एक मंच, अनेक आस्थाएं : रामलीला मैदान में सजी सर्व धर्म संसद, एकता और भाईचारे का दिया संदेश
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Fri, Jan 23, 2026
गोस्वामी सुशील जी महाराज बोले, समाज को बांटने वाली सोच को खत्म करना जरूरी

उन्नाव। शहर के रामलीला मैदान में शुक्रवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने लोगों के दिलों को जोड़ने का काम किया। यहां आयोजित सर्व धर्म संसद में देश के विभिन्न धर्मों के प्रमुख धर्मगुरु एक ही मंच पर एक साथ नजर आए। सभी का साझा संदेश था कि आपसी भाईचारा बना रहे, शांति कायम रहे और देश एकजुट होकर आगे बढ़े। यह आयोजन श्री साईं दरबार सेवा समिति की ओर से ‘रंग दे बसंती’ के तहत किया गया। संसद में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन समेत कई धर्मों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। जैसे ही धर्मगुरु मंच पर पहुंचे, आयोजन से जुड़े लोगों और मौजूद नागरिकों ने तालियों और फूलों से उनका स्वागत किया। रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। माहौल सौहार्दपूर्ण था और हर चेहरे पर अपनापन साफ नजर आ रहा था।

सर्व धर्म संसद को संबोधित करते हुए धर्मगुरुओं ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता में है। यहां अलग-अलग धर्म हैं, पूजा के तरीके भिन्न हैं, लेकिन सभी का उद्देश्य एक ही है—इंसानियत, प्रेम और शांति। उन्होंने कहा कि जब तक एक-दूसरे के धर्म और विश्वास का सम्मान बना रहेगा, तब तक देश मजबूत रहेगा। आपसी संवाद और समझ से ही समाज आगे बढ़ता है।
सर्व धर्म संसद के राष्ट्रीय संयोजक गोस्वामी सुशील जी महाराज ने कहा कि धर्म कभी लोगों को बांटने की शिक्षा नहीं देता। कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए समाज में नफरत फैलाने का प्रयास करते हैं। ऐसी सोच को खत्म करने के उद्देश्य से ही सभी धर्मों के धर्मगुरु एक मंच पर एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि उन्नाव में इस तरह की पहल अपने आप में खास है। जब लोग अलग-अलग धर्मों के संतों को एक साथ देखते हैं, तो उनके मन में भरोसा और सकारात्मक भावना पैदा होती है।

इस दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक झलकियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। खासतौर पर छोटे-छोटे बच्चों ने देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। बच्चों के जोश और मासूम अंदाज ने सभी का दिल जीत लिया। ‘रंग दे बसंती’ के माध्यम से देशभक्ति, सामाजिक एकता और आपसी मेलजोल का संदेश साफ तौर पर उभरकर सामने आया।
आयोजन में हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली। महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। देशप्रेम, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता की भावना पूरे माहौल में महसूस की गई। प्रस्तुतियों ने लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाने का काम किया।

इस मौके पर साईं मंदिर के संस्थापक सुरेंद्र वर्मा “बाबा जी” ने कहा कि इस तरह की पहल समाज को जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि आज सबसे ज्यादा जरूरत नई पीढ़ी को आपसी सम्मान और भाईचारे का संदेश देने की है। जब बच्चे और युवा ऐसे मंच देखते हैं, तो उनके मन में सभी के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है।

पूरे आयोजन के दौरान शांति और व्यवस्था बनी रही। सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने से इलाके में सकारात्मक माहौल नजर आया। सर्व धर्म संसद के माध्यम से उन्नाव से यह स्पष्ट संदेश गया कि आपसी समझ, सौहार्द और भाईचारे से ही समाज और देश मजबूत बनता है।

इस अवसर पर आचार्य लंकेश जी महाराज, सदर विधायक प्रतिनिधि प्रदीप सिंह, अरविन्दर सिंह, सौरभ वर्मा, राजेश शुक्ला, अमित मिश्रा, शमशुद्दीन भोलू, सनी सरदार, सभासद मुन्ना सिंह, अनूप दीक्षित, संतोष वर्मा समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे।
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