कार्रवाई : गांधी जयंती पर शराबबंदी के बावजूद ढाबे में बिक रही थी बीयर
Fri, Oct 2, 2026
आबकारी टीम ने तीन बीयर और 10 पौवा देशी शराब बरामद कर संचालक को किया गिरफ्तार
उन्नाव। गांधी जयंती पर शराब की बिक्री प्रतिबंधित होने के बावजूद अजगैन थाना क्षेत्र के चमरौली स्थित न्यू लक्ष्मी ढाबे पर बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया। आबकारी विभाग की टीम ने छापा मारकर तीन अदद ट्यूबर्ग बीयर और 10 पौवा दीवाना ब्रांड देशी शराब बरामद की। कार्रवाई के दौरान ढाबा संचालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आबकारी निरीक्षक ज्योति अग्रवाल, आबकारी सिपाही श्वेता सोनकर और पुलिस टीम दो अक्तूबर को अवैध शराब की बिक्री और निष्कर्षण की रोकथाम के लिए क्षेत्र में जांच कर रही थी। टीम न्यू लक्ष्मी ढाबे पर पहुंची तो वहां बीयर की बिक्री किए जाने और खाली बोतलें रखे होने की जानकारी मिली। इसके बाद ढाबा संचालक शिवकुमार को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में शिवकुमार ने ढाबे के काउंटर के सामने प्लास्टिक की बोरी में देशी शराब रखे होने की जानकारी दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर बोरी की तलाशी ली तो उसमें 10 पौवा दीवाना ब्रांड देशी शराब मिली। शराब बिक्री का लाइसेंस मांगने पर संचालक उसे नहीं दिखा सका। आरोपी की पहचान शिवकुमार पुत्र स्व. परशुराम यादव निवासी अजैया खेड़ा, थाना अजगैन के रूप में हुई है। उसे शाम करीब 6:15 बजे गिरफ्तार किया गया। बरामद शराब और बीयर को सील कर नमूना मोहर तैयार की गई। पुलिस के अनुसार बरामदगी की वीडियोग्राफी भी कराई गई और गिरफ्तारी की सूचना आरोपी के रिश्तेदार को दी गई। मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
अधिकारी बोले
जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्रा ने बताया कि अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ अभियान जारी है। गांधी जयंती के दिन प्रतिबंध के बावजूद शराब बिक्री का मामला मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। विभाग की टीमें ऐसे मामलों में लगातार जांच कर रही हैं।
ढाबों पर बिक्री की चर्चा
अजगैन क्षेत्र के ढाबों पर शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री को लेकर स्थानीय स्तर पर अक्सर चर्चा रहती है। ऐसे में न्यू लक्ष्मी ढाबे पर हुई कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य ढाबों पर भी आबकारी विभाग की निगरानी और जांच बढ़ाए जाने की जरूरत बताई जा रही है।
दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को पीटा : कमरे में किया बंद
Fri, Oct 2, 2026
पल्सर बाइक, एक लाख रुपये और सोने की चेन की मांग का आरोप, पति समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट
उन्नाव। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट कर उसे कमरे में बंद करने का मामला सामने आया है। फतेहपुर खालसा गांव निवासी विवाहिता ने पति, सास और ससुर पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर बांगरमऊ पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फतेहपुर खालसा निवासी सरिता पुत्री गुड्डू ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी शादी 10 मई 2025 को दारापुर गांव निवासी खुशीराम पुत्र राम खेलावन के साथ हुई थी। विवाह के दौरान उसके पिता ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी कर अपनी सामर्थ्य के मुताबिक दान-दहेज दिया था। आरोप है कि शादी के बाद ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। विवाहिता के मुताबिक, उससे मायके से पल्सर मोटरसाइकिल, एक लाख रुपये नकद और एक तोला सोने की चेन लाने के लिए कहा गया। असमर्थता जताने पर उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की जाने लगी। आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर कई बार उसे प्रताड़ित किया गया।
मारपीट के बाद बेहोश होने का आरोप
सरिता ने तहरीर में बताया कि 29 सितंबर को उसके पति खुशीराम, ससुर राम खेलावन और सास कमला ने दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि पिटाई से उसे गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गई। होश में आने के बाद उसने किसी तरह अपने पिता को घटना की जानकारी दी।विवाहिता का आरोप है कि इसके बाद ससुराल वालों ने उसे कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। बेटी को कमरे में बंद किए जाने की जानकारी मिलने पर उसके पिता 112 नंबर पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मदद से विवाहिता को कमरे से बाहर निकाला गया। इसके बाद सरिता ने बांगरमऊ थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी और ससुराल पक्ष से अपनी जान को खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति खुशीराम, ससुर राम खेलावन और सास कमला के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तहरीर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
क्लिनिक में घुसकर युवक से मारपीट : तोड़फोड़ का आरोप
Fri, Oct 2, 2026
जातिसूचक टिप्पणी का विरोध करने पर विवाद बढ़ा, दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
उन्नाव। सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के दुर्गाखेड़ा मजरा उद्साह गांव में क्लिनिक के अंदर घुसकर युवक के साथ मारपीट और तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मऊ मंसूरपुर गांव निवासी दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि विवाद की शुरुआत जाति को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी का विरोध करने पर हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दुर्गाखेड़ा मजरा उद्साह निवासी आकाश कुमार के अनुसार, 23 सितंबर की शाम करीब पांच बजे वह अपने क्लिनिक में मरीजों को देख रहे थे। इसी दौरान मऊ मंसूरपुर निवासी अंकुश शर्मा और रोहित राठौर क्लिनिक के सामने पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने जाति को लेकर अभद्र टिप्पणी करनी शुरू कर दी। आकाश ने इसका विरोध किया तो मामला बढ़ गया। पीड़ित का आरोप है कि दोनों युवक क्लिनिक के अंदर घुस आए और गालीगलौज करते हुए उसके साथ मारपीट करने लगे। मारपीट के दौरान उसके सिर और गर्दन में चोटें आईं। आरोप है कि इसी दौरान क्लिनिक में तोड़फोड़ की गई और वहां रखा सामान क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना से आसपास के लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई। आकाश के मुताबिक, आसपास के लोग बचाव के लिए मौके पर पहुंचे तो दोनों आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। इसके बाद उसने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। बाद में पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अंकुश शर्मा और रोहित राठौर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। घटना में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।