तीन साल बाद भी अधूरा अमृत भारत स्टेशन : पहले डीआरएम अब सांसद ने लगाई फटकार
Fri, Aug 14, 2026
छह महीने में काम पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी
उन्नाव। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उन्नाव जंक्शन के कायाकल्प में हो रही देरी पर शुक्रवार को सांसद साक्षी महाराज ने नाराजगी जताई। स्टेशन का निरीक्षण कर उन्होंने जिम्मेदारों को छह महीने में काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया और तय अवधि में काम पूरा न होने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने तक की चेतावनी दी। खास बात यह रही कि सांसद से दो दिन पहले बुधवार को लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने भी स्टेशन का निरीक्षण किया था और काम की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई थी। उन्नाव जंक्शन के पुनर्विकास पर 29.8 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अगस्त 2023 को वर्चुअल माध्यम से परियोजना का शिलान्यास किया था। इसके बाद स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का काम शुरू हुआ, लेकिन तय समय में काम पूरा नहीं हो पाया। सांसद ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है, इसलिए इसमें इस तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
छह महीने की मोहलत, फिर होगी कार्रवाई
सांसद ने निरीक्षण के दौरान साफ कहा कि अब निर्माण को और लंबा नहीं खींचा जा सकता। कार्यदायी संस्था को छह महीने में काम पूरा करने का समय दिया गया है। इसके बाद भी काम अधूरा रहा तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। सांसद ने कहा कि जब भी वह उन्नाव आते हैं और स्टेशन पर चल रहा अधूरा काम देखते हैं तो उनका खून खौलता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य की रफ्तार बढ़ाई जाए और समयसीमा के भीतर सभी काम पूरे किए जाएं। साथ ही गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न करने के निर्देश दिए।
एयरपोर्ट की तर्ज पर दिखेगा स्टेशन
सांसद ने कहा कि उन्नाव जंक्शन का मकसद सिर्फ स्टेशन की इमारत को नया रूप देना नहीं है। यहां यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। स्टेशन का स्वरूप एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्टेशन के विकास को लेकर वह रेल मंत्री से मुलाकात कर चुके हैं और इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई है। सांसद ने कहा कि काम पूरा होने के बाद उन्नाव जंक्शन की तस्वीर बदली हुई नजर आएगी और यात्रियों को पहले से बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
डीआरएम के बाद सांसद ने भी देखी हकीकत
बुधवार को डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने स्टेशन का निरीक्षण कर अमृत भारत योजना के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी ली थी। इस दौरान निर्माण में देरी पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। शुक्रवार को सांसद के निरीक्षण से स्टेशन के काम की धीमी रफ्तार का मुद्दा एक बार फिर सामने आ गया। लगातार दो दिनों में मंडल स्तर के अधिकारी और सांसद के निरीक्षण से अब निर्माण एजेंसी पर काम समय से पूरा करने का दबाव बढ़ गया है।
राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष को घेरा
निरीक्षण के बाद सांसद ने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं, लेकिन जनता उन्हें यह मौका नहीं देने वाली है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी उन्होंने हमला बोला और चंदे को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाए। पीडीए के मुद्दे पर सांसद ने इसे मौका देखकर राजनीति करने वाला गठजोड़ बताया। अयोध्या और चंदा कार्यक्रम पर सांसद ने पप्पू यादव को घेरते हुए इसे दिखावे की राजनीति बताया। कहा, ऐसे आयोजनों से संत समाज और सनातन की गरिमा को ठेस पहुंचती है। इसका जवाब जनता चुनाव में देगी।
महिलाओं की योजना को बताया सम्मान की पहल
सांसद ने प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं के लिए प्रस्तावित 50 हजार रुपये की सहायता योजना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए 50 हजार रुपये बड़ी मदद है। प्रस्तावित योजना में महिला लाभार्थी को पहली किस्त में 20 हजार रुपये और इसके बाद तीन किस्तों में 10-10 हजार रुपये दिए जाने हैं।उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद से महिलाओं को परिवार में मजबूती मिलेगी और उनके सम्मान के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। निरीक्षण के दौरान डीआरएम सुनील कुमार वर्मा, सदर विधायक पंकज गुप्ता, अमितेश सिंह नंदू समेत रेलवे के अधिकारी और अन्य लोग मौजूद रहे।
भांग की खपत दर्ज : फिर भी दवाओं में मानक पर सवाल
Fri, Aug 14, 2026
