आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तड़के हादसा : टूर पर जा रही छात्रों की बस टकराई
Mon, Feb 23, 2026
चालक को झपकी आने की आशंका, घायलों में बस ड्राइवर भी शामिल
उन्नाव। लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर तड़के बड़ा हादसा हो गया। औरास थाना क्षेत्र में बरादेव गांव के पास कर्नाटक से अयोध्या जा रही छात्रों से भरी मिनी बस आगे चल रहे वाहन से टकरा गई। हादसे में 18 में से कई छात्र घायल हो गए, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक घटना रात करीब 2:45 बजे की है। बस कर्नाटक के बेलगांव जिले के अरभावी स्थित हॉर्टिकल्चर कॉलेज के बीएससी फोर्थ ईयर के छात्रों को शैक्षणिक भ्रमण पर लेकर अयोध्या जा रही थी। रास्ते में जब वाहन एक्सप्रेसवे से गुजर रहा था, तभी चालक को झपकी आ गई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान बस आगे चल रहे किसी भारी वाहन से जा टकराई। टक्कर इतनी अचानक थी कि ज्यादातर छात्रों के घुटने सामने की सीट से टकरा गए। कई छात्रों को हाथ-पैर और घुटनों में चोट आई। बस चालक भी घायल हुआ है। घायलों में चंद्रशेखर (21), अमित (22), मनमीत (23), अनिल कुमार (23), विशाल (22), अमित (करीब 22) और चालक अर्जुन सिंह (28) शामिल हैं। सभी को प्राथमिक तौर पर घुटनों और पैरों में चोट आई। कुछ छात्रों को ज्यादा दर्द और सूजन की शिकायत के बाद डॉक्टरों ने निगरानी में रखा। कुल 18 लोग बस में सवार थे। इनमें से 12 को हल्की चोटें आईं, जबकि चार छात्रों की स्थिति गंभीर देख उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया। हादसे की सूचना मिलते ही औरास थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी संजीव कुमार कुशवाहा ने टीम के साथ राहत कार्य शुरू कराया। एंबुलेंस बुलाकर सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औरास भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद चार छात्रों को ट्रामा सेंटर रेफर किया। बाकी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। दुर्घटना के बाद कुछ देर के लिए एक्सप्रेसवे पर अफरातफरी का माहौल रहा, लेकिन पुलिस ने क्षतिग्रस्त मिनी बस को हटवाकर यातायात सामान्य करा दिया। फिलहाल सड़क पर आवागमन सुचारू है। प्राथमिक जांच में हादसे की वजह चालक को आई झपकी मानी जा रही है। पुलिस आगे की जांच कर रही है और संबंधित वाहन की पहचान की कोशिश भी की जा रही है जिससे बस टकराई।गनीमत रही कि हादसा बड़े नुकसान में नहीं बदला। समय रहते राहत और उपचार मिलने से सभी छात्र सुरक्षित हैं। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा में ड्राइवरों की थकान और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निर्माणाधीन अंडरपास बना खतरा : मियागंज-सफीपुर मार्ग पर खोदे गड्ढे में कार गिरी, परिवार बाल-बाल बचा
Sat, Feb 21, 2026
अंडरपास खुदाई पर नहीं थी बैरिकेडिंग, महिला गंभीर रूप से घायल
उन्नाव। गंगा एक्सप्रेसवे का काम तेज रफ्तार से चल रहा है, लेकिन निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शुक्रवार देर रात मियागंज-सफीपुर मार्ग पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गांव मवई ब्रम्हनान के पास निर्माणाधीन अंडरपास के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में एक कार जा गिरी। कार में सवार एक ही परिवार के चार लोग किसी तरह बच गए, हालांकि एक महिला को गंभीर चोट आई है। यह हादसा थाना फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के कस्बा ऊगू निवासी विप्लव के परिवार के साथ हुआ। वह शुक्रवार रात अपने परिजनों के साथ हसनगंज क्षेत्र के मवई गांव से घर लौट रहे थे। देर रात का समय था और सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी। जैसे ही कार मवई ब्रम्हनान के पास पहुंची, चालक को सामने खोदा गया करीब छह फीट गहरा गड्ढा दिखाई नहीं दिया। कुछ ही सेकंड में कार अनियंत्रित होकर सीधे उसमें जा धंसी। टक्कर के साथ ही चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे। कार गड्ढे में फंसी थी और दरवाजे खोलने में भी दिक्कत हो रही थी। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक-एक कर सभी लोगों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो हालात और गंभीर हो सकते थे।
