जनऔषधि केंद्र पर बड़ा खुलासा : सस्ती दवाओं की जगह ब्रांडेड दवाएं, जांच में पकड़ी गईं
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sat, Apr 25, 2026
छिपाकर रखी गईं दवाएं बरामद, जिम्मेदारों पर कार्रवाई के संकेत
उन्नाव। जिला अस्पताल परिसर में संचालित जनऔषधि केंद्र पर शनिवार को हुए औचक निरीक्षण में बड़ी अनियमितता सामने आई। जांच के दौरान यहां ब्रांडेड (पेटेंट) दवाओं का स्टॉक मिला, जिसे कथित तौर पर छिपाकर रखा गया था। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से मरीजों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि केंद्र पर अपेक्षा से महंगी दवाएं दी जा रही हैं। कई मरीजों ने यह भी कहा कि यहां मिलने वाली दवाएं बाजार से भी ज्यादा कीमत पर पड़ रही हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्यप्रकाश ने एसीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद के साथ केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में ब्रांडेड दवाएं पाई गईं, जबकि नियमों के अनुसार यहां केवल जेनेरिक दवाओं की बिक्री होनी चाहिए। कुछ दवाएं अलग से रखी मिलीं, जिससे उनके छिपाकर बेचे जाने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसके बाद सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए संदिग्ध दवाओं को जब्त करने के निर्देश दिए। दवाओं को गत्तों में भरकर सील किया गया और जिला अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. संजीव कुमार को सुपुर्द कर दिया गया।
नई एजेंसी पर उठे सवाल
जिला अस्पताल के जनऔषधि केंद्र का संचालन हाल ही में कानपुर की पीहू मेडिकल्स को सौंपा गया था। छह दिसंबर से संचालन शुरू होने के बाद से ही शिकायतें सामने आ रही थीं। अब जांच में अनियमितता मिलने के बाद एजेंसी की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
योजना के उद्देश्य पर असर
जनऔषधि योजना का मकसद आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है। इन केंद्रों पर जेनेरिक दवाएं बाजार की ब्रांडेड दवाओं की तुलना में कम कीमत पर मिलती हैं। ऐसे में इस तरह की गड़बड़ी से योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
सख्त कार्रवाई के संकेत
सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने कहा कि मामले की जांच में शिकायतें सही पाई गई हैं। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साचीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया है।
मरीजों का भरोसा डगमगाया
घटना के बाद मरीजों के बीच भी नाराजगी है। सस्ती दवाओं की उम्मीद लेकर आने वाले लोगों का भरोसा इस घटना से प्रभावित हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
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