जांच की मांग : करोड़ों के काम, लेकिन सवालों के घेरे में नगर पंचायत
Tue, Jul 21, 2026
मिनी नलकूप योजना में 2.50 करोड़ के खर्च पर उठे सवाल, गौशाला की व्यवस्था भी घेरे में
छह महीने से बोर्ड बैठक नहीं होने और शिकायत करने पर दबाव बनाने का लगाया आरोप
उन्नाव। मियागंज ब्लॉक क्षेत्र की हैदराबाद नगर पंचायत में विकास कार्यों और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर सभासदों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।। नगर पंचायत के कई सभासदों ने अब खुलकर मोर्चा खोलते हुए विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है। सभासदों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि नगर पंचायत में करोड़ों रुपये के काम तो कराए जा रहे हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सभासदों का आरोप है कि करीब 2.50 करोड़ रुपये की लागत से कराई जा रही मिनी नलकूप पेयजल योजना में मानकों की अनदेखी की गई है। उनका कहना है कि प्रत्येक नलकूप पर करीब 12 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन काम में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरणों की गुणवत्ता पर सवाल हैं। आरोप है कि यदि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
पेयजल योजना में मानकों की अनदेखी का आरोप
सभासदों ने ज्ञापन में कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मिनी नलकूप लगाए जा रहे हैं। इस योजना पर बड़ी धनराशि खर्च हो रही है। इसके बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। सभासदों ने आशंका जताई कि घटिया सामग्री के कारण नलकूप जल्द खराब हो सकते हैं और योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने योजना की तकनीकी जांच, खर्च की समीक्षा और मौके पर हुए काम का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
कान्हा गौशाला में गोवंशों की हालत पर भी सवाल
सभासदों ने कान्हा गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि गौशाला में बीमार और कमजोर गोवंशों की देखभाल में लापरवाही बरती जा रही है। चारा, पानी और उपचार की व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं। इसके अलावा मृत गोवंशों के निस्तारण की व्यवस्था पर भी सभासदों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। सभासदों ने गौशाला के संचालन से जुड़े खर्च और व्यवस्थाओं का भी रिकॉर्ड जांचने की मांग की है।
बोर्ड बैठक नहीं होने से नाराज सभासद
नगर पंचायत के कामकाज को लेकर सभासदों की नाराजगी का एक बड़ा कारण बोर्ड बैठक भी है। सभासदों का कहना है कि करीब छह महीने से बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई गई है। ऐसे में वार्डों की समस्याओं, विकास कार्यों और नगर पंचायत से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। सभासदों का आरोप है कि कई विकास कार्यों की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी जाती। कुछ कार्यों को लेकर उनका कहना है कि सभासदों की जानकारी और सहमति के बिना ही निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने बोर्ड बैठक नियमित रूप से कराने की मांग की है।
शिकायत उठाने पर दबाव बनाने का आरोप
ज्ञापन में सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत के कामकाज पर सवाल उठाने या शिकायत करने पर उन्हें दबाव में लेने का प्रयास किया जाता है। कुछ सभासदों ने अध्यक्ष और ठेकेदारों की ओर से धमकाने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। सभासदों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में गड़बड़ी का मुद्दा नहीं उठा सकेंगे तो जनता की समस्याएं अधिकारियों तक कैसे पहुंचेंगी।
जांच हुई तो कई मामलों की खुल सकती है परत
सभासदों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मिनी नलकूप योजना, गौशाला, विकास कार्यों और नगर पंचायत के वित्तीय लेनदेन की जांच कराई जानी चाहिए। सभासदों ने कहा कि यदि जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग, घटिया निर्माण या नियमों की अनदेखी की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में सभासद राकेश सिंह, रविशंकर, रिदा खान, संजीत कुमार समेत कई सभासद और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
फटकार : सरकारी योजनाओं के आवेदन लटकाने वाले बैंकों पर एलडीएम नाराज
Tue, Jul 21, 2026
बोले- पात्रों को लाभ देने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, लंबित आवेदनों का तुरंत करें निस्तारण
गांवों में कैंप लगाकर किसानों को केसीसी ऋण से जोड़ने के निर्देश