महिला की हालत गंभीर, पैर में फ्रैक्चर
हादसे में विप्लव की पत्नी रिया (30) को सबसे ज्यादा चोट लगी। उन्हें तुरंत सफीपुर सीएचसी ले जाया गया। प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने उनके पैर की हड्डी में फ्रैक्चर पाया और बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बाकी सवारों को हल्की चोटें आई हैं और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिस स्थान पर अंडरपास के लिए खुदाई की गई थी, वहां न तो चेतावनी बोर्ड लगे थे और न ही बैरिकेडिंग की गई थी। रात के समय किसी तरह की रिफ्लेक्टर लाइट या संकेतक भी नहीं थे। ऐसे में तेज रफ्तार या सामान्य गति से चल रहे वाहन चालकों को गड्ढे का अंदाजा लगाना मुश्किल है। ग्रामीणों ने भी निर्माण एजेंसी की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वहां खुदाई चल रही है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहा। यह सड़क आसपास के कई गांवों को जोड़ती है और रात में भी आवाजाही बनी रहती है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
जिले में का निर्माण तेजी से हो रहा है। परियोजना को प्रदेश की बड़ी आधारभूत योजनाओं में गिना जाता है। लेकिन निर्माण के दौरान स्थानीय मार्गों पर सुरक्षा मानकों का पालन न होना अब चिंता का विषय बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट में निर्माण की रफ्तार जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है आसपास के आम लोगों की सुरक्षा।प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी इस मामले में औपचारिक बयान नहीं आया है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर हालात का जायजा लिया है। उम्मीद की जा रही है कि निर्माण एजेंसी को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे। फिलहाल एक बड़ा सवाल यह है कि अगर समय रहते चेतावनी संकेत लगा दिए जाते, तो क्या यह हादसा टल सकता था। शुक्र है कि इस बार जान का नुकसान नहीं हुआ। लेकिन यह घटना साफ संकेत देती है कि थोड़ी सी लापरवाही किसी भी वक्त बड़े हादसे में बदल सकती है।
मंदिर में हादसा : करंट लगने से युवक की मौत
Sun, Feb 15, 2026
लाउडस्पीकर जोड़ते समय हुआ हादसा, परिवार में पसरा मातम
उन्नाव। हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के रफीगढ़ी गांव में रविवार को एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को सन्न कर दिया। शिव मंदिर में होने वाले रामचरित मानस पाठ की तैयारियां चल रही थीं। श्रद्धालु जुट रहे थे, सजावट हो रही थी और इसी बीच एक छोटी सी चूक ने 32 वर्षीय युवक की जिंदगी छीन ली। गांव निवासी धर्मवीर सिंह सुबह से ही मंदिर परिसर में आयोजन की तैयारियों में लगे थे। परिवार और ग्रामीणों के मुताबिक, वह लाउडस्पीकर और साउंड सिस्टम ठीक कर रहे थे ताकि शाम को होने वाला कार्यक्रम सुचारु रूप से हो सके। इसी दौरान बिजली का करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। पास खड़े लोगों ने उन्हें गिरते देखा तो अफरा तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी नेहा बेसुध हो गईं, मां लक्ष्मी और बहन रिंकी का रो रोकर बुरा हाल था। घर में मातम छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि धर्मवीर मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे। गांव के बाहर उनकी इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान थी, जिससे वह परिवार का खर्च चलाते थे। आयोजन में भी वह पूरे मन से जुटे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि तैयारी के दौरान ऐसा हादसा हो जाएगा। हसनगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शरद कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मामला करंट लगने का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जिस मंदिर में भक्ति और भजन की तैयारी हो रही थी, वहीं से एक घर की खुशियां हमेशा के लिए चली गईं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे आयोजनों में बिजली कनेक्शन और साउंड सिस्टम की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरती जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।