पांच दिन बाद बप्पा को दी विदाई : ढोल-नगाड़ों के साथ गंगा घाट पहुंचे श्रद्धालु
Sat, Sep 19, 2026
ढोल-नगाड़ों के साथ निकली विसर्जन यात्रा, गंगा में प्रतिमा विसर्जित कर अगले बरस जल्दी आने की कामना
उन्नाव। शहर के लोकनगर में पांच दिन से चल रहे गणेश उत्सव का शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हो गया। गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा में शामिल हुए। रास्तेभर गणपति बप्पा मोरया और अगले बरस तू जल्दी आना के जयकारे गूंजते रहे। गंगा नदी के निर्धारित विसर्जन स्थल पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया गया। लोकनगर में सोमवार को पांच दिवसीय संकल्प के साथ गणेश प्रतिमा स्थापित की गई थी। स्थापना के बाद से ही रोजाना श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे थे। शुक्रवार को उत्सव के अंतिम दिन सुबह से ही पंडाल में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। विशेष पूजा-अर्चना और आरती के बाद गणपति को विदाई देने की तैयारी की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा के बाद कन्या और ब्राह्मण भोज कराया गया। इसके बाद गणेश प्रतिमा को सजाकर विसर्जन यात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते हुए आगे बढ़े। यात्रा में शामिल लोग लगातार गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना के जयकारे लगाते रहे। इससे रास्ते का माहौल भक्तिमय बना रहा। विसर्जन यात्रा शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए गंगा नदी के तय विसर्जन स्थल तक पहुंची। यहां पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने एक बार फिर गणपति की पूजा-अर्चना की और आरती की। इसके बाद विधि-विधान के साथ प्रतिमा को गंगा में विसर्जित किया गया। प्रतिमा के विसर्जन के समय श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर से गणेश उत्सव मनाने की कामना की। पांच दिन तक पंडाल में चले आयोजन के बाद बप्पा की विदाई पर श्रद्धालु भावुक भी नजर आए।
विसर्जन कार्यक्रम में प्रमुख समाजसेवी कपिल मिश्रा, बाबा चंद्रशेखर, ऋषिकेश मिश्रा, शांति देवी, शैलेंद्र त्रिवेदी, राजन पांडेय, रागिनी पांडेय, शालू त्रिवेदी, मानसी मिश्रा, कृष्वम मिश्रा और अक्षत मिश्रा समेत अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
ओटीएस मुहिम रंग लाई : बकाया कर जमा कराने में उन्नाव पालिका को मिली रफ्तार
Sat, Sep 19, 2026
ओटीएस में 80 करदाताओं ने जमा किए 15.51 लाख रुपये
1.48 लाख की छूट का मिला फायदा; 15 दिसंबर तक मिलेगा मौका
उन्नाव। नगर पालिका ने लंबे समय से बकाया गृहकर, जलकर और सीवरकर की वसूली के लिए चल रही एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को लेकर तेजी दिखाई है। पालिका की ओर से बकायेदारों से संपर्क करने और उन्हें योजना में मिलने वाली छूट की जानकारी देने का असर भी दिखाई देने लगा है। अब तक 90 करदाताओं ने बकाया कर जमा करने के लिए आवेदन किया है। इनमें 80 करदाता अपना बकाया जमा कर चुके हैं। इनसे पालिका को 15.51 लाख रुपये का राजस्व मिला है। खास बात यह है कि करदाताओं को ब्याज और सरचार्ज में कुल 1.48 लाख रुपये की राहत भी दी गई है। ओटीएस के तहत बकाया जमा कराने को लेकर पालिका का राजस्व विभाग लगातार काम कर रहा है। बड़े बकायेदारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। करदाताओं को यह भी समझाया जा रहा है कि योजना के दौरान मूल कर जमा करने पर पुराने बकाये पर लगे ब्याज और सरचार्ज में शत-प्रतिशत छूट का लाभ मिल सकता है। इससे एक तरफ लोगों का पुराना कर बकाया खत्म हो रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका की राजस्व वसूली भी मजबूत हो रही है।
90 ने कराया आवेदन, आठ की प्रक्रिया जारी
ओटीएस के तहत अब तक मिले 90 आवेदनों में 80 का निस्तारण कर कर की राशि जमा कराई जा चुकी है। आठ आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं, जबकि दो आवेदन निरस्त किए गए हैं। पालिका के अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में आवेदन और बकाया जमा करने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। पालिका की ओर से करदाताओं को योजना का लाभ लेने के लिए लगातार जानकारी दी जा रही है। राजस्व निरीक्षकों को बकायेदारों से संपर्क करने और उन्हें समय रहते बकाया जमा कराने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसका असर यह है कि कई ऐसे करदाता भी सामने आ रहे हैं, जिनका काफी समय से कर बकाया चला आ रहा था।
मूल कर जमा करें, ब्याज और सरचार्ज से राहत
नगरीय निकाय निदेशालय की ओर से 15 अगस्त से ओटीएस योजना शुरू की गई थी। योजना में एक अप्रैल 2026 तक लंबित गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकाये को शामिल किया गया है। इसमें करदाता को मूल कर राशि जमा करनी होती है। मूल राशि जमा करने पर ब्याज और सरचार्ज में शत-प्रतिशत छूट का प्रावधान है। योजना का लाभ केवल आवासीय भवनों तक सीमित नहीं है। आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियों के करदाता भी इसका फायदा उठा सकते हैं। इससे ऐसे लोगों को भी राहत मिली है, जिनके ऊपर लंबे समय से कर बकाया होने के कारण अतिरिक्त ब्याज और सरचार्ज जुड़ता जा रहा था।
एक साथ रकम नहीं है तो किस्त का भी विकल्प
पालिका ने करदाताओं की सुविधा का भी ध्यान रखा है। जिन लोगों के पास पूरी बकाया राशि एक साथ जमा करने की व्यवस्था नहीं है, उनके लिए अधिकतम तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा दी गई है। योजना लागू होने के 30 दिन के भीतर कम से कम एक-तिहाई मूल बकाया राशि जमा करनी होगी। इसके बाद बची रकम दो मासिक किस्तों में जमा की जा सकती है। पालिका अधिकारियों का कहना है कि किस्त की सुविधा से उन करदाताओं को भी राहत मिलेगी, जो एकमुश्त बड़ी रकम जमा नहीं कर पा रहे हैं। इससे बकाया कर जमा करने के लिए लोगों को अतिरिक्त विकल्प मिल रहा है।
बड़े बकायेदारों से भी कराया जा रहा भुगतान
नगर पालिका ने राजस्व बढ़ाने के साथ पुराने बकाये को कम करने के लिए बड़े बकायेदारों पर भी फोकस किया है। राजस्व विभाग की टीम ऐसे करदाताओं से संपर्क कर रही है और उन्हें ओटीएस के फायदे बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि योजना का मकसद केवल राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित कर खातों को भी नियमित करना है।
बकायेदार उठाएं छूट का लाभ: ईओ
ईओ राम आसरे कमल ने बताया कि बड़े बकायेदारों से लगातार संपर्क कर कर जमा कराया जा रहा है। ओटीएस की सुविधा 15 दिसंबर तक चलेगी। जिन लोगों का गृहकर, जलकर या सीवरकर बकाया है, वे समय रहते आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। ब्याज और सरचार्ज में छूट मिलने से बकायेदारों को पुराने कर का निपटारा करने में सुविधा होगी।
कर वसूली से मजबूत होगी पालिका: श्वेता मिश्रा
पालिकाध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि नगर पालिका करदाताओं को सुविधा देने के साथ राजस्व वसूली को भी व्यवस्थित करने पर काम कर रही है। ओटीएस में मिलने वाली छूट का लाभ लेकर लोग अपने पुराने बकाये का निपटारा कर सकते हैं। पालिका की कोशिश है कि करदाताओं को योजना की पूरी जानकारी मिले और अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठाएं। समय पर कर जमा होने से शहर के विकास कार्यों के लिए पालिका की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी।
पालिका का एक्शन : डिवाइडर से हटे अवैध यूनीपोल, 28 पर चला बुलडोजर
Sat, Sep 19, 2026
बिना अनुमति लगाए गए थे विज्ञापन बोर्ड, पालिका की कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप
