राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट मार्च : एफआईआर दर्ज करने की उठाई मांग
Wed, Jun 24, 2026
कांग्रेस नेता बोले, आस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही जरूरी
उन्नाव। राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों पर अब सियासत तेज होती दिख रही है। बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार को घेरते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पहले बैठक कर पूरे मामले पर चर्चा की, फिर शांतिपूर्ण मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिली नकदी और सोने-चांदी के आभूषणों के रखरखाव और रिकॉर्ड को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि कई तथ्यों और शिकायतों के सामने आने के बावजूद अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की नीयत और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमंत सिंह ने कहा कि कई श्रद्धालुओं और दानदाताओं ने खुलकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि मंदिर में दिए गए कीमती जेवरात के बदले न तो उन्हें कोई रसीद दी गई और न ही बाद में उन दान की वस्तुओं की स्थिति के बारे में कोई जानकारी दी गई। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक के दौरान अलीगंज में हुए सड़क हादसे का मुद्दा भी उठा। इस हादसे में छात्रों की मौत पर कांग्रेस नेताओं ने गहरा दुख जताया। सभी कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का जत्था शांत मार्च के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर जल्द कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस ने साफ कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन और तेज किया जाएगा।
जेल में बंद कैदी की संदिग्ध मौत : अस्पताल रोड पर शव रखकर लगाया जाम
Wed, Jun 24, 2026
परिजनों का हंगामा, बोले- जेल में पीट-पीटकर ली जान
उन्नाव। जिला जेल में बंद हत्या के प्रयास के आरोपी की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का दावा किया। नाराज परिजनों ने जिला अस्पताल रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया, जिससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। आसीवन थाना क्षेत्र के बेगम नगर रसूलाबाद निवासी शफीक अहमद हत्या के प्रयास के मामले में जिला जेल में निरुद्ध था। पुलिस ने उसे 21 जून को हुए धारदार हथियार से हमले के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उसने अपने बेटे आदिल के साथ मिलकर अनस नाम के युवक पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था।पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शफीक को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक बुधवार दोपहर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद जेल कर्मी उसे आनन-फानन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि जेल के अंदर शफीक के साथ मारपीट की गई, जिसके चलते उसकी जान गई। परिजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए अस्पताल गेट के बाहर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को काबू में किया। जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया कि बंदी की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया था। मौत के कारणों की जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो सकेगी।
सूना घर देख चोरों का धावा : स्टांप वेंडर के यहां 5.70 लाख की चोरी
Wed, Jun 24, 2026
भंडारे में गया था परिवार, लौटने पर बिखरा मिला सामान; पुलिस जांच में जुटी
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र के कल्याणी मोहल्ले में चोरों ने सूने घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवर और नकदी पार कर दी। घटना की जानकारी उस समय हुई, जब पड़ोसी ने घर का मुख्य गेट खुला देखा और परिवार को सूचना दी। कल्याणी मोहल्ला निवासी अर्पित त्रिवेदी कलक्ट्रेट में स्टांप वेंडर हैं। उन्होंने बताया कि उनका पैतृक गांव अचलगंज थाना क्षेत्र के नेवरना गांव में है। सोमवार देर शाम वह परिवार के साथ गांव में आयोजित भंडारे में शामिल होने गए थे। घर में ताला बंद था। देर शाम पड़ोसी ने फोन कर बताया कि उनके घर का मुख्य दरवाजा खुला पड़ा है। सूचना मिलते ही परिवार आनन-फानन में वापस लौटा। घर पहुंचने पर अंदर का नजारा देख सभी हैरान रह गए। कमरों में सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी व बक्सों के ताले टूटे हुए थे। पीड़ित के अनुसार चोर करीब पांच लाख रुपये के जेवर और 70 हजार रुपये नकद ले गए। घर के एक कोने में कुछ कागजात जले हुए भी मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि वारदात में नशेड़ी तत्वों का हाथ हो सकता है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।