आरक्षित वन में रात को खोद डाली मिट्टी : टीम पहुंची तो भागे
Wed, Nov 4, 2026
जेसीबी-डंपर लेकर फरार हुए लोग, चार नामजद आरोपियों पर रिपोर्ट
उन्नाव। असोहा क्षेत्र के कांथा तेजीखेड़ा स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में रात के अंधेरे में मिट्टी का अवैध खनन किए जाने का मामला सामने आया है। मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो खनन में लगे लोग जेसीबी और डंपर लेकर भाग निकले। मौके पर खड़ी एक चार पहिया गाड़ी को भी लेकर लोग फरार हो गए। वन विभाग की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। बीट प्रभारी मोहिनी तिवारी की ओर से असोहा थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक, एक नवंबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि कांथा तेजीखेड़ा के आरक्षित वन क्षेत्र में मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। इस पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम को दूर से आता देखकर खनन में लगे लोग जेसीबी और डंपर लेकर भाग गए। घटनास्थल के पास एक चार पहिया वाहन संख्या UP32NV 9292 खड़ा था। टीम के करीब पहुंचने से पहले ही उसे भी लेकर लोग फरार हो गए। तहरीर में पवन कुमार पुत्र सुजान निवासी छोटी बहेरिया, थाना असोहा और जितेंद्र कुमार सिंह उर्फ जीतू पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी ग्राम हसनापुर, थाना सोहरामऊ पर वन विभाग की सरकारी जमीन पर मिट्टी खुदवाने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि खोदी गई मिट्टी लखनऊ के मोतीनगर चारबाग स्थित अनमोल इंटरप्राइजेज के संजीव कटियार और कृष्णानगर निवासी आदित्य कुमार के कुशेहरी भल्लाफार्म के पास स्थित प्लॉट में डाली गई थी। तहरीर के मुताबिक, प्लॉट पर मौजूद लोग भी वन विभाग की टीम को देखकर भाग गए थे।पुलिस ने तीन नवंबर 2026 को पवन कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह उर्फ जीतू, संजीव कटियार निवासी मोतीनगर चारबाग (अनमोल इंटरप्राइजेज) और आदित्य कुमार पुत्र रमेशचंद्र निवासी कृष्णानगर, लखनऊ के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 और 63 के साथ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 2 और 3 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
संगठन मजबूत करने का संदेश : सफीपुर में सपा की चुनावी तैयारी का दिखा उत्साह
Wed, Nov 4, 2026
जिलाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पहुंचे जयचन्द्र विमल, गांवों से बाजार तक कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत
उन्नाव। समाजवादी पार्टी की जिला कमान संभालने के बाद जयचन्द्र विमल बुधवार को पहली बार सफीपुर विधानसभा क्षेत्र पहुंचे। उनके स्वागत के लिए कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए। गांवों से लेकर कस्बों और प्रमुख चौराहों तक हुए स्वागत के जरिए स्थानीय सपाइयों ने अपनी सक्रियता और संगठन के प्रति एकजुटता दिखाने की कोशिश की। विधानसभा अध्यक्ष आफताब आलम के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 11 बजे खुमान खेड़ा से हुई। यहां से जिलाध्यक्ष का काफिला भवानी खेड़ा, चकलवंशी, भिनकीपुर और प्रधान ढाबा होते हुए जमाल्दीपुर पहुंचा। इसके बाद सफीपुर नहरिया, तिवारी स्वीट्स और बरदाही बाजार में कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। मवई स्थित शांति मैरिज लॉन, मियागंज तिराहा और चौराहे पर भी समर्थकों की मौजूदगी रही। भ्रमण के अंतिम पड़ाव में उनका काफिला रसूलाबाद मुंशीगंज तिराहे से होते हुए रामा पेट्रोल पंप सफीपुर मोड़ पहुंचा। इस दौरान जयचन्द्र विमल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसका संगठन और जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ता होते हैं। संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा। उन्होंने पार्टी की नीतियों और विचारधारा को आम लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की। स्वागत कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी राजनीतिक मंशा जाहिर की। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दोबारा प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया। इस मौके पर वीरेंद्र शुक्ला, सीएल यादव, उमाशंकर यादव, मोहम्मद इस्माइल, राजेश यादव उर्फ साधु, विनोद पाल, मंजीत यादव, प्रशांत कटियार, राकेश कश्यप, उमालाल यादव, अब्दुल आलम, राजेश मिश्रा, यदुवीर यादव, छोटेलाल भारती, अशोक सिंह यादव, अवधेश सिंह, अशोक सिंह चंदेल और राममिलन यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक मौजूद रहे।
23 साल पहले खरीदा प्लॉट : आज भी नहीं मिला कब्जा
Wed, Nov 4, 2026
18 हजार में खरीदी जमीन, कब्जा कर बेचने का आरोप; कोर्ट के आदेश पर दो के खिलाफ केस दर्ज
उन्नाव। जमीन खरीदने के 23 साल बाद भी खरीदार को उसका मालिकाना हक नहीं मिल सका। ग्राम बेहटा, पोस्ट देवारा कलां, थाना क्षेत्र सिकंदरपुर सरोसी निवासी रामबहादुर पुत्र रामबली ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 18 हजार रुपये देकर खरीदे गए प्लॉट का मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया है। उनका आरोप है कि बैनामा कराने के बाद दाखिल-खारिज के नाम पर मूल दस्तावेज ले लिया गया, लेकिन न तो राजस्व अभिलेखों में उनका नाम दर्ज कराया गया और न ही बैनामा वापस किया गया। आरोप है कि बाद में प्लॉट पर कब्जा कर उसे दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया।
रामबहादुर के मुताबिक, उन्होंने 26 अगस्त 2003 को भूमि संख्या 1942 मि. स्थित एक प्लॉट शिवकुमार उर्फ मंगल से 18 हजार रुपये में खरीदा था। इसका बैनामा सब रजिस्ट्रार कार्यालय सदर, उन्नाव में पंजीकृत कराया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्लॉट खरीदने से पहले विक्रेता ने जमीन को विवाद रहित बताया था। बैनामा होने के बाद दाखिल-खारिज कराने का भरोसा देकर मूल दस्तावेज अपने पास रख लिया, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी न तो दाखिल-खारिज हुआ और न ही बैनामा लौटाया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्लॉट पर पहले उनका कब्जा था, लेकिन शिवकुमार उर्फ मंगल और सुरेश ने कथित रूप से कूटरचित सरकारी दस्तावेज तैयार कराकर जमीन पर कब्जा कर लिया और उसे बेच दिया। उन्होंने प्लॉट की मौजूदा कीमत 10 से 12 लाख रुपये होने का दावा किया है।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
रामबहादुर का आरोप है कि जमीन वापस मांगने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में उन्होंने सदर कोतवाली के अलावा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आईजीआरएस और रजिस्टर्ड डाक के जरिए शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। न्यायालय के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने माखी थाना क्षेत्र के कुशलीखेड़ा निवासी शिवकुमार उर्फ मंगल पुत्र विश्राम और सुरेश पुत्र हरिपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।