उन्नाव। जिला अस्पताल रोड पर डिवाइडर के बीच लगाए गए अवैध यूनीपोल को हटाने के लिए नगर पालिका ने शुक्रवार को अभियान चलाया। टीम ने बुलडोजर की मदद से 28 मिनी यूनीपोल गिरा दिए। कार्रवाई शुरू होते ही सड़क किनारे विज्ञापन लगाने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया। पालिका अधिकारियों ने साफ किया कि बिना अनुमति और निर्धारित शुल्क दिए सार्वजनिक जगह पर विज्ञापन लगाना अब नहीं चलेगा। जिला अस्पताल से गदनखेड़ा चौराहे की ओर जाने वाली सड़क के डिवाइडर पर लंबे समय से विज्ञापन बोर्ड लगे थे। पालिका की जांच में सामने आया कि कई यूनीपोल बिना अनुमति लगाए गए थे। इनमें 31 मिनी यूनीपोल और 13 बड़े यूनीपोल शामिल बताए गए। इनसे पालिका को विज्ञापन शुल्क के रूप में राजस्व भी नहीं मिल रहा था।
"
द लखनऊ टाइम्स" ने उठाया मुद्दा, कार्रवाई शुरू
इस मामले को "द लखनऊ टाइम्स" ने 18 सितंबर के अंक में प्रमुखता से उठाया था। खबर में जिला अस्पताल से गदनखेड़ा चौराहे तक डिवाइडर में लगाए गए विज्ञापन पोल, उनकी अनुमति और पालिका को मिलने वाले शुल्क को लेकर सवाल उठाए गए थे। नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही थी। खबर प्रकाशित होते इसके अगले कुछ ही घंटो के बाद ही पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई से साफ संदेश गया कि सार्वजनिक संपत्ति पर बिना अनुमति लगाए गए विज्ञापन पोल को लेकर पालिका अब सख्ती बरतेगी।
रात में खोदकर खड़े कर दिए पोल
डिवाइडर और फुटपाथ का निर्माण आवास विकास परिषद ने कराया था। करीब 60 लाख रुपये की लागत से तैयार कराए गए इस हिस्से में लोगों के आवागमन के लिए फुटपाथ के साथ डिवाइडर बनाए गए थे। बाद में डिवाइडर के बीच स्ट्रीट लाइट और पौधे भी लगाए गए। आरोप है कि निगरानी कमजोर होने का फायदा उठाकर विज्ञापन कारोबारियों ने डिवाइडर की जगह-जगह खुदाई कर पोल खड़े कर दिए। इससे डिवाइडर और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
स्ट्रीट लाइट और पौधों के बीच लगाए बोर्ड
इस मार्ग पर करीब 54 लाख रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइट भी लगाई गई हैं। डिवाइडर पर पौधे लगाए जाने के बाद इसे सड़क की सुंदरता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया था। लेकिन जगह-जगह लगाए गए बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड से डिवाइडर का स्वरूप बदल गया। कुछ स्थानों पर तीन तरफ विज्ञापन दिखाने वाले पोल लगाए गए थे।
नवंबर 2025 में कराया गया था सर्वे
बता दें कि नगर पालिका के रिकॉर्ड के मुताबिक शहर में यूनीपोल को लेकर नवंबर 2025 में सर्वे कराया गया था। इसमें कुल 145 यूनीपोल नगर पालिका में दर्ज किए गए थे। ऐसे में अब जिला अस्पताल रोड पर लगे पोलों की स्थिति को लेकर भी रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान किया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि कौन से यूनीपोल पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज हैं और किन्हें बिना अनुमति लगाया गया है।
पालिका को शुल्क मिल रहा था या नहीं, जांच में साफ होगा
अवैध यूनीपोल को लेकर सबसे बड़ा सवाल पालिका के राजस्व से जुड़ा है। जिन स्थानों पर विज्ञापन लगाए गए, उनके लिए संबंधित कारोबारी ने अनुमति ली थी या नहीं और निर्धारित शुल्क जमा किया गया था या नहीं, यह जांच का अहम हिस्सा है।नगर पालिका अब मौके पर लगे पोल और अपने रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। जिन पोलों के संबंध में अनुमति या शुल्क जमा होने का रिकॉर्ड नहीं मिलेगा, उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
पहले नोटिस, अब सीधे कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद नगर पालिका ने विज्ञापन कारोबारियों को अवैध यूनीपोल स्वयं हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सभी पोल नहीं हटाए गए। शुक्रवार को पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। बुलडोजर से 28 मिनी यूनीपोल हटा दिए गए। अधिकारियों के मुताबिक बाकी अवैध पोल भी हटाए जाएंगे। ईओ राम आसरे कमल ने बताया कि सभी विज्ञापन और होर्डिंग कारोबारियों को अपने स्तर से अवैध यूनीपोल हटाने की सख्त हिदायत दी गई है। निर्धारित समय में पोल नहीं हटाए गए तो नगर पालिका उन्हें हटाने की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।