15 मिनट बिजली, फिर घंटों इंतजार : गर्मी में बढ़ी लोगों की मुश्किलें
Sat, Jun 6, 2026
छोटे चौराहा और कसाई चौराहा फीडर के लोड संतुलन पर उठे सवाल, 10 हजार से अधिक उपभोक्ता प्रभावित
उन्नाव। गर्मी के बीच शहर की बिजली व्यवस्था सवालों के घेरे में है। पिछले करीब एक महीने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है। हालात यह हैं कि कई बार महज 10 से 15 मिनट बिजली आने के बाद घंटों आपूर्ति ठप हो जाती है। दिनभर में आठ से दस बार ट्रिपिंग और शटडाउन की समस्या से हजारों उपभोक्ता परेशान हैं। शुक्रवार को सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान और सभासद मेराज खान ने एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। शहर के ऊंटसार, गद्दियाना, किला, छिपयाना, एबी नगर, आईबीपी चौराहा, अब्बास बाग, सुंदर टॉकीज के पीछे का क्षेत्र, गंदा नाला और जामा मस्जिद समेत कई मोहल्लों के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार बिजली आने-जाने से घरेलू उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं रात के समय भी राहत न मिलने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
फीडरों पर बढ़ा अतिरिक्त भार
स्थानीय लोगों और जानकारों के अनुसार, छोटे चौराहा फीडर से जुड़े कुछ क्षेत्रों का विद्युत भार कसाई चौराहा फीडर से जुड़े ट्रांसफार्मरों पर स्थानांतरित किए जाने के बाद व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। इसके चलते किसी एक स्थान पर तकनीकी खराबी आने पर पूरे फीडर की आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। परिणामस्वरूप एक छोटे फाल्ट का असर हजारों उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि दोनों फीडरों का भार एक साथ आने के बाद फाल्ट, ट्रिपिंग और शटडाउन की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। गर्मी के मौसम में लंबे समय तक बिजली न मिलने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
एक फेज गायब होने से बढ़ी दिक्कत
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कटौती के अलावा बार-बार एक फेज बंद होने की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। कई इलाकों में एक फेज गायब रहने से पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण सही तरीके से नहीं चल पा रहे हैं। शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
कारोबार पर भी असर
लगातार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति का असर बाजारों और छोटे कारोबारों पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से ग्राहकों को असुविधा होती है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संचालन में परेशानी आती है। कई प्रतिष्ठानों को जनरेटर और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे खर्च बढ़ रहा है।
लोड संतुलन को बताया मूल समस्या
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आईबीपी ट्रांसफार्मर से जुड़े छोटे चौराहा और एबी नगर क्षेत्र का अतिरिक्त लोड हटाए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। उनका आरोप है कि ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक भार पड़ने के कारण बार-बार फाल्ट और ट्रिपिंग हो रही है। लोगों का कहना है कि जब तक फीडरों का लोड संतुलित नहीं किया जाएगा और क्षमता के अनुरूप विद्युत वितरण नहीं होगा, तब तक शहरवासियों को राहत मिलना मुश्किल है।
10 दिन से कर रहे शिकायत, नहीं निकला समाधान
शुक्रवार को सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान और सभासद मेराज खान ने एसडीओ सूर्य कुमार को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने बताया कि छोटे चौराहा फीडर से जुड़े ट्रांसफार्मरों का भार कसाई चौराहा फीडर पर डाले जाने से अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। इससे कसाई चौराहा फीडर से जुड़े करीब 10 हजार उपभोक्ता लंबे समय से परेशान हैं। सभासद मेराज खान ने बताया कि पिछले लगभग 10 दिनों से बिजली कटौती, एक फेज और ट्रिपिंग की समस्या को लेकर वह लगातार विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं। जेई से लेकर एसडीओ तक कई बार समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि रात में बार-बार बिजली बाधित होने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि शहर के कई मोहल्लों में हालात ऐसे हैं कि लोग 24 घंटे तो दूर, 24 मिनट भी निर्बाध बिजली नहीं पा रहे हैं। लगातार हो रही कटौती और ट्रिपिंग से जनता परेशान है, जबकि विभाग समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाता नहीं दिख रहा है। इस पर एसडीओ सूर्य कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
कला को मिलेगा नया कैनवास : ग्रीष्मकालीन पेंटिंग कार्यशाला का शुभारंभ
Sat, Jun 6, 2026
बच्चों और युवाओं को मिलेगा कला निखारने का मौका
उन्नाव। चित्रकला और रचनात्मक कला के क्षेत्र में रुचि रखने वाले बच्चों, युवाओं और कला प्रेमियों के लिए शहर में शनिवार को 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन पेंटिंग कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ और इंडियन इवेंट सॉल्यूशन्स के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज रोड स्थित सी-टेक बिल्डिंग में आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कार्यक्रम में अभ्युदय सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. प्रभात सिन्हा, कार्यशाला संयोजक डॉ. मनीष सिंह सेंगर, पुलिस परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव, प्रशिक्षिका इंदु कनौजिया, समाजसेवी मनोज अवस्थी, समन्वयक राहुल कश्यप, राम सुमेर कनौजिया, संगीत शिक्षक विशाल यादव, नृत्य निर्देशक कामना तोलानी और महेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर डॉ. मनीष सिंह सेंगर ने कहा कि प्रदेश सरकार के संरक्षण में राज्य ललित कला अकादमी द्वारा सभी जिलों में कला प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में दो आयु वर्ग बनाए गए हैं। पहला समूह 10 से 17 वर्ष तक के बच्चों का है, जबकि दूसरा समूह 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागियों के लिए रखा गया है। इससे विभिन्न आयु वर्ग के लोग अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार चित्रकला की बारीकियां सीख सकेंगे। प्रशिक्षिका इंदु कनौजिया ने बताया कि प्रतिभागियों को केवल कागज पर ही नहीं, बल्कि कैनवास, मिट्टी के बर्तन, कपड़ों और अन्य अनुपयोगी वस्तुओं पर भी रंगों के माध्यम से कलात्मक अभिव्यक्ति सिखाई जाएगी। कार्यशाला के दौरान रंगों के संयोजन, डिजाइन निर्माण, रचनात्मक सोच और आधुनिक चित्रकला तकनीकों की भी जानकारी दी जाएगी। पहले ही दिन प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला। बच्चों और युवाओं ने चित्रकला की मूलभूत तकनीकों को समझने में विशेष रुचि दिखाई। प्रशिक्षकों ने उन्हें रंगों के चयन, उनके संतुलित उपयोग और विभिन्न सतहों पर कलात्मक प्रस्तुति के तरीकों से परिचित कराया। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यशाला केवल चित्र बनाना सिखाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रतिभागियों की रचनात्मक क्षमता को विकसित करने और कला के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं से भी परिचित कराएगी। कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला को निखारने और नई पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।
देशभर के प्रतिनिधियों को दामाखेड़ा बुलावा : राष्ट्रीय कार्यशाला में जुटेंगे कबीर पंथी
Sat, Jun 6, 2026
दामाखेड़ा में 7 से 11 जून तक आयोजन, यूपी के प्रतिनिधि 11 जून को होंगे शामिल
उन्नाव। कबीर पंथ के प्रमुख तीर्थस्थल कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा (छत्तीसगढ़) में 7 से 11 जून तक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। सदगुरु कबीर धर्मदास साहेब वंशावली मिशन (एसकेडीवी मिशन) के तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधियों के लिए 11 जून की तिथि निर्धारित की गई है। शहर के सदगुरु कबीर मंदिर ज्ञान वाटिका आश्रम में आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य प्रतिनिधि महंत राजकुमार दास साहेब ने कार्यशाला की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिशन का मुख्य उद्देश्य "जीव दया और आत्म पूजा" के संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए कार्यशाला आयोजित की जा रही है। महंत राजकुमार दास ने कहा कि बसंत पंचमी 2026 को पंथ श्री हुजूर उदितमुनि नाम साहेब का कबीर पंथ के 16वें संवाहक के रूप में चादर तिलक हुआ था। उन्होंने बताया कि गद्दीनशीं होने से पहले ही पंथ श्री कबीर नवोदय पदयात्रा के माध्यम से देशभर में भ्रमण कर कबीर पंथियों और आमजन से संवाद करते रहे हैं। यह यात्रा वर्तमान में भी जारी है और जल्द ही उत्तर प्रदेश में भी शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंथ श्री का संकल्प देश के प्रत्येक कबीर पंथी तक पहुंचकर उनका मार्गदर्शन करने का है। बैठक में कार्यशाला में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया। बैठक में राज्य उपप्रतिनिधि राजेश (नोएडा), जिला प्रतिनिधि महंत चक्रमणि दास साहेब, युवा प्रतिनिधि अरुण कुमार, जिला परोपकारी महंत सुभाष चंद्र दास साहेब, समाजसेवी डॉ. मनीष सिंह सेंगर, राहुल कश्यप सहित कई साधु-संत एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।