उन्नाव। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करने के बाद भी महीनों तक बैंकों के चक्कर काटने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब लंबित आवेदनों को लेकर बैंक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मंगलवार को अग्रणी जिला कार्यालय, बैंक ऑफ इंडिया में हुई समीक्षा बैठक में एलडीएम आरके गौतम ने सभी बैंक जिला समन्वयकों को लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए।बैठक में सीएम युवा उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, पीएम सूर्यघर योजना, माटीकला योजना, स्वयं सहायता समूह, एक जनपद एक उत्पाद और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना समेत सरकार की कई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान सामने आए लंबित आवेदनों पर एलडीएम ने नाराजगी जताई।
‘आवेदन सिर्फ कागजों में लंबित न रहें’
एलडीएम आरके गौतम ने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाना है। पात्र व्यक्ति योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करे और बैंक स्तर पर उसका आवेदन बेवजह लंबित रहे, यह स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बैंक जिला समन्वयकों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी शाखाओं में लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा कराकर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को केवल बैंकिंग प्रक्रिया में देरी के कारण योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। योजनाओं का लाभ सही पात्र तक पहुंचाने के लिए बैंक और संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
गांवों में कैंप लगाकर केसीसी से जोड़ें किसान
उपनिदेशक कृषि रविचन्द्र प्रकाश ने बैंक जिला समन्वयकों को निर्देश दिए कि शाखा प्रबंधकों के माध्यम से गांवों में विशेष कैंप लगाए जाएं। कैंप में किसानों से केसीसी के आवेदन लिए जाएं और पात्र किसानों को ऋण स्वीकृत कर उसका वितरण भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि केवल आवेदन जमा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र किसानों को समय से ऋण उपलब्ध कराकर योजना से संतृप्त किया जाए। बैठक में परियोजना अधिकारी नेडा नेपाल सिंह, जिला उद्योग केंद्र से सुनील कुमार और पीसी वर्मा, खादी ग्रामोद्योग विभाग से संजीव सिंह, डूडा विभाग से आदर्श परिहार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सभी बैंक जिला समन्वयक मौजूद रहे।
खूनी संघर्ष : नाली बनाने को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट, महिला समेत छह घायल
Tue, Jul 21, 2026
कुल्हाड़ी-डंडों से हमला करने का आरोप, जिला अस्पताल में देर रात तक चला इलाज
उन्नाव। मौरावां थाना क्षेत्र के पारा गांव में सोमवार देर शाम नाली निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। एक पक्ष ने दूसरे पर कुल्हाड़ी और डंडों से हमला करने का आरोप लगाया है। घटना में एक महिला समेत छह लोग घायल हो गए। सभी को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात करीब 11 बजे घायलों का जिला अस्पताल में उपचार शुरू हुआ।
नाली बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
घायल सईद अहमद के मुताबिक, गांव में नाली निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई थी। बात बढ़ने पर दूसरे पक्ष के असद, साना, अशरी, आसरा और चिट्टो समेत अन्य लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने कुल्हाड़ी और डंडों से मारपीट की। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई।
मारपीट में महिला समेत छह घायल
घटना में सईद अहमद के साथ सलीम, रेहाना और मोइनुद्दीन समेत छह लोग घायल हुए हैं। ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद घायलों को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने सभी को जिला अस्पताल भेज दिया।
अस्पताल में जुटी परिजनों की भीड़
घटना की जानकारी मिलते ही घायलों के परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। देर रात अस्पताल में परिजनों की भीड़ जुटी रही। घायलों का चिकित्सकों की निगरानी में इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार, कुछ घायलों को गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस ने दोनों पक्षों से ली जानकारी
मारपीट की सूचना पर मौरावां थाना पुलिस गांव पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाई। थाना प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।