ओम फार्मा में नारकोटिक्स टीम ने उत्पादन, कच्चा माल और तैयार-अधबने माल का स्टॉक भी जांचा
उन्नाव। नेहरू बाग औद्योगिक क्षेत्र स्थित ओम फार्मा में एंटी नारकोटिक्स टीम की करीब आठ घंटे चली जांच ने फैक्टरी में दवाओं के निर्माण से ज्यादा उसकी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। फैक्टरी में भांग के इस्तेमाल वाली औषधियों का फार्मूला आयुर्वेद विभाग से स्वीकृत होने और आबकारी विभाग के स्तर से निर्धारित मात्रा में भांग उपलब्ध कराए जाने के बावजूद दवाओं में मानक से अधिक भांग और अन्य नशीले पदार्थ मिलाए जाने की शिकायत टीम तक पहुंची। जांच के दौरान दो वटी के नमूने सील किए गए हैं। अब इनकी रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट होगी। जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र के अनुसार, कानपुर निवासी संचालक संजय जायसवाल ने आयुर्वेद विभाग से औषधियों के फार्मूले की स्वीकृति ले रखी है। फैक्टरी में भांग मिश्रित राजश्री वटी, रायवटी समेत अन्य औषधियां तैयार की जाती हैं। आबकारी विभाग के अनुसार, फैक्टरी को हर तीन महीने में तीन क्विंटल भांग उपलब्ध कराई जाती है।
आठ घंटे में उत्पादन से लेकर स्टॉक तक खंगाला
नारकोटिक्स टीम ने जांच के दौरान सिर्फ तैयार दवाओं के नमूने ही नहीं लिए, बल्कि उत्पादन प्रक्रिया को भी देखा। फैक्टरी में मौजूद कच्चे माल, तैयार और अधबने माल, भांग के स्टॉक तथा उनसे संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई। मौके पर बड़ी मात्रा में बना और अधबना माल भी रखा मिला। टीम ने यह भी देखा कि औषधियों में भांग का इस्तेमाल किस प्रक्रिया से किया जा रहा है और उपलब्ध स्टॉक का रिकॉर्ड दस्तावेजों से मेल खाता है या नहीं। संदेह के आधार पर दो वटी के नमूने सील किए गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट से यह पता चलेगा कि औषधियों में भांग की मात्रा स्वीकृत फार्मूले और निर्धारित मानक के अनुरूप है या नहीं। साथ ही शिकायत में लगाए गए अन्य नशीले पदार्थों के आरोप की भी जांच रिपोर्ट से स्थिति साफ हो सकती है।
सवाल सिर्फ सैंपल का नहीं, निगरानी का भी
फैक्टरी में भांग के इस्तेमाल की अनुमति और औषधियों के फार्मूले की स्वीकृति पहले से होने के बावजूद यदि दवाओं में मानक से अधिक भांग या किसी अन्य नशीले पदार्थ के इस्तेमाल की शिकायत नारकोटिक्स टीम तक पहुंची है तो नियमित निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। खासकर तब, जब फैक्टरी में बड़ी मात्रा में बना और अधबना माल मौजूद मिला और यहां नियमित रूप से भांग की खपत होती है। हालांकि अभी जांच में किसी विभागीय अधिकारी की प्रत्यक्ष लापरवाही साबित नहीं हुई है। सैंपल और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कहीं स्वीकृत फार्मूले से हटकर उत्पादन तो नहीं किया जा रहा था, स्टॉक का हिसाब सही था या नहीं और निगरानी में किस स्तर पर कमी रही। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बुझाया घर का चिराग : कनेक्शन जोड़ने के दौरान करंट की चपेट में आया युवक, मौत
Fri, Aug 14, 2026
तीन भाइयों और चार बहनों में सबसे बड़ा था मृतक, परिवार में मचा कोहराम
उन्नाव। बांगरमऊ के मितानपुरवा मजरा भिखारीपुर पतसिया में शुक्रवार दोपहर बिजली का कनेक्शन जोड़ने का काम एक परिवार के लिए जिंदगी भर का गम बन गया। मकान में कनेक्शन किए जाने के दौरान खंभे पर चढ़ा 25 साल के रामकुमार ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब रामकुमार लाइनमैन रामू के साथ मकान में बिजली कनेक्शन का काम करने पहुंचा था। काम के लिए वह बिजली के खंभे पर चढ़ा। बताया गया कि खंभे के एंगल पर बैठते ही उसका शरीर हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगने से वह वहीं झुलस गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
कुछ ही देर में जुट गई भीड़
करंट लगने की जानकारी होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने रामकुमार को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी परिवार तक पहुंची तो घर में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जुटाई जानकारी
सूचना मिलने पर बांगरमऊ पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने हादसे की परिस्थितियों की जानकारी ली और मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की। बिजली कनेक्शन जोड़ने के दौरान सुरक्षा के इंतजाम क्या थे और हादसा किस तरह हुआ, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने शव के संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सात भाई-बहनों में सबसे बड़ा था
रामकुमार परिवार में तीन भाइयों और चार बहनों में सबसे बड़ा था। परिजनों के मुताबिक वह परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाता था। उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।