दो वायरल वीडियो : पहले ने उठाए सवाल, दूसरे ने बदली पूरी कहानी
Fri, Aug 21, 2026
पेट्रोल वाले वायरल वीडियो के बाद बच्चे का वीडियो सामने आया, समर्थकों ने निष्पक्ष जांच मांगी
तिरंगा यात्रा के बाद बढ़ी भगवंतनगर में सियासी हलचल, अविचल शुक्ला की बढ़ी चर्चा
उन्नाव। भगवंतनगर में भाजपा नेता अविचल शुक्ला के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा के बाद वायरल हुए तीन युवकों के वीडियो को लेकर अब नया मोड़ सामने आया है। पहले वीडियो में युवकों ने रैली में शामिल होने के लिए बुलाए जाने और बाइक में पेट्रोल के रुपये नहीं मिलने का दावा किया था। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके जरिए अविचल शुक्ला की छवि को लेकर सवाल उठाए गए। अब इसी मामले का दूसरा वीडियो सामने आया है। इसमें एक बच्चा पूरे घटनाक्रम के बारे में अपनी बात बताता नजर आ रहा है। नए वीडियो में किए गए दावे से पहले वायरल वीडियो की कहानी और उसके पीछे की मंशा पर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भगवंतनगर में अविचल शुक्ला के नेतृत्व में 19 अगस्त को विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा बाइक लेकर शामिल हुए थे। यात्रा के बाद इन दिनों तीन युवकों का वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने पेट्रोल का पैसा नहीं मिलने की बात कही। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर इसे अलग-अलग दावों के साथ प्रसारित किया गया और मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। शुक्रवार को अब सामने आए दूसरे वीडियो में एक बच्चा पहले वीडियो से जुड़े घटनाक्रम को लेकर अपनी बात बताता दिखाई दे रहा है। वीडियो में दावा किया गया है कि पहले वीडियो में शामