उन्नाव में देर रात मुठभेड़ : लाखों के जेवर और नकदी के साथ दो बदमाश पकड़े गए
Tue, Nov 4, 2025
घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती, फरार साथी की तलाश में टीम रवाना
उन्नाव जिले के बारासगवर इलाके में सोमवार की देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी दबोच लिया गया। तीसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। पुलिस ने मौके से चोरी के लाखों रुपये के आभूषण, नकदी और अवैध हथियार बरामद किए हैं। घटना जगतपुर पुलिया के पास की है, जहां एसओजी, सर्विलांस और बारासगवर थाना पुलिस संयुक्त रूप से देर रात वाहनों की चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान स्प्लेंडर बाइक पर सवार तीन युवक आते दिखे। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का संकेत दिया तो बाइक सवारों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की। फायरिंग के दौरान जाजमऊ, कानपुर निवासी इमाद कुरैशी के पैर में गोली लगी। उसे घायल अवस्था में पुलिस ने मौके पर ही काबू में ले लिया। वहीं उसका साथी एकलव्य उर्फ अमन, निवासी सिद्धनाथ घाट, कानपुर को भी पुलिस ने दबोच लिया। तीसरा साथी अरशद अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश में टीमों को रवाना कर दिया है।
घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया
इमाद को पुलिस ने तुरंत ऊंचागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने घटनास्थल से एक 315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और 4400 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुरानी ज्वैलरी चोरी से जुड़ा मिला सुराग
पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़े गए दोनों बदमाश 25-26 अक्टूबर की रात ऊंचागांव कस्बे में ज्वैलर्स की दुकान में चोरी की वारदात में शामिल थे। बदमाशों ने दुकान का शटर काटकर लाखों के जेवर उड़ा लिए थे। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी के खिलाफ कानपुर और उन्नाव में कई संगीन मामले पहले से दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारी का बयान
सीओ सिटी मधुपनाथ ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान संदिग्धों ने टीम पर फायर किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। गोली लगने से एक बदमाश घायल हुआ और दो गिरफ्तार किए गए हैं। इनके पास से चोरी का माल और हथियार मिले हैं। वहीं तीसरे फरार आरोपी अरशद की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई एसपी उन्नाव के निर्देशन में एसओजी और बारासगवर पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
शासन तक पहुंचा प्याज की "एसी यात्रा" का मामला : जांच टीम लौटी आज फिर पहुंचेगी मंडी
Mon, Nov 3, 2025
कागज़ी खेल या अंदरूनी सांठगांठ? प्याज का ‘एसी सफर’ बना बड़ा सवाल
उन्नाव। नवीन मंडी परिसर में एसी बस से प्याज उतारे जाने का मामला अब बड़ा रूप ले चुका है। शासन स्तर से लेकर परिवहन विभाग तक इस पर गंभीरता से जांच शुरू हो गई है। उप क्षेत्रीय प्रबंधक के आदेश पर रविवार को जांच टीम मंडी पहुंची, लेकिन सचिव के अनुपस्थित रहने के कारण टीम को लौटना पड़ा। एआरएम गिरीश चंद्र वर्मा ने बताया कि सोमवार को टीम फिर से मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसी बस उनके डिपो की नहीं है।
मंडी सचिव ने व्यापारी से मांगा जवाब
मंडी समिति के सचिव सुधीर कुमार ने प्याज खरीदने वाले व्यापारी हसन ब्रदर्स को नोटिस भेजा है। सचिव ने पूछा है कि सरकारी बस में प्याज लादकर मंडी तक कैसे पहुंचाया गया। मंडी समिति की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि संभवतः रास्ते में ट्रक खराब हो गया हो और ट्रांसपोर्टर या व्यापारी ने बस का सहारा लिया हो। हालांकि, सचिव ने माना कि व्यापारी के जवाब के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
एसी बस का वीडियो भी आया सामने
इस बीच एसी बस से प्याज उतरने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति वीडियो बनाने वाले को रोकने की कोशिश कर रहा है और उसका फोन छीनने का प्रयास भी करता नजर आ रहा है। अब सवाल यह है कि वह व्यक्ति कौन है—क्या वह बस चालक था, मंडी कर्मचारी था या फिर व्यापारी के लोगों में से कोई? स्थानीय लोगों का मानना है कि उस व्यक्ति से पूछताछ के बाद पूरे घटनाक्रम की असल तस्वीर साफ हो सकती है।
कागजों पर डीसीएम, हकीकत में ई-रिक्शा
