Wed 22 Apr 2026

ब्रेकिंग

गंगाघाट में शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि

महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने पर भाजपा का फूटा गुस्सा,

की याद में पाँच रक्तदाताओं ने रक्तदान किया

ससुराल से घर लौटते समय अज्ञात वाहन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के चक्कर की मिलक में हुए सनसनीखेज दंपति हत्याकांड में पुलिस को दूसरी बड़ी कामयाबी मिली है।

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

चंडीगढ़ को अनुच्छेद 240 के तहत लाने के केंद्र के प्रस्ताव पर विवाद : प्रशासनिक सरलीकरण बनाम पंजाब के अधिकार

THE LUCKNOW TIMES

Sun, Nov 23, 2025
Post views : 140

नई दिल्ली/पंजाब : केंद्र सरकार के प्रस्तावित कदम—जिसमें केंद्र शासित प्रदेश (UT) चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 के दायरे में लाने की बात कही गई थी, ने पंजाब और हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

यह कदम पंजाब के अधिकारों और UT के प्रशासनिक भविष्य को लेकर गहन चिंताएं पैदा कर रहा है।

प्रस्ताव क्या है और इसका मतलब क्या है?

अनुच्छेद 240, भारत के राष्ट्रपति को कुछ विशिष्ट केंद्र शासित प्रदेशों (जैसे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, आदि) के लिए शांति, प्रगति और अच्छी सरकार के लिए नियम बनाने का अधिकार देता है। चंडीगढ़ को इस सूची में जोड़ने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता होगी।

केंद्र का तर्क: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल कानून बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक शुरुआती विचार है। इसका उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश को अधिक प्रशासनिक दक्षता प्रदान करना है, ताकि संसद में एक लंबा विधेयक पारित करने के बजाय सीधे नियमों का निर्माण किया जा सके।

प्रभाव की आशंका: पंजाब के राजनीतिक दलों का मानना है कि इस कदम से केंद्र सरकार को चंडीगढ़ प्रशासन पर सीधा और अनियंत्रित नियंत्रण मिल जाएगा।

यह UT के लिए कानून बनाने में पंजाब और हरियाणा के पारंपरिक दावों और प्रशासनिक भागीदारी को पूरी तरह से दरकिनार कर सकता है।

पंजाब की राजनीतिक प्रतिक्रिया और मुख्य चिंताएं

पंजाब के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने इस प्रस्ताव पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका मानना है कि यह 1966 में हुए पंजाब पुनर्गठन अधिनियम और बाद में हुए राजीव-लोंगोवाल समझौते (1985) की भावना के खिलाफ है, जिसमें चंडीगढ़ को पंजाब को हस्तांतरित करने की बात कही गई थी।

| आम आदमी पार्टी (AAP) (सत्तारूढ़) |

पंजाब के अधिकारों पर सीधा हमला; यह कदम राज्य की राजधानी पर पंजाब के पूर्ण दावे को कमजोर करेगा। |

| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |

संघीय ढांचे का उल्लंघन और केंद्र द्वारा UT के शासन को पूरी तरह से अपने हाथ में लेने की कोशिश।

| शिरोमणि अकाली दल (SAD) |

स्थायी समाधान (चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने) से ध्यान भटकाने का प्रयास; ऐतिहासिक दावों की अनदेखी।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे 'अस्वीकार्य' बताते हुए चेतावनी दी है कि पंजाब अपने हितों की रक्षा के लिए हर कानूनी और राजनीतिक कदम उठाएगा।

MHA की सफाई और वर्तमान स्थिति

तीखे विरोध के बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया:

कोई विधेयक नहीं: मंत्रालय ने पुष्टि की कि इस प्रस्ताव से संबंधित कोई विधेयक आगामी संसद के शीतकालीन सत्र में पेश नहीं किया जाएगा।

प्रशासनिक यथास्थिति: MHA ने दोहराया कि प्रस्ताव से चंडीगढ़ की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था (जहाँ पंजाब के राज्यपाल UT के प्रशासक होते हैं) या पंजाब और हरियाणा के साथ इसके कर्मचारी अनुपात पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

केवल विचार: यह प्रस्ताव केवल शुरुआती चरण में है और अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी हितधारकों से परामर्श किया जाएगा।

यह विवाद एक बार फिर चंडीगढ़ के स्वामित्व के दशकों पुराने मुद्दे को केंद्र में ले आया है, जिससे केंद्र सरकार और पंजाब के बीच संघीय संबंधों में तनाव बढ़ गया है। यह देखना बाकी है कि केंद्र सरकार इस प्रशासनिक सुधार और राजनीतिक संवेदनशीलताओं के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित करती है।

Tags :

Breaking news

Politics news

What is article 240

Breaking punjab

Punjab breaking

BJP congress politician

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन