तीन साल का रिपोर्ट कार्ड पेश : उपलब्धियां गिनाईं, विरोधियों पर साधा निशाना
Mon, Jun 15, 2026
प्रवीण भानू बोले- एक आरोप साबित हो जाए तो छोड़ दूंगा राजनीति
उन्नाव। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने सोमवार को अपने तीन वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए दावा किया कि इस अवधि में 71.97 करोड़ रुपये की लागत से 692 विकास कार्य कराए गए हैं। वहीं, उनके प्रतिनिधि और भाजपा नेता प्रवीण मिश्रा भानू ने नगर पालिका में भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि उन पर लगाए गए आरोपों में से एक भी सही साबित हो जाए तो वह हमेशा के लिए राजनीति छोड़ देंगे। मोती नगर स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि वर्तमान बोर्ड की पहली बैठक 15 जून 2023 को हुई थी। इसके बाद शहर के विकास को प्राथमिकता देते हुए सड़क, पार्क, पेयजल, सफाई और कर व्यवस्था में कई सुधार किए गए। उन्होंने बताया कि छोटा चौराहा से रेलवे क्रॉसिंग तक सड़क का निर्माण कराया गया। इसके अलावा दो अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार, विभिन्न वार्डों में 15 पार्कों का निर्माण व सौंदर्यीकरण तथा अटल उपवन पार्क का विकास कराया गया। उन्होंने बताया कि शहर में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए 244 सबमर्सिबल पंप लगाए जा रहे हैं। सफाई व्यवस्था के लिए 36 सीएनजी ट्रिपर, 10 जेसीबी, चार पोकलैंड, तीन डंपर और पांच ट्रैक्टर खरीदे गए हैं। साथ ही सीवर और नालों की सफाई के लिए दो जेटिंग मशीनें तथा दो मोबाइल टॉयलेट भी लिए गए हैं। पालिका अध्यक्ष ने बताया कि शहर के करीब 54 हजार मकानों का डेटा ऑनलाइन कर गृहकर और जलकर जमा करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि नाला सफाई अभियान को व्यवस्थित करने से खर्च में करीब 50 प्रतिशत की कमी आई है।
पड़ाव अड्डों से बढ़ी आय
श्वेता मिश्रा ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पड़ाव अड्डों से 1.47 करोड़ रुपये की वसूली की गई है, जबकि वर्ष 2006 से 2023 तक इस मद में केवल 68 लाख रुपये की वसूली हुई थी। उन्होंने कहा कि शुल्क पहले भी 20 रुपये था और आज भी उतना ही है, लेकिन व्यवस्था में सुधार से आय बढ़ी है।
आरोपों पर दिया जवाब
पत्रकार वार्ता में भाजपा नेता प्रवीण मिश्रा भानू ने बिना नाम लिए अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। जिन पांच मामलों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनमें से तीन वर्तमान बोर्ड के कार्यकाल से पहले के हैं, जबकि बाकी मामलों में कोई अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लगातार शिकायतें और जांच कराकर विकास कार्यों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रवीण भानू ने कहा, "यदि मेरे ऊपर लगाए गए आरोपों में से एक भी आरोप सही साबित हो जाए तो मैं जीवनभर के लिए राजनीति छोड़ दूंगा।" उन्होंने कुछ पुराने मामलों और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच का मुद्दा भी उठाया और कहा कि यदि पारदर्शिता की बात की जा रही है तो सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जल निकासी बाधित : पीपरखेड़ा के ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
Mon, Jun 15, 2026
पुराने निकासी मार्ग बंद होने का आरोप, 8 फुट चौड़ा रास्ता और नाली निर्माण की मांग
उन्नाव। सदर तहसील क्षेत्र के पीपरखेड़ा गांव में जल निकासी और रास्ते की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। सोमवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए समस्या के समाधान की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वर्षों से मौजूद पानी निकासी का मार्ग बंद कर दिए जाने से घरों और रास्तों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले गांव और आसपास के खेतों का पानी एक पुराने निकासी मार्ग से तालाब की ओर निकल जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में उस रास्ते के अवरुद्ध हो जाने से जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इससे बारिश के दौरान कई घरों के सामने पानी जमा हो जाता है और लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण रज्जन पाल ने बताया कि तालाब की ओर जाने वाले पानी के निकास को बंद किए जाने के बाद समस्या लगातार बढ़ती गई। उनका कहना है कि निकासी मार्ग बाधित होने से खेतों और आबादी वाले हिस्सों में पानी भरने लगा है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण महिलाओं ने भी समस्या को गंभीर बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। सुताना ने बताया कि गांव में नाली और करीब आठ फुट चौड़े खड़ंजा मार्ग की जरूरत है। उनका आरोप है कि विभिन्न स्थानों पर बांध जैसी रुकावटें बना दी गई हैं, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह रुक गया है और घरों के सामने जलभराव होने लगा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले स्थानीय स्तर पर भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और जल निकासी की व्यवस्था बहाल कराने, नाली निर्माण तथा रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बरसात के मौसम में हालात और गंभीर हो सकते हैं। उनका कहना है कि जलभराव से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
ज्ञापन सौंपा : जिलाध्यक्ष को नोटिस भेजे जाने पर भड़का व्यापार मंडल
Mon, Jun 15, 2026
व्यापारियों की आवाज दबाने का प्रयास: व्यापार मंडल
उन्नाव। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग के अधिकारियों पर व्यापारियों के उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने विभागीय कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि संगठन लंबे समय से व्यापारियों के हितों और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करता रहा है। हाल ही में व्यापारियों के उत्पीड़न और विभाग में व्याप्त कथित अनियमितताओं को लेकर प्रशासन को मांगपत्र सौंपा गया था। संगठन का आरोप है कि इसके बाद एफएसडीए अधिकारियों ने प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई शुरू कर दी। व्यापार मंडल के अनुसार, विभागीय विसंगतियों और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने पर संगठन के जिलाध्यक्ष अखिलेश अवस्थी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाते हुए नोटिस जारी किया गया है। पदाधिकारियों ने इसे आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए कहा कि जो लोग विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें डराने और परेशान करने की कोशिश की जा रही है। व्यापार मंडल ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रशासन से व्यापारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने, कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारियों के हित में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।फिलहाल जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संगठन ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।