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किस्मत का कड़वा खेल : पति का अंतिम संस्कार, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Wed, Dec 10, 2025
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उन्नाव। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के लालताखेड़ा गांव में सोमवार का दिन एक ऐसे हादसे का गवाह बना, जिसने पूरे गांव को भीतर तक हिला दिया। एक ही परिवार में कुछ घंटों के अंतर पर जिंदगी और मौत आमने-सामने खड़ी दिखाई दी। घर में एक ओर बेटे की अर्थी सजी थी, तो दूसरी ओर उसी घर की बहू ने अस्पताल में एक नवजात बेटे को जन्म दिया। पूरे गांव में वातावरण भारी था, और हर किसी की जुबान पर बस यही बात थी कि किस्मत ने यह कैसा मोड़ दे दिया।
लालताखेड़ा निवासी 29 वर्षीय बेचेलाल दोपहर अपने बाग में फांसी पर झूलते मिले। घरवालों ने बताया कि वह काफी समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेंगे। गांव वालों ने पुलिस को खबर दी। गंगाघाट पुलिस मौके पर पहुंची, जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बेचेलाल अपने माता-पिता लालू प्रसाद और माधुरी के इकलौते बेटे थे, इसलिए इस घटना ने परिवार की कमर ही तोड़ दी।
उधर, बेचेलाल की पत्नी काजल, जो नौ माह की गर्भवती थीं, पति की मौत की खबर सुनकर टूट गईं। रात में ही परिजन उन्हें पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंचे। वहां बेचैनी और गम के बीच अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिवार वाले तुरंत उन्हें जिला अस्पताल ले गए। कुछ ही देर बाद काजल ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। बच्चे की पहली किलकारी सुनकर अस्पताल में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। काजल नवजात को सीने से चिपकाए पति के बिछड़ने का दर्द बयां करती रहीं।पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद बेचेलाल का शव गांव पहुंचा। घर पर कोहराम मचा था। रिश्तेदार और गांव वाले ढाढ़स बंधाने पहुंचे, लेकिन माता-पिता की हालत ऐसी थी कि किसी के पास शब्द नहीं थे। श्मशान घाट तक निकली अंतिम यात्रा में सन्नाटा पसरा रहा। हर चेहरा दुख से झुका था। मिश्रा कॉलोनी श्मशान घाट पर बेचेलाल का अंतिम संस्कार किया गया। उधर घर में बुजुर्ग महिलाएं नवजात के माथे को चूमते हुए कह रही थीं कि यह बच्चा अपने साथ पिता की अंतिम याद लेकर आया है। गांव में लोग इस घटना को जीवन की सबसे कड़वी विडंबना बता रहे हैं। परिवार पर एक ही दिन में टूटे दो विपरीत भावों ने माहौल को बेहद भावुक कर दिया है।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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