दर्दनाक हादसा : जर्जर छत गिरने से युवक की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
Sat, May 16, 2026
वायरिंग का काम करता था अनिकेत, मलबे में दबने के बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
उन्नाव। शहर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। गदन खेड़ा इलाके में अचानक जर्जर छत गिरने से 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और परिवार में मातम पसर गया। मृतक की पहचान राम नगर निवासी अनिकेत यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अनिकेत किसी काम से गदन खेड़ा क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान एक पुरानी और कमजोर छत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। छत गिरते ही अनिकेत मलबे के नीचे दब गए। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर मौके की ओर दौड़ लगाई और काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से अनिकेत को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार सुनकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।परिवार के मुताबिक, अनिकेत वायरिंग और बिजली से जुड़े काम कर मेहनत-मजदूरी करते थे। कम उम्र में ही उन्होंने घर की जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा संभाल लिया था। वह दो भाइयों और एक बहन में बीच के थे। पड़ोसियों का कहना है कि अनिकेत बेहद शांत स्वभाव और मिलनसार व्यवहार के थे, इसलिए इलाके में भी उनकी अच्छी पहचान थी। हादसे के बाद मोहल्ले में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां की इमारत काफी पुरानी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि जर्जर भवनों की समय रहते जांच और मरम्मत न होने की वजह से इस तरह के हादसे लगातार सामने आते रहते हैं। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में इंस्पेक्टर राजेश यादव ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सर्राफा कारोबारियों के साथ प्रशासन की बड़ी बैठक : बाजार व्यवस्था पर फोकस
Sat, May 16, 2026
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने व्यापारियों से मांगा सहयोग
उन्नाव। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बदलते हालात और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में सोने की खरीदारी और निवेश को लेकर दिए गए संदेश के बाद अब इसका असर कारोबारी और सामाजिक संगठनों में भी दिखाई देने लगा है। सोने-चांदी की कीमतों में तेजी और बाजार में फैल रही अफवाहों को लेकर शनिवार को जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। इसी को लेकर जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने सर्राफा व्यापारियों, स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में आम लोगों के हित, बाजार में पारदर्शिता और जिम्मेदार व्यापार व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। डीएम घनश्याम मीणा ने व्यापारियों से साफ कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में लोगों को जरूरत के अनुसार ही सोने-चांदी की खरीद-बिक्री करने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि बाजार में किसी भी तरह की जमाखोरी, कालाबाजारी या अफवाह फैलाने जैसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक होने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। बैठक में डीएम ने यह भी सुझाव दिया कि ग्राहक नई ज्वेलरी खरीदने के बजाय पुरानी ज्वेलरी को रिसायकिल कराने पर ध्यान दें। इससे अनावश्यक खर्च कम होगा और बाजार पर दबाव भी घटेगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि नए आभूषणों पर मेकिंग चार्ज में राहत देकर ग्राहकों को सुविधा देने का प्रयास करें। जिलाधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया और बाजार में फैल रही अपुष्ट खबरों से लोग भ्रमित न हों। घबराहट में खरीदारी करने से बचें और केवल प्रमाणित जानकारी पर भरोसा करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समय-समय पर दिए जा रहे संदेशों का भी समर्थन किया और कहा कि वर्तमान समय में संयम और जिम्मेदारी सबसे जरूरी है। बैठक में पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने भी सर्राफा व्यापारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी ज्वेलर्स अपनी दुकानों पर विजिटिंग रजिस्टर अनिवार्य रूप से रखें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा। सर्राफा व्यापारियों और स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे राष्ट्रहित और जनहित को ध्यान में रखते हुए हर संभव सहयोग करेंगे। व्यापारियों ने कहा कि वे ग्राहकों को जागरूक करने, पारदर्शी व्यापार बनाए रखने और बाजार में सकारात्मक माहौल कायम रखने का काम करेंगे। बैठक में सुरेन्द्र वर्मा, सौरभ वर्मा, अनूप वर्मा, पंकज सोनी, नरेश सोनी, वेदू सोनी, देवकांत जौहरी, चंद्रप्रकाश, अरविन्द सोनी, महेंद्र सोनी, सोनू सोनी और विकास वर्मा समेत कई सर्राफा कारोबारी मौजूद रहे। शुक्लागंज से कमल सोनी और उद्योग व्यापार मंडल के रजनीकांत श्रीवास्तव ने भी बैठक में भाग लिया।
हाथापाई का वीडियो वायरल : नगर पालिका परिसर में होमगार्ड और अधिवक्ता भिड़े
Sat, May 16, 2026
बहस से बढ़ा विवाद, धक्का-मुक्की के बाद मचा हंगामा; पुलिस ने शुरू की जांच
उन्नाव। शहर के नगर पालिका परिषद परिसर में शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक होमगार्ड और अधिवक्ता के बीच कहासुनी अचानक विवाद में बदल गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित नगर पालिका परिषद परिसर का बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, होमगार्ड संजय और एक अधिवक्ता के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य नोकझोंक हुई, लेकिन कुछ ही देर में माहौल गर्म हो गया। आरोप है कि बहस के दौरान दोनों तरफ से तीखी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के दौरान परिसर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। नगर पालिका कर्मचारी, अधिवक्ता और अन्य लोग मौके पर जुट गए। कई लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग कराया और स्थिति को शांत करने की कोशिश की। इसी बीच वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली। कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। घटना के बाद पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नगर पालिका परिसर जैसे सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का विवाद होने से लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर भी सवाल उठाए हैं। सदर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर राजेश यादव ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।