कपड़े के थैले अपनाने की अपील : प्लास्टिक से दूरी का संदेश
Thu, Oct 15, 2026
श्वेता भानू मिश्रा के नेतृत्व में गुरुद्वारे के पास लगा जागरूकता कैंप, विद्यार्थियों ने भी लिया हिस्सा
उन्नाव। शहर को साफ-सुथरा रखने और प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए नगर पालिका परिषद ने लोगों को जागरूक करने की पहल की। नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानू मिश्रा के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के तहत संचालित ‘स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम-2026’ और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जनभागीदारी दिवस मनाया गया। स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति की ओर से गुरुद्वारे के समीप जागरूकता कैंप लगाया गया। यहां राहगीरों, दुकानदारों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों से संवाद कर स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की गई। साथ ही कपड़े और जूट के थैले बांटकर लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के बजाय पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानू मिश्रा ने कहा कि स्वच्छता केवल नगर पालिका या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। घर, दुकान, गली और मोहल्ले को साफ रखना और कूड़े का उचित निस्तारण करना सभी की आदत में शामिल होना चाहिए। बाजार जाते समय कपड़े या जूट का थैला साथ रखने जैसी छोटी पहल भी प्लास्टिक कचरा कम करने में मददगार हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सामूहिक प्रयासों से ही उन्नाव को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाया जा सकता है।
विद्यार्थियों ने भी दिया स्वच्छता का संदेश
कार्यक्रम में गुरु नानक इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार की सहभागिता के जरिए लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का संदेश दिया गया। इस दौरान सफाई निरीक्षक अशोक पाल, रश्मि पुष्कर, प्रेमलता सिंह, कीर्ति शुक्ला, रुचि द्विवेदी, प्रिया तिवारी, सुनील शर्मा, राहुल दुबे और सचिन शर्मा सहित अन्य सहयोगी मौजूद रहे।नगर पालिका परिषद की ओर से नागरिकों से सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैलाने, कूड़े का उचित निस्तारण करने और प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने की अपील की गई। अभियान के जरिए स्वच्छता के प्रयासों में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
निराला प्रतिमा स्थल को मिला नया रूप : बाजार की सड़क भी चमकी
Wed, Oct 14, 2026
कचौड़ी गली में निर्माण और धवन रोड पर हाईमास्ट लाइट शुरू, तीन कामों से शहर की सूरत बदलने की कोशिश
उन्नाव। शहर में विकास का मतलब सिर्फ नई सड़कें बनाना नहीं, बल्कि उन जगहों को भी बेहतर बनाना है, जिनसे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और शहर की पहचान जुड़ी है। इसी कड़ी में नगर पालिका परिषद ने तीन अलग-अलग स्थानों पर काम पूरे कराए हैं। शहर के बड़ा चौराहा स्थित पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ प्रतिमा स्थल को नया रूप दिया गया है, कचौड़ी गली की क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण कराया गया है और धवन रोड पर हाईमास्ट लाइट लगाई गई है। नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानू मिश्रा ने सभासदों की मौजूदगी में तीनों कार्यों का लोकार्पण किया।
साहित्यिक पहचान से बाजार की सहूलियत तक
शहर के प्रमुख स्थलों में शामिल निराला प्रतिमा स्थल लंबे समय से मरम्मत और देखरेख की जरूरत महसूस कर रहा था। जीर्णोद्धार के बाद अब इस स्थल को नया स्वरूप मिला है। इससे न सिर्फ आसपास की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि हिंदी साहित्य की महान विभूति की स्मृति को सहेजने में भी मदद मिलेगी। नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानू मिश्रा ने कहा कि उन्नाव की पहचान उसकी ऐतिहासिक और साहित्यिक विरासत से भी है। ऐसे स्थलों का रखरखाव जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपने जिले की गौरवशाली परंपरा से परिचित हो सकें। इस अवसर पर भाजपा नेता प्रवीण मिश्रा भानु ने कहा कि पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जनपद की धरोहर और स्वाभिमान हैं। उनकी साहित्यिक रचनाओं ने हिंदी साहित्य को नई दिशा दी और समाज को नई सोच दी। निराला की पहचान केवल एक महान साहित्यकार के रूप में ही नहीं, बल्कि उनकी जन्मभूमि से जुड़ी गौरवशाली विरासत के रूप में भी है। ऐसे महापुरुषों से जुड़े स्थलों का संरक्षण और सुंदरीकरण आने वाली पीढ़ियों को उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
