: मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग का शिकंजा, बिना लाइसेंस खोया फैक्ट्री सीज
Fri, Oct 10, 2025
आदर्शनगर में मिठाई और किराना दुकानों पर भी कार्रवाई
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। त्योहारों का मौसम आते ही मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। दीपावली के नजदीक आते ही मिठाइयों में मिलावट का खेल जमकर चलने लगा है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार को सहायक आयुक्त (खाद्य) प्रियंका सिंह और मुख्य खाद्य सुरक्षा शैलेश कुमार दीक्षीत के नेतृत्व में शहर और शुक्लागंज के देवारा कला क्षेत्र में छापेमारी की गई। इस दौरान देवाराकला सहजनी में बिना लाइसेंस चल रहा खोया बनाने का कारखाना पकड़ा गया। मौके पर लगभग 48 हजार रुपये का सामान सीज कर दिया गया। गया। टीम ने पाया कि कारखाना संचालक रवि कुमार किराये के मकान में अवैध रूप से भट्ठियों पर खोया तैयार कर रहा था। मौके से सफेद पाउडर, कलर वनस्पति तेल, स्किम्ड मिल्क पाउडर और रिफाइंड घोल बरामद हुआ। अधिकारियों ने लगभग 36,775 रुपये का मिल्क पाउडर, वनस्पति और रिफाइंड घोल नष्ट कराया। इसके अलावा 150 किलो स्किम्ड मिल्क और 13 किलो संदिग्ध सफेद पाउडर सीज किया गया, जिसकी कुल कीमत करीब 48,030 रुपये बताई गई।
सहायक आयुक्त (खाद्य) प्रियंका सिंह ने बताया कि संचालक रवि कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। टीम ने मौके से खोया, सफेद पाउडर, वनस्पति और स्किम्ड मिल्क पाउडर के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
इसके अलावा आदर्शनगर क्षेत्र में भी जांच अभियान चलाया गया। वहां एक किराना दुकान पर बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने की जानकारी मिली। निरीक्षण के दौरान 39 किलो खोया नष्ट कराया गया और दुकान को बंद करा दिया गया। उसी इलाके की एक मिठाई दुकान से खोया बर्फी, पनीर और बेसन के नमूने लिए गए। करीब ढाई हजार रुपये की पांच किलो बेसन लड्डू और छह किलो छेना मिठाई खराब पाए जाने पर नष्ट कराई गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
: ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ संदेश के साथ अपर्णा यादव का उन्नाव दौरा
Wed, Oct 8, 2025
वन स्टॉप सेंटर में सेवाओं की समीक्षा, माताओं को दी उपहार किट
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव बुधवार को जिले के दौरे पर पहुंचीं। उन्होंने जिला अस्पताल परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया और वहां आयोजित ‘कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। इस मौके पर उन्होंने नवजात कन्याओं और उनकी माताओं को उपहार किट देकर उनके सुखद और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
अपर्णा यादव का यह दौरा महिला आयोग के निरीक्षण और समीक्षा अभियान का हिस्सा था। वन स्टॉप सेंटर में पहुंचकर उन्होंने अस्पताल स्टाफ और अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा इंतजामों और शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी ली। केंद्र का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने आवश्यक सुधार के निर्देश दिए और कहा कि महिलाओं को हर स्तर पर मदद और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष ने कहा कि ‘कन्या जन्मोत्सव’ का उद्देश्य समाज में बेटियों के जन्म को उत्सव की तरह मनाना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बेटियां केवल घर की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि समाज की रीढ़ और देश की शक्ति हैं। उनकी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान ही वास्तविक प्रगति का आधार है।
अपर्णा यादव ने जिला अस्पताल प्रशासन और वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र महिलाओं के लिए सहायता और परामर्श का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पीड़िता को सहायता प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए।उन्होंने महिलाओं से अपील की कि महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112, महिला पावर लाइन 1090 और चाइल्ड लाइन 1098 जैसी सेवाओं का लाभ जरूर उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिनकी जानकारी हर जरूरतमंद तक पहुंचनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष ने नवजात बेटियों की माताओं से बातचीत की और उन्हें ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब बेटियां आगे बढ़ेंगी, तभी समाज और राष्ट्र सशक्त होगा। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डीपीओ, अस्पताल अधीक्षक, और वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी समेत कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है।
: सीएम के सख्त निर्देशों के बावजूद उन्नाव नवीन मंडी में अतिक्रमण जस का तस
Mon, Oct 6, 2025
किसानों को नहीं मिल रही जगह, कब्जाधारियों की जेबें भर रहीं
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बावजूद उन्नाव प्रशासन अतिक्रमण हटाने में नाकाम साबित हो रहा है। इब्राहीम बाग स्थित नवीन मंडी परिसर में महीनों से ठेकेदारों और स्थानीय दबंगों का कब्जा बना हुआ है। किसानों के लिए बने टीनशेड अब गोदाम, ढाबों और दुकानों में बदल चुके हैं। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ने सभी मंडी परिसरों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बीते जून महीने में सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज और मंडी समिति के सचिव सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से नवीन मंडी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने अवैध कब्जाधारियों को 24 घंटे के भीतर चबूतरों को खाली करने की चेतावनी दी थी। लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी अवैध कब्जे जस के तस हैं। मंडी समिति के चबूतरों पर व्यापारियों द्वारा किए गए कब्जे से किसानों को भारी परेशानी हो रही है। जहां किसानों को अपनी उपज बेचने और बोरी रखने की जगह मिलनी चाहिए, वहां बड़े व्यापारी अस्थायी दुकानों और ठेलों के माध्यम से कब्जा जमाए बैठे हैं।इससे छोटे व्यापारी और दूर-दराज से आए किसान मंडी के भीतर प्रवेश तक नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरन उन्हें सड़कों पर बैठकर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और मंडी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि मंडी के टीनशेड और प्लेटफॉर्म किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए थे, मगर अब इन पर स्थाई कब्जा हो चुका है। जगह-जगह गोदाम और अस्थायी दुकानें बन चुकी हैं, जबकि मंडी समिति और जिला प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। कब्जाधारी हर महीने वसूली के नाम पर रकम वसूलते हैं और प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
इधर, जिला प्रशासन के अधिकारी अब दावा कर रहे हैं कि अवैध कब्जाधारियों की सूची तैयार की जा रही है। वहीं मंडी समिति प्रशासन का कहना है कि नीचे के हिस्से से कब्जे हटाए गए हैं, लेकिन चबूतरों पर कार्रवाई पुलिस बल की कमी से रुकी है। उनका कहना है कि त्योहारों के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जाहिर है, कार्रवाई की बात हर बार “त्योहारों के बाद” तक टल जाती है, जबकि किसान आज भी मंडी के बाहर बैठकर अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं। सवाल यह है कि जब मुख्यमंत्री खुद सख्त निर्देश दे चुके हैं, तो फिर उन्नाव में आदेशों पर अमल कौन रोके हुए है?
लोगों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री स्वयं अतिक्रमण के खिलाफ सख्त हैं, तो उन्नाव प्रशासन की यह निष्क्रियता सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है। किसानों ने मांग की है कि मुख्यमंत्री के आदेशों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई हो और नवीन मंडी परिसर को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।