जिस वाहन से प्याज उतरने की जानकारी कागजों में दर्ज है, वह नंबर यूपी 25 एफटी 4551 बताया गया है। लेकिन जांच में यह नंबर ई-रिक्शा का निकला। मंडी समिति के अभिलेखों में इस नंबर को डीसीएम बताया गया है, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
सवालों के घेरे में मंडी गेट की एंट्री
अब यह भी जांच का विषय बन गया है कि जब एसी बस मंडी गेट पर पहुंची, तो उसे बिना जांच प्रवेश कैसे मिल गया? क्या गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने कागजों की जांच नहीं की या फिर सब कुछ जानते हुए अनदेखी की? लोगों का मानना है कि यह महज लापरवाही नहीं बल्कि कहीं न कहीं सांठगांठ की ओर इशारा करती है। अब सभी की निगाहें सोमवार की जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे साफ होगा कि प्याज की यह “एसी यात्रा” महज इत्तेफाक थी या फिर मंडी और परिवहन विभाग की मिलीभगत का नतीजा।
: ‘शब्दगंगा शुद्धि अभियान’ के तहत हुआ कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह
Sun, Nov 2, 2025
डॉ. अनुराग मिश्र ‘ग़ैर’ को मिला ‘शब्दगंगा शिखर सम्मान’, शायरी से बांधा समां
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। शहर के उदयन भवन, लखनऊ बाईपास तिराहा, आवास विकास कॉलोनी में शनिवार रात साहित्य, शायरी और सृजन का अनोखा संगम देखने को मिला। ‘शब्दगंगा शुद्धि अभियान’ और ‘सृजन व शब्दगंगा संस्थान’ के तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में देशभर से आए कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से शब्दों की एक सजीव गंगा बहा दी। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने कहा कि भाषा और साहित्य समाज के संस्कारों का आईना हैं, जिन्हें शुद्ध और सकारात्मक बनाए रखना हर लेखक और कवि का कर्तव्य है। कवि सम्मेलन की शुरुआत वाराणसी की कवयित्री डॉ. विभा सिंह की वाणी वंदना से हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अनुराग मिश्र ‘ग़ैर’ ने की, जबकि संचालन नीरज पाण्डेय ने किया।
इस अवसर पर ‘शब्दगंगा’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और व्यंग्यकार डॉ. विनय शंकर दीक्षित ‘आशु’ की पाँचवीं कृति ‘युग-विडम्बना काव्य’ का लोकार्पण किया गया। साथ ही, ‘सृजन स्मारिका’ के 18वें अंक का विमोचन भी राष्ट्रीय कवियों और अतिथियों की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई सम्मानित व्यक्तित्वों को पुरस्कृत किया गया। उन्नाव के डॉ. अनुराग मिश्र ‘ग़ैर’ को ‘शब्दगंगा शिखर सम्मान’, भीलवाड़ा के योगेन्द्र शर्मा को ‘शब्दगंगा महाशिखर सम्मान’, मुरादाबाद के डॉ. राहुल शर्मा को ‘सृजन शिखर सम्मान’, अलीगढ़ की मुमताज नसीम को ‘शब्दगंगा शीर्ष सम्मान’ प्रदान किया गया। इसके अलावा, पं. महेन्द्र मधुर ‘आष्टा’ (
म.प्र
.) को ‘शब्दगंगा सम्मान’, लखनऊ के योगेश चौहान को ‘सृजन गौरव सम्मान’, सतना के पं. रविशंकर चतुर्वेदी को ‘सृजन रत्न सम्मान’, और उन्नाव के अतुल बाजपेई को ‘शब्दश्री सम्मान’ दिया गया। साथ ही, डॉ. संजय मिश्रा को ‘होम्योपैथिक चिकित्सा गौरव’ और संजय राठी को ‘उद्योग महारत्न सम्मान’ एवं नागरिक अभिनंदन से नवाजा गया।
सम्मान समारोह में सदर विधायक पंकज गुप्ता, भगवंत नगर विधायक आशुतोष शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष अरुण सिंह, भाजपा नेता विमल द्विवेदी, संस्थान के प्रेम कुमार सिंह,
ओ.पी
. तिवारी और उमा निवास बाजपेई मौजूद रहे।
मंच पर जब देशभर से आए कवियों ने स्वर साधे तो हर शेर और हर पंक्ति पर तालियां गूंज उठीं। अलीगढ़ की कवियत्री मुमताज नसीम ने अपनी नज़्मों से सभी का दिल जीत लिया, जबकि अनुराग मिश्र ‘ग़ैर’ की शायरी ने समां ही बदल दिया। उनकी रचनाओं पर श्रोताओं ने देर तक तालियां बजाईं और खूब सराहना की।
कार्यक्रम का समापन भावनाओं, व्यंग्य और कविताओं के साथ हुआ। उपस्थित कवियों ने शब्दों की शक्ति से समाज में सकारात्मकता और संवाद की संस्कृति को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा, और दर्शकों ने इसे उन्नाव की यादगार साहित्यिक शाम बताया।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष गिरीश मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ला, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अखिलेश अवस्थी, सभासद अशोक सिंह मुन्ना सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। आयोजकों ने कहा कि ‘शब्द गंगा शुद्धि अभियान’ का उद्देश्य भाषा को सरल, सुंदर और प्रभावी बनाते हुए समाज में सकारात्मक सोच और संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देना है।