खराब सड़क से मिलेगी राहत
शहर के मुख्य बाजार में स्थित कचौड़ी गली की सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त थी। इससे दुकानदारों के साथ बाजार आने वाले ग्राहकों और राहगीरों को भी परेशानी होती थी। सड़क के नव निर्माण से लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। साथ ही बाजार में आने-जाने वाले लोगों को भी पहले के मुकाबले बेहतर रास्ता मिल सकेगा।
धवन रोड पर रात में रोशनी की व्यवस्था
धवन रोड पर हाईमास्ट लाइट शुरू होने से रात के समय संबंधित क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था बेहतर होगी। इससे सड़क से गुजरने वाले लोगों और आसपास के कारोबारियों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है। सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त रोशनी होने से रात में आवागमन भी आसान होता है।
शहर की जरूरतों पर काम करने का दावा
इन तीनों कार्यों में शहर की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। एक ओर साहित्यिक विरासत से जुड़े स्थल को संवारा गया है, तो दूसरी ओर बाजार की सड़क और प्रकाश व्यवस्था पर काम हुआ है। कार्यक्रम में भानू मिश्रा की पहल की भी सराहना की गई। इस मौके पर सभासद ब्रजेश पांडेय, सभासद निशेष जायसवाल, सभासद दीपक दीक्षित ‘मोनू’, सभासद प्रतिनिधि मनोज यादव, डॉ. राम नरेश, दिनेश प्रियमन, विनय तिवारी, केके मिश्रा, शैलेंद्र त्रिवेदी, कुलदीप सिंह चौहान, अवधेश श्रीवास्तव और अनुज अवस्थी समेत स्थानीय व्यापारी, साहित्य प्रेमी और अन्य नागरिक मौजूद रहे।
प्रदूषण के आरोपों पर घिरी फैक्टरी : जांच के बाद बंद कराई गई यूनिट
Tue, Oct 13, 2026
स्थानीय लोगों ने की थी दुर्गंध और प्रदूषण की शिकायत, बिजली कनेक्शन भी कटा
उन्नाव। चमड़े की कतरन और रसायनों से जैविक खाद तैयार करने वाली दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र के पास चांदपुर स्थित एए ऑर्गेनिक मैन्योर फैक्टरी का संचालन मंगलवार को बंद करा दिया गया। जिलाधिकारी घनश्याम मीना के निर्देश पर जांच के बाद मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासन की संयुक्त टीम ने फैक्टरी का संचालन बंद कराकर उसे सील कर दिया। टीम ने पहले मशीनें बंद कराईं, फिर बिजली कनेक्शन काटा और अंत में मुख्य गेट सील कर दिया, ताकि चोरी छुपे यूनिट में कामकाज दोबारा शुरू न हो सके। फैक्टरी के आसपास रहने वाले लोगों ने दुर्गंध और प्रदूषण को लेकर शिकायत की थी। जांच के दौरान खुले परिसर में ऐसी सामग्री सुखाए जाने की बात सामने आई, जिससे तेज दुर्गंध और जहरीला धुआं फैलने की आशंका थी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने फैक्टरी संचालक को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था। तय समय में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई।
मशीनें बंद कर काटी बिजली
मंगलवार को संयुक्त टीम फैक्टरी पहुंची और नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। टीम ने सबसे पहले संयंत्र की मशीनों को टेप लगाकर बंद कराया। इसके बाद विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर ही बिजली कनेक्शन काट दिया। कार्रवाई के अंतिम चरण में फैक्टरी के मुख्य प्रवेश द्वार को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई। मौके पर उपजिलाधिकारी राजेश विश्वकर्मा, नायब तहसीलदार अनुपमा सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शशिबिंदकर, सहायक अभियंता उपेंद्र समेत विद्युत विभाग के कर्मचारी और पुलिस बल मौजूद रहा।
शिकायत से कार्रवाई तक ऐसे बढ़ा मामला
फैक्टरी से निकलने वाली दुर्गंध और प्रदूषण की शिकायतें मिलने के बाद जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्टरी संचालक से जवाब मांगा। निर्धारित समय में जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभाग ने अगला कदम उठाया। मंगलवार को मशीनों से लेकर मुख्य गेट तक बंद कराकर फैक्टरी का संचालन रोक दिया गया।