: स्लॉटर हाउसों पर उठे सवालों पर बोले भाजपा जिलाध्यक्ष — जांच में नहीं मिली गड़बड़ी
Sat, Oct 11, 2025
मुख्यमंत्री को भी भेजा था पत्र, कहा— भाजपा सरकार में पारदर्शिता के साथ होता है निस्तारण
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। भाजपा जिला अध्यक्ष अनुराग अवस्थी ने एक वायरल पत्र को लेकर उठी चर्चाओं पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले को कुछ लोग जानबूझकर निजी खुन्नस या स्वार्थवश तूल दे रहे हैं, जबकि इसकी जांच पहले ही हो चुकी है और किसी तरह की अनियमितता नहीं पाई गई है।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि पूरा मामला जिले के स्लॉटर हाउसों में मानकविहीन संचालन से जुड़ा था। उन्होंने बताया कि लोगों की मांग पर शिकायत की थी कि कई स्लॉटर हाउसों में नालियों में दूषित पानी छोड़ा जा रहा है, वहीं बीमार पशुओं को काटे जाने की भी जानकारी मिली थी। इन बिंदुओं को लेकर अनुराग अवस्थी ने पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व पशुधन विभाग की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
अनुराग अवस्थी ने बताया कि करीब पंद्रह दिन पहले उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच की मांग की थी, साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर भी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं पाई गई।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार में हर शिकायत, चाहे वह छोटी हो या बड़ी, गंभीरता से लिया जाता है और पारदर्शी ढंग से निस्तारण किया जाता है। उन्होंने अपील की कि कोई भी व्यक्ति इस प्रकरण को व्यक्तिगत हित या प्रचार के लिए न घसीटे, क्योंकि जांच पूरी हो चुकी है और शिकायत का निस्तारण किया जा चुका है।
: भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक सेहत पर जोर, उन्नाव में लगा जागरूकता शिविर
Sat, Oct 11, 2025
भागदौड़ में मन की थकान न भूलें — विधायक पंकज गुप्ता, सीडीओ कृतिराज ने कहा मानसिक सेहत से बढ़कर कुछ नहीं
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में जागरूकता शिविर और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और इससे जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी गौरांग राठी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक पंकज गुप्ता मौजूद रहे। इस मौके पर उमा शंकर दीक्षित, जिला चिकित्सालय (पुरुष) उन्नाव और जिला स्वास्थ्य समिति के सदस्य समेत कई चिकित्सक और अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य अतिथि पंकज गुप्ता ने कहा कि आज की भागदौड़ और प्रतिस्पर्धा भरी जिंदगी में मानसिक स्वास्थ्य की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में तनाव या मानसिक दबाव से गुजरता है, जिसे नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि शरीर की तरह मन की सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है, तभी जीवन खुशहाल और संतुलित रह सकता है।
कार्यक्रम में आयी सीडीओ कृतिराज ने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल भी उतनी ही जरूरी है जितनी शरीर की।
सीएमओ डॉ. सत्य प्रकाश ने बताया कि मानसिक बीमारियां भी किसी शारीरिक बीमारी की तरह ही हैं और उनका इलाज संभव है। उन्होंने अवसाद, तनाव और चिंता जैसी समस्याओं के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही लोगों से अपील की कि मानसिक परेशानी होने पर शर्म महसूस करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। शिविर में कुल 113 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें 58 मरीज मानसिक रोग से ग्रस्त पाए गए। इस मौके पर दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।कार्यक्रम में सीएमएस डॉ. राजीव, सीएमएस महिला अस्पताल डॉ. फौजिया अंजुम, और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ आशा गौतम भी मौजूद रहीं।
: तालिबसरांय की महिलाओं का नगर पालिका कार्यालय में हल्ला बोल
Fri, Oct 10, 2025
क्षेत्रीय लोगों ने खुद चंदा इकट्ठा कर डलवाया मलबा
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। नगर पालिका क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी से परेशान महिलाओं का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। तालिबसरांय मोहल्ले की दर्जनों महिलाएं शिकायत पत्र लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने कहा कि सालों से टूटी सड़कों और जाम नालियों से उनका जीना दूभर हो गया है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके मोहल्ले की सड़कें बरसों से टूटी हैं और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। बरसात के मौसम में गलियां कीचड़ और बदबू से भर जाती हैं। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है, जबकि बुजुर्गों को बाहर निकलने में खतरा रहता है।
महिलाओं ने बताया कि जब बच्चे इन्हीं गलियों से होकर स्कूल जाते हैं तो फिसलकर गिर जाते हैं। अगर किसी घर में कोई बीमार हो जाए या किसी का देहांत हो जाए, तो उसे घर से बाहर ले जाना भी बड़ी समस्या बन जाती है।
उन्होंने कहा कि तालिबसरांय इलाके की गलियों में अब तक कोई खरंजा (पक्की सड़क) नहीं बना है। तालिब सरांय और हजारीटोला के बीच में जो नाला बहता है, उसके बराबर वाली गली की सड़क भी अधूरी पड़ी है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पालिका की लापरवाही से तंग आकर फहीम अहमद (गुड्डू), रोशन, सदमा, अबरार, मोइनुद्दीन और अन्य लोगों ने मिलकर चंदा इकट्ठा किया और खुद ही मलबा डलवाकर रास्ता चलने लायक बनाया। लोगों का कहना है कि ये काम नगर पालिका को करना चाहिए था, लेकिन मजबूरी में उन्हें अपने स्तर पर करना पड़ा।
ईओ को सौंपा ज्ञापन, चेतावनी—कुछ दिनों में काम शुरू न हुआ तो आंदोलन होगा
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कार्यपालक अधिकारी (ईओ) को संबोधित एक शिकायत पत्र सौंपा। इसमें सड़कों और नालियों की सफाई व मरम्मत की जल्द व्यवस्था करने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि अगर कुछ ही दिनों में काम शुरू नहीं हुआ तो वे नगर पालिका का घेराव कर बड़ा आंदोलन करेंगी।
पालिका प्रतिनिधि पहुंचे, जल्द सुधार का दिया आश्वासन
सूचना मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि भानु मिश्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं से बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। भानु मिश्र ने भरोसा दिलाया कि तालिब सरांय सहित सभी प्रभावित इलाकों में सड़कों और नालियों का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदारों और अभियंताओं को निर्देश जारी किए गए हैं ताकि प्राथमिक मरम्मत कार्य पूरा कराया जा सके। उन्होंने महिलाओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नगर पालिका जनता की सुविधाओं के लिए पूरी तरह समर्पित है और लोगों की हर जरूरत को पूरा करने की कोशिश कर रही है।
लोग बोले – अधिकारी आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं, लेकिन काम नहीं होता
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर बार नेता, अधिकारी आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और फिर सब भूल जाते हैं। गली में इतना पानी और कीचड़ है कि छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। कोई बीमार हो जाए तो एंबुलेंस भी नहीं आती।