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सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में लापरवाही : चार गोवंशों की मौत के बाद खुली पोल, एनजीओ पर पशु क्रूरता का मुकदमा

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Fri, Jul 31, 2026
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डीएम को रिपोर्ट सौंपने के बाद शुरू हुई कार्रवाई, शासन को भी भेजा गया प्रस्ताव

उन्नाव। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट गोवंश संरक्षण अभियान की तस्वीर उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब सरोसी ब्लॉक के थाना गांव स्थित वृहद गोसंरक्षण केंद्र में लापरवाही की परतें एक-एक कर खुलती चली गईं। निरीक्षण के दौरान चार गोवंश मृत मिले थे। उनके शव खुले में पड़े थे और आवारा कुत्ते उन्हें नोच रहे थे। वहीं जीवित गोवंशों के सामने रखी चरहियां खाली थीं। न हरा चारा था, न भूसा और न ही पोषक आहार। हालात देखकर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डॉ. विनोद कुमार ने गोशाला का संचालन कर रही लखनऊ की संस्था पूजा श्रम सहकारी संविदा एवं निर्माण समिति लिमिटेड के खिलाफ माखी थाने में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करा दी। जानकारी के अनुसार शासन ने एक मई 2026 से इस वृहद गोसंरक्षण केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी उक्त संस्था को सौंपी थी। 29 जुलाई को सोशल मीडिया के जरिए गोशाला की बदहाली और गोवंशों की मौत की सूचना मिलने पर सीवीओ खुद मौके पर पहुंचे और पूरे केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण में जो तस्वीर सामने आई, वह बेहद चिंताजनक थी। गोवंशों को खिलाने के लिए चरही पूरी तरह खाली मिली। हरा चारा और भूसा उपलब्ध नहीं था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पशुओं को पोषक आहार देने के बजाय मक्का का सड़ा हुआ अवशेष खिलाया जा रहा था। पर्याप्त भोजन और देखभाल न मिलने से गोवंशों की हालत खराब थी। परिसर में चार गोवंश मृत पड़े मिले, जिनके शवों को समय पर हटाया तक नहीं गया था और आवारा कुत्ते उन्हें नोच रहे थे। सीवीओ ने बताया कि निरीक्षण के बाद संस्था की संचालिका से कई बार मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद पूरी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई। रिपोर्ट देखने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। आदेश मिलते ही माखी थाने में संस्था के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सिर्फ एफआईआर तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। सीवीओ ने बताया कि यही संस्था जिले की तीन अन्य गोशालाओं का संचालन भी कर रही है। थाना गांव गोसंरक्षण केंद्र में मिली अनियमितताओं के बाद शासन को पत्र भेजकर इन तीनों गोशालाओं का संचालन अधिकार भी वापस लेने की संस्तुति की गई है। सीवीओ ने बताया कि जनपद के गोशाला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीवीओ डॉ. हरिओम सिंह को पहले मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत बताकर अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। इसके बाद वह स्वयं माखी थाने पहुंचे और संस्था के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उधर, माखी थाना प्रभारी योगेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की तहरीर पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अन्य गोशालाओं पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार

थाना गांव गोसंरक्षण केंद्र में सामने आई लापरवाही के बाद प्रशासन अब उसी संस्था द्वारा संचालित जिले की अन्य गोशालाओं की भी समीक्षा करेगा। सीवीओ ने शासन को पत्र भेजकर संस्था से गोसंरक्षण केंद्रों के संचालन का अधिकार वापस लेने की संस्तुति की है। यदि शासन से मंजूरी मिलती है तो संस्था से सभी गोशालाओं का संचालन वापस लिया जा सकता है।

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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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