Wed 23 Sep 2026

ब्रेकिंग

डीएम रामपुर का धन्यवाद, जुड़वा बहनों का आधार कार्ड समस्या का समाधान कराया। ब्यूरो रिपोर्ट, रामपुर

एक जिस्म एक जान है हम यही पहचान है हम, सोनू, मोनू ब्यूरो रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश

युवक से 5.55 लाख की साइबर ठगी

बाहुबली सपा नेता समेत 62 शातिर इनामी घोषित, पोस्टर वायरल

मृतक आश्रित की रकम और संपत्ति हड़पने का आरोप, पांच पर रिपोर्ट

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

उन्नाव के संगठनों ने कहा : ‘जौहर यूनिवर्सिटी को बचाइए’

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Fri, Jul 24, 2026
Post views : 252

38 शैक्षणिक इमारतों को गिराने के आदेश के खिलाफ राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील

उन्नाव। रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 शैक्षणिक इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश के खिलाफ शुक्रवार को उन्नाव में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने आवाज बुलंद की। संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने और विश्वविद्यालय को संरक्षण देने की मांग की।जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने मानचित्र स्वीकृत न होने का हवाला देते हुए यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया है। संगठनों ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि किसी प्रशासनिक या तकनीकी कमी के कारण पूरे विश्वविद्यालय के अस्तित्व पर संकट खड़ा करना उचित नहीं है।

‘गलती है तो सुधार का मौका दिया जाए’

ज्ञापन देने वालों ने कहा कि यदि यूनिवर्सिटी प्रशासन से निर्माण या मानचित्र को लेकर कोई चूक हुई है तो उसे सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। इमारतों को सीधे ध्वस्त करने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी और विश्वविद्यालय से जुड़े हजारों लोगों का भविष्य संकट में पड़ सकता है। संगठनों ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर नियमों के दायरे में समाधान निकालने की मांग की।

जामा मस्जिद कमेटी ने भी सौंपा ज्ञापन

इसी मामले में जामा मस्जिद कमेटी की ओर से भी राष्ट्रपति के नाम अलग ज्ञापन दिया गया। कमेटी ने रामपुर प्रशासन के फैसले को एकतरफा और अलोकतांत्रिक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों और कर्मचारियों के भविष्य को देखते हुए कार्रवाई के बजाय समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए। सामाजिक संगठनों की ओर से दिए गए ज्ञापन पर प्रगतिशील लेखक संघ के राम नरेश, जन एकता अभियान के अखिलेश तिवारी, पीयूसीएल के गिरजेश पांडेय, मौलाना हसरत मोहानी लाइब्रेरी के सचिव अबरार हुसैन, सामाजिक कार्यकर्ता उबैदुल्लाह, सतीश जायसवाल, ए.आर. खान और सैयद अली इमाम जैदी के हस्ताक्षर थे। वहीं, जामा मस्जिद कमेटी की ओर से अध्यक्ष अफजल अहमद, सचिव मोहम्मद फारूक, डॉ. अहमद शकील, शराफत अली और अब्दुल कबीर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन