: आरोप: बिजली चेकिंग के नाम पर हो रही अवैध वसूली
Fri, Aug 1, 2025
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान✍️
उन्नाव: शहर में चेकिंग के नाम पर बिजली विभाग के कर्मचारी क्षेत्र के उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने का मामला सामने आया हैं। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि आए दिन रात हो या दिन विभाग की टीम एफआईआर का डर दिखाकर रुपये मांगे जा रहे हैं। लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से रात के समय बिजली कर्मचारी दादामियां चौराहा, गद्दियाना, कंजी, ऊंटसार, कहारों का अड्डा मोहल्लों में पहुंचकर चेकिंग कर रहे हैं। चेकिंग के नाम पर मीटर और केबल की जांच करते हैं। केबल कटा हुआ मिलने या फिर मीटर में गड़बड़ी बताकर रुपये की डिमांड करते हैं। विरोध करने पर बिजली चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देते हैं।
विभाग के रवैये को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश पनप रहा है।पिछले एक दो महीने से शहर में बिजली चेकिंग अभियान चल रहा है। विभागीय अधिकारी प्राइवेट कर्मियों को लेकर बिजली चेकिंग की वीडियोग्राफी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अगर अधिक भार होता है, तो उपभोक्ता से अवैध वसूली को सीधे डीलिंग हो रही है। रुपये न देने पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। भय के कारण उपभोक्ता रुपये देने को तैयार हो जाते हैं। नाम न छापने की शर्त पर शोषित उपभोक्ताओं ने बताया कि अधिक भार की बात कहकर विद्युतकर्मियों ने अवैध वसूली में रुपये की मांग की। जब इंकार किया तो मुकदमे की धमकी दी। मजबूरन रुपये देने पड़े। नियमानुसार, यदि उपभोक्ता अधिक भार का प्रयोग कर रहा है तो पेनल्टी लगनी चाहिए, ताकि राजस्व लाभ हो। लेकिन विभागीय अधिकारी, कर्मचारी के साथ मिलकर जेब भरने में लगे हैं। विधुत विभाग की कार्यशैली से लोगों में नाराज़गी दिख रही है। इस संबंध में क्षेत्रीय सभासद मेराजउद्दीन का कहना है कि बिजली विभाग की टीम आए दिन वार्ड में चेकिंग के लिए धमक पड़ते है। और वार्डवासियों के साथ चेकिंग के नाम पर उगाही कर रहे है। उन्होनें कहा कि विधुत विभाग चेकिंग करने क्षेत्र में आए उनका पूरा सहयोग किया जाएगा लेकिन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधी के नाते वार्डवासियों के साथ उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नही करेंगें।
: उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद करनेके मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे AAP सांसद संजय सिंह!
Wed, Jul 30, 2025
उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद करनेके मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे AAP सांसद संजय सिंह
नई दिल्ली/यूपी : दरअसल यूपी में योगी सरकार द्वारा बंद किए जा रहे सरकारी स्कूलों का मुद्दा इन दिनों गरमाया हुआ है, इस मामले में आम आदमी पार्टी भी फैसले का विरोध कर रही है, इस बीच आप सांसद संजय सिंह ने यूपी सरकार द्वारा 105 सरकारी प्राथमिक स्कूलों को बंद करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, इस याचिका में उन्होंने यूपी सरकार के फैसले को दी चुनौती हैकोर्ट में दायर याचिका में सांसद ने यूपी सरकार के फैसले को मनमाना, असंवैधानिक और बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार कानून 2009 के विपरीत बताया हैदरअसल यूपी सरकार ने कम नामांकन वाले 105 प्राथमिक स्कूलों को बंद करने और तीन किलोमीटर के दायरे में नजदीकी स्कूलों में विलय करने का निर्णय लिया है, इसके खिलाफ वकील श्रीराम पी के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है16 जून के एक फैसले और उसके बाद 24 जून के आदेश के तहत सरकार ने ऐसे 105 विद्यालयों को बंद करने की घोषणा की यह फैसला तब लिया गया, जब सरकार ने पाया कि इन स्कूलों में नामांकन कम है. उसके बाद सरकार ने इन स्कूलों को पास के नजदीकी स्कूलों के साथ जोड़ने का फैसला किया याचिका में तर्क दिया गया है कि इस कार्रवाई से राज्य भर के कई बच्चों की शिक्षा तक पहुंच पर पहले ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है याचिकाकर्ता ने कहा कि कई पीड़ित माता-पिता और सामुदायिक हितधारकों ने उनसे संपर्क किया है जिनके बच्चे इस आदेश से प्रभावित हुए हैं याचिका में सुप्रीम कोर्ट से इस आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया गयायाचिका में सुप्रीम कोर्च से यह आग्रह किया गया है कि उत्तर प्रदेश नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियम, 2011 के नियम 4(2) का अनुपालन किए बिना 1 किलोमीटर की निर्धारित सीमा से परे कार्यरत सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को जोड़ने या विलय करने की नीति असंवैधानिक, मनमानी हैयाचिका में तर्क दिया गया कि केवल कम छात्र नामांकन के आधार पर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को विलय या जोड़ने की कार्रवाई RTI अधिनियम, 2009 और उत्तर प्रदेश बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 (यूपी आरटीई नियम) के विरुद्ध है!
: अघोषित बिजली कटौती को लेकर सपा नेताओं ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
Wed, Jul 30, 2025
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या: अंकित परिहार
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। अघोषित बिजली कटौती सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर सपा नेता अंकित सिंह परिहार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के उपजिलाधिकारी बीघापुर को ज्ञापन सौंपा। बिजली कटौती सहित कई समस्याओं के मुद्दे पर बुधवार को समाजवादी पार्टी नेताओं ने एसडीएम रणवीर सिंह से मुलाकात की। इस दौरान सपा नेताओं ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की।
भगवंतनगर विधानसभा से सपा के पूर्व प्रत्याशी अंकित सिंह परिहार ने ज्ञापन सौंपने के दौरान कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। धान की रोपाई के समय किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। इससे उनकी फसलें खराब हो रही हैं। लेकिन जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। अंकित परिहार ने कहा कि उमस भरी गर्मी के दौर में वर्तमान समय से अघोषित बिजली कटौती चरम पर है। आम जनमानस त्राहि-त्राहि कर रहा है, ऐसे में बिजली आपूर्ति ठीक करने के साथ ही बिजली के बिलों को भी माफ किया जाए। इस दौरान नाला सफाई की भी मांग हुई, बारिश के मौसम आ गया है लेकिन कई इलाकों में अभी तक नाला सफाई नहीं हुई। ऐसे में बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होनें चेतवानी देते हुए कहा कि बिजली व्यवस्था मे जल्द सुधार नही हुआ तो समाजवादी पार्टी क्षेत्र में जनआंदोलन करेगी।
ज्ञापन लेते हुए एसडीएम रणवीर सिंह ने समस्याओं के जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द बिजली और अन्य समस्याओं का निस्तारण कराया जाएगा ताकि आम जनमानस को किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो।
ज्ञापन सौंपने वालों में विधानसभा अध्यक्ष ओम प्रकाश पासवान, जिला उपाध्यक्ष रूप नारायण पटेल, जिला सचिव श्रीनारायण पाल शामिल थे। इसके अलावा पूर्व जिला पंचायत सदस्य फूलचंद्र पासवान, पप्पू चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष शिवनारायण गौड़ और विजय यादव भी मौजूद थे।