषित प्रोत्साहन राशि का इंतजार अब नाराजगी में बदलने लगा है। करीब दो महीने बीत जाने के बावजूद राशि खातों में न पहुंचने से परेशान छात्र सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराकर जल्द भुगतान की मांग की। छात्रों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। जिले की मेरिट सूची में चौथा स्थान हासिल करने वाले छात्र अभय अवस्थी ने बताया कि 1 जून को आयोजित सम्मान समारोह में जिले के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने भरोसा दिया था कि अगले ही दिन प्रोत्साहन राशि छात्रों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी। लेकिन दो महीने बाद भी किसी भी पात्र छात्र के खाते में राशि नहीं पहुंची। अभय ने बताया कि इस संबंध में कई बार जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और जिलाधिकारी कार्यालय से संपर्क किया गया। हर बार यही कहा गया कि "एक-दो दिन में भुगतान हो जाएगा", लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे छात्रों में निराशा बढ़ती जा रही है। छात्रों के साथ पहुंचे कपिल शर्मा ने बताया कि जिले के टॉप-10 में स्थान पाने वाले कुल 30 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया था। सम्मान समारोह में सभी को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया और प्रोत्साहन राशि दिए जाने की घोषणा भी की गई थी। बाद में अधिकारियों ने जानकारी दी कि केवल 20 छात्रों के लिए ही धनराशि स्वीकृत हुई है। कपिल का कहना है कि इसके बाद अधिकारियों ने यह भी बताया कि एक छात्रा को मंच पर सम्मानित किए जाने के कारण अब सिर्फ 19 छात्रों को ही राशि दी जाएगी। छात्रों का आरोप है कि चयन सूची या कार्यक्रम के दौरान ऐसी किसी शर्त या सीमित संख्या की जानकारी नहीं दी गई थी। इससे पूरे मामले को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्रों ने प्रशासन से मांग की कि पात्र सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को बिना किसी भेदभाव के जल्द से जल्द घोषित प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि सम्मान के साथ घोषित की गई राशि समय पर मिलना भी उतना ही जरूरी है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो छात्र आगे भी अपनी आवाज उठाने को मजबूर होंगे।
मांगों को लेकर पालिका में धरने पर बैठे सभासद : जल्द निस्तारण का मिला आश्वासन
Mon, Aug 3, 2026
पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि और ईओ से वार्ता के बाद बनी सहमति
उन्नाव। नगर पालिका परिषद परिसर में सोमवार को विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर कई सभासद धरने पर बैठ गए। सभासद सतीश यादव, राजेंद्र भारतीय, रवि, यासीन अहमद शिबू, अमित सिंह बऊआ, मोहम्मद आरिफ सानू, सुशील तिवारी, दिनेश लोधी और पंकज लोधी के नेतृत्व में हुए धरने में नगर के विकास कार्य, पेयजल व्यवस्था, सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े नौ प्रमुख मुद्दे उठाए गए। धरने की सूचना मिलते ही पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा 'भानु' और अधिशाषी अधिकारी (ईओ) राम आसरे कमल मौके पर पहुंचे। दोनों ने सभासदों के साथ वार्ता कर उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा की। वार्ता के दौरान कुछ मांगों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष बिंदुओं पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद सभासदों ने शांतिपूर्वक धरना समाप्त कर दिया। सभासदों ने कहा कि नगर पालिका के ऐसे मकानों से वाटर टैक्स लिया जा रहा है, जहां आज तक पालिका की ओर से पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि जिन घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है, उनका वाटर टैक्स तत्काल प्रभाव से माफ किया जाए। धरने में आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सभासदों का कहना था कि कर्मचारियों को वर्ष 2026 के शासनादेश के अनुसार वेतन मिलना चाहिए, जबकि वर्तमान में उन्हें वर्ष 2024 के शासनादेश के अनुसार भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने शासनादेश के अनुरूप वेतन दिए जाने की मांग की। इसके अलावा सभासदों ने उनके शिकायती पत्रों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण करने, पड़ाव अड्डों की नीलामी प्रत्येक वर्ष पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कराने तथा शहर में जलभराव की समस्या को देखते हुए नाला सफाई का कार्य भी टेंडर प्रक्रिया से कराए जाने की मांग रखी। सभासदों ने सभी वार्डों में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से विकास कार्य कराए जाने, बोर्ड बैठक की कार्यवाही (प्रोसीडिंग बुक) की छायाप्रति सभी सभासदों को उपलब्ध कराने तथा उनके प्रस्तावों को विकास कार्यों की योजनाओं में शामिल करने की भी मांग की। धरने के दौरान सभासदों ने यह मुद्दा भी उठाया कि पूर्व में भ्रष्टाचार से जुड़े पांच बिंदुओं की जांच में अधिशाषी अधिकारी को दोषी पाए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने इस प्रकरण में शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट पर प्रभावी निर्णय लिया जाना चाहिए।बातचीत के दौरान पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा 'भानु' और अधिशाषी अधिकारी राम आसरे कमल ने सभासदों को भरोसा दिलाया कि जिन मांगों का तत्काल समाधान संभव है, उनका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और अन्य मामलों को भी नियमानुसार शीघ्र पूरा कराया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद सभासदों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
पूर्व एलआईयू दारोगा ने खुद को मारी गोली : कानपुर ले जाते समय मौत
Mon, Aug 3, 2026
गोली की आवाज सुनकर कमरे में पहुंचे बेटे ने देखा खून से लथपथ पड़े थे पिता, पुलिस ने शुरू की जांच
उन्नाव। शहर के पीडी नगर मोहल्ले में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस की एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) शाखा से रिटायर्ड दारोगा ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। गंभीर रूप से घायल हालत में परिजन उन्हें इलाज के लिए कानपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। मूल रूप से कन्नौज जिले के गुरसहायगंज क्षेत्र के रउतामई गांव निवासी 65 वर्षीय रामजीत वर्ष 2021 में एलआईयू शाखा से सेवानिवृत्त हुए थे। वह काफी समय से अपने बेटे अभिषेक के साथ उन्नाव के पीडी नगर मोहल्ले में रह रहे थे। आसपास के लोगों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले पत्नी के निधन के बाद से वह अक्सर मानसिक तनाव में रहते थे। बेटे अभिषेक ने पुलिस को बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे पिता ने परिवार के साथ खाना खाया और अपने कमरे में सोने चले गए। करीब डेढ़ घंटे बाद अचानक गोली चलने की तेज आवाज सुनाई दी। वह दौड़कर कमरे में पहुंचे तो पिता खून से लथपथ पड़े थे। तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां से कानपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से रामजीत की लाइसेंसी एकनाली बंदूक बरामद हुई है, जिसे कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जानकारी में बेटे ने पुलिस को बताया है कि पिता डिप्रेशन में थे और इसी कारण उन्होंने यह कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ सिटी विनी सिंह और शहर कोतवाल चंद्रकांत मिश्र मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिवार के लोगों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि अभी प्रथम दृष्टया से मामला आत्महत्या का नजर आ रहा है, लेकिन हर पहलू को लेकर भी जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।