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निर्माणाधीन अंडरपास बना खतरा : मियागंज-सफीपुर मार्ग पर खोदे गड्ढे में कार गिरी, परिवार बाल-बाल बचा

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sat, Feb 21, 2026
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अंडरपास खुदाई पर नहीं थी बैरिकेडिंग, महिला गंभीर रूप से घायल

उन्नाव। गंगा एक्सप्रेसवे का काम तेज रफ्तार से चल रहा है, लेकिन निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शुक्रवार देर रात मियागंज-सफीपुर मार्ग पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गांव मवई ब्रम्हनान के पास निर्माणाधीन अंडरपास के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में एक कार जा गिरी। कार में सवार एक ही परिवार के चार लोग किसी तरह बच गए, हालांकि एक महिला को गंभीर चोट आई है। यह हादसा थाना फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के कस्बा ऊगू निवासी विप्लव के परिवार के साथ हुआ। वह शुक्रवार रात अपने परिजनों के साथ हसनगंज क्षेत्र के मवई गांव से घर लौट रहे थे। देर रात का समय था और सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी। जैसे ही कार मवई ब्रम्हनान के पास पहुंची, चालक को सामने खोदा गया करीब छह फीट गहरा गड्ढा दिखाई नहीं दिया। कुछ ही सेकंड में कार अनियंत्रित होकर सीधे उसमें जा धंसी। टक्कर के साथ ही चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे। कार गड्ढे में फंसी थी और दरवाजे खोलने में भी दिक्कत हो रही थी। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक-एक कर सभी लोगों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो हालात और गंभीर हो सकते थे।

महिला की हालत गंभीर, पैर में फ्रैक्चर

हादसे में विप्लव की पत्नी रिया (30) को सबसे ज्यादा चोट लगी। उन्हें तुरंत सफीपुर सीएचसी ले जाया गया। प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने उनके पैर की हड्डी में फ्रैक्चर पाया और बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बाकी सवारों को हल्की चोटें आई हैं और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिस स्थान पर अंडरपास के लिए खुदाई की गई थी, वहां न तो चेतावनी बोर्ड लगे थे और न ही बैरिकेडिंग की गई थी। रात के समय किसी तरह की रिफ्लेक्टर लाइट या संकेतक भी नहीं थे। ऐसे में तेज रफ्तार या सामान्य गति से चल रहे वाहन चालकों को गड्ढे का अंदाजा लगाना मुश्किल है। ग्रामीणों ने भी निर्माण एजेंसी की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वहां खुदाई चल रही है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहा। यह सड़क आसपास के कई गांवों को जोड़ती है और रात में भी आवाजाही बनी रहती है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

जिले में  का निर्माण तेजी से हो रहा है। परियोजना को प्रदेश की बड़ी आधारभूत योजनाओं में गिना जाता है। लेकिन निर्माण के दौरान स्थानीय मार्गों पर सुरक्षा मानकों का पालन न होना अब चिंता का विषय बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट में निर्माण की रफ्तार जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है आसपास के आम लोगों की सुरक्षा।प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी इस मामले में औपचारिक बयान नहीं आया है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर हालात का जायजा लिया है। उम्मीद की जा रही है कि निर्माण एजेंसी को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे। फिलहाल एक बड़ा सवाल यह है कि अगर समय रहते चेतावनी संकेत लगा दिए जाते, तो क्या यह हादसा टल सकता था। शुक्र है कि इस बार जान का नुकसान नहीं हुआ। लेकिन यह घटना साफ संकेत देती है कि थोड़ी सी लापरवाही किसी भी वक्त बड़े हादसे में बदल सकती है।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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