अंदरूनी इलाकों में सफाई नाममात्र, अंतिम छोर तक पानी पहुंचने पर संकट
उन्नाव। रबी के सीजन में सिंचाई सबसे अहम जरूरत है, लेकिन नहरों की सफाई को लेकर किसानों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। विभाग ने दावा किया है कि आठ दिनों में 622 किलोमीटर लंबाई की नहरें, रजबहे और माइनर साफ कर दिए गए हैं और 15 दिसंबर तक कुल 894 किलोमीटर सफाई पूरी कर ली जाएगी। लेकिन जमीन पर तस्वीर अलग है। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग सिर्फ आंकड़े बढ़ा रहा है, काम की गुणवत्ता बिगड़ती जा रही है। कई क्षेत्रों में नहरों की सफाई का हाल इतना खराब है कि किसानों ने सीधे तौर पर विभाग को सवालों में खड़ा कर दिया है। उनकी शिकायत है कि जहां नहरें मुख्य सड़कों के पास से गुजरती हैं, वहां थोड़ी बहुत सफाई दिखती है, लेकिन अंदरूनी गांवों तक जाते-जाते काम सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह जाता है। कई जगह सिर्फ ऊपरी घास खुरचकर किनारे डाल दी गई है। जेसीबी से एक–दो सेंटीमीटर मिट्टी हटाकर दिखावा किया गया, जबकि आठ इंच खुदाई का टेंडर जारी हुआ था।
हसनगंज में किसानों की चेतावनी
आसीवन ब्रांच से निकला न्योतनी रजबहा लगभग 19 किलोमीटर लंबा है। यहां सफाई के नाम पर घास छीलकर बीच में फेंक दी गई। लखौरा, आदमपुर बरेठी, न्योतनी, चंदौली बुजुर्ग, दयालपुर, धोपा, उधवाखेड़ा, गरवरखेड़ा, फिरोजपुर, असुरनखेड़ा, रामपुर अखौली, रायखेड़ा, धीरखेड़ा और कुरौली के किसानों ने बताया कि सिल्ट निकालने का काम हुआ ही नहीं। चंद्रशेखर द्विवेदी, संजीवन, रामजीवन, अर्जुन, संदीप, ओमप्रकाश, शिव नारायण द्विवेदी, सोनू और सतीश ने कहा कि मानक की धज्जियां उड़ाकर काम जल्दबाजी में निपटाया गया।
मौरावां में भी वही कहानी
हिलौली ब्लॉक से निकला मौरावां रजबहा भी इसी हालत में है। यहां सिर्फ खरपतवार हटाकर सफाई का दावा कर दिया गया। सिल्ट जस की तस है और नहर की गहराई बढ़ाने का काम नहीं हुआ। हिलौली माइनर की सफाई तो अभी शुरू भी नहीं हुई है।शारदा नहर से निकला औरास रजबहा गेरूआ, नंदौली, हाजीपुर गोसा होते हुए रायपुर राई तक जाता है। यह नहर कई गांवों की हजारों बीघे जमीन की जीवनरेखा है। गांवों के किसानों सुरेंद्र सिंह, केशव, रामचंद्र, राजकिशोर और राजेंद्र का कहना है कि पूरी गहराई तक सिल्ट नहीं निकाली जा रही है। इससे पानी बहाव छोड़कर खेतों की तरफ कटान कर सकता है। गेहूं का सीजन शुरू है और अगर पानी खेतों में भर गया तो फसल का बड़ा नुकसान होगा। किसानों ने साफ कहा है कि सिंचाई विभाग सिर्फ कागजों में सफाई दिखा रहा है। असल काम अधूरा है और रजबहों की यह हालत आगे चलकर सिंचाई संकट खड़ा कर सकती है। उनका कहना है कि विभाग जिम्मेदारी से काम करे और नहरों की सफाई मानक के अनुसार पूरी कराए, नहीं तो हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।