निर्माण की सुस्ती बनी जानलेवा मुसीबत : कीचड़ में फिसली महिला का टूटा पैर, वीडियो वायरल
Tue, Aug 18, 2026
अमृत भारत स्टेशन के निर्माण में लापरवाही, बारिश में मिट्टी बहने से गेट के बाहर बनी फिसलन
उन्नाव। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 29.8 करोड़ की लागत से उन्नाव जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्य में कार्यदायी संस्था की लापरवाही एक बार फिर सामने आई। मंगलवार को स्टेशन गेट के बाहर बारिश के पानी से मिट्टी बहकर रास्ते पर फैल गई और कीचड़ हो गया। इसी दौरान परिवार के साथ स्टेशन जा रही एक महिला फिसलकर गिर गई। हादसे में उसके पैर में गंभीर चोट आई और पैर में फ्रैक्चर होने की जानकारी है। आसपास के लोगों ने एंबुलेंस बुलाकर महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण स्टेशन परिसर के आसपास निर्माण सामग्री और मिट्टी की वजह से परेशानी बढ़ गई है। स्टेशन गेट के बाहर साइड में मिट्टी का ढेर लगा था। बारिश का पानी मिट्टी को बहाकर रास्ते तक ले आया, जिससे वहां फिसलन भरा कीचड़ हो गया। मंगलवार सुबह इसी रास्ते से गुजरते समय महिला का पैर अचानक फिसल गया और वह गिर पड़ी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे संभाला और एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजा। लोगों के मुताबिक, जांच के दौरान महिला के पैर में फ्रैक्चर की बात सामने आई।
दोपहर बाद जागी कार्यदायी संस्था
हादसे के बाद कार्यदायी संस्था ने दोपहर बाद रास्ते पर फैली मिट्टी हटवाई गई और कीचड़ वाले हिस्से को साफ कराया गया। हालांकि, लोगों का कहना है कि यदि बारिश से पहले ही मिट्टी हटाने और रास्ते को सुरक्षित रखने की व्यवस्था कर दी जाती तो हादसे की स्थिति नहीं बनती।
तीन साल से अधूरा पड़ा है काम
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उन्नाव जंक्शन के विकास का काम तय समय सीमा बीतने के बावजूद पूरा नहीं हो सका है। करीब तीन साल से निर्माण कार्य अधर में है और काम की रफ्तार कछुआ गति से चलने को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। निर्माण में हो रही देरी और अव्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कार्यदायी संस्था को कई बार तेजी लाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
14 अगस्त को औचक निरीक्षण में जताई थी नाराजगी
बता दें कि सांसद साक्षी महाराज ने 14 अगस्त को स्टेशन के निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान काम की धीमी गति देखकर नाराजगी भी जताई थी। कार्यदायी संस्था को काम में तेजी लाते हुए छह महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया था। इससे पहले 12 अगस्त को लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने भी निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की थी। इसके बावजूद निर्माण स्थल पर बारिश के दौरान यात्रियों की आवाजाही के लिए पर्याप्त इंतजाम न होने से मंगलवार को महिला के साथ हादसा हो गया। स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य भले ही चल रहा हो, लेकिन यात्रियों के आने-जाने वाले रास्तों को सुरक्षित रखना कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है। मिट्टी के ढेर, कीचड़ और फिसलन से भविष्य में कोई और हादसा न हो, इसके लिए समय रहते ठोस व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।
वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश
स्टेशन अधीक्षक सुधांशु मोहन ने बताया कि कार्यदायी संस्था के पदाधिकारियों को वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा रास्ते में फैली मिट्टी को हटाने का काम भी कराया जा रहा है, ताकि यात्रियों और आम लोगों को आवागमन में किसी तरह की असुविधा न हो।
उपलब्धि : IFFDC के उपाध्यक्ष बने उन्नाव के अंकित सिंह परिहार
Tue, Aug 18, 2026
राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्था में मिली बड़ी जिम्मेदारी, निर्विरोध निर्वाचन से जिले का बढ़ा मान
उन्नाव। सहकारिता के क्षेत्र में उन्नाव को बड़ी उपलब्धि मिली है। जिले के अंकित सिंह परिहार इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (आईएफएफडीसी) के उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। गुरुग्राम के जिलाधिकारी एवं निर्वाचन अधिकारी ने उनके निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक पुष्टि की है। अंकित सिंह परिहार के उपाध्यक्ष चुने जाने को उन्नाव के लिए खास उपलब्धि माना जा रहा है। बताया गया है कि जिले से राष्ट्रीय स्तर की किसी सहकारी संस्था में उपाध्यक्ष बनने वाले वह पहले व्यक्ति हैं। उनके निर्वाचन की जानकारी मिलते ही सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अंकित सिंह परिहार ने कहा कि उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुना जाना उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं है, बल्कि उन्नाव की मिट्टी, उनके साथ खड़े रहे सहयोगियों, शुभचिंतकों और समर्थकों के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि लोगों ने जिस भरोसे के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वह पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगे। सहकारिता के क्षेत्र में किसानों और संस्था से जुड़े लोगों के हित में बेहतर काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। अंकित सिंह परिहार ने इस उपलब्धि पर साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनका स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनके निर्विरोध निर्वाचन से उन्नाव का नाम सहकारिता के राष्ट्रीय मंच पर पहुंचा है।
नौ बीघे में बस रही थीं अवैध कॉलोनियां : प्रशासन ने चलाया बुलडोजर
Tue, Aug 18, 2026
कांशीराम कालोनी के पास बिना नक्शा पास कराए हो रही थी प्लॉटिंग, करीब 10 करोड़ की जमीन पर कार्रवाई से मचा हड़कंप
उन्नाव। शहर के आसपास तेजी से पैर पसार रही अवैध प्लॉटिंग पर उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने करीब नौ बीघे जमीन पर विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त करा दिया। दोनों स्थानों पर बिना लेआउट स्वीकृत कराए जमीन को प्लॉट के रूप में विकसित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान प्लॉटिंग से जुड़े निर्माण और अन्य ढांचों को जेसीबी से गिरा दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों स्थानों की जमीन की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पहले नोटिस, फिर ध्वस्तीकरण का आदेश
अवैध प्लॉटिंग की जानकारी मिलने के बाद प्राधिकरण की ओर से संबंधित कॉलोनाइजरों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस और आदेश के बावजूद संबंधित लोगों ने कॉलोनी का लेआउट स्वीकृत कराने के लिए प्राधिकरण में नक्शा जमा नहीं कराया।इसके बाद सोमवार को प्रशासन और प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। टीम ने प्लॉटिंग के लिए किए गए निर्माण और मौके पर बनाए गए ढांचों को ध्वस्त करा दिया। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही आसपास अवैध तरीके से प्लॉट काटने वालों में भी खलबली मच गई।
काशीराम कॉलोनी रोड पर छह बीघे में हो रही थी प्लॉटिंग
पहली कार्रवाई काशीराम कॉलोनी रोड पर की गई। यहां करीब छह बीघे जमीन में कॉलोनी बसाने की तैयारी चल रही थी। जमीन को छोटे-छोटे प्लॉटों में बांटकर बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी। प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना चल रहे इस काम पर टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके पर बने ढांचों को गिरा दिया।
पीएम आवास के पास तीन बीघे जमीन पर भी कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई काशीराम कॉलोनी से आगे प्रधानमंत्री आवास योजना के पास हुई। यहां करीब तीन बीघे जमीन पर अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इस स्थान पर भी लेआउट स्वीकृत नहीं कराया गया था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्लॉटिंग से जुड़े निर्माण को ध्वस्त करा दिया।
डीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई
सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह ने मंगलवार दोपहर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर दोनों स्थानों पर कार्रवाई की गई है। करीब नौ बीघे जमीन पर हो रही अवैध प्लॉटिंग को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण से बिना लेआउट स्वीकृत कराए कॉलोनी विकसित करना नियमों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
प्लॉट खरीदने से पहले नक्शा जरूर जांचें
सिटी मजिस्ट्रेट ने आम लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले यह जरूर पता कर लें कि उसका लेआउट संबंधित विकास प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं। केवल जमीन देखकर या कॉलोनाइजर की बात पर भरोसा करके प्लॉट खरीदना बाद में परेशानी का कारण बन सकता है। स्वीकृत कॉलोनी में प्लॉट लेने से खरीदार को भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई का डर नहीं रहता। साथ ही बैंक से लोन लेने में भी आसानी होती है। वहीं बिना नक्शा पास कराए विकसित की गई कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वालों को आगे चलकर कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
बिना नक्शे प्लॉटिंग पर होगी कार्रवाई
सिटी मजिस्ट्रेट ने कॉलोनी विकसित करने वालों से कहा है कि प्लॉटिंग शुरू करने से पहले प्राधिकरण में लेआउट मैप जमा कराकर उसकी स्वीकृति लें। नियमानुसार नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में प्राधिकरण की ओर से आवश्यक सहयोग किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि बिना स्वीकृत लेआउट के प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
कार्रवाई से जमीन कारोबार में बढ़ी हलचल
प्रशासन की इस कार्रवाई को शहर के बाहरी हिस्सों में तेजी से बढ़ रही अनधिकृत प्लॉटिंग पर प्रशासन की सख्ती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर उन इलाकों में जहां कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉटों में बांटकर आवासीय कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नियमों की अनदेखी करने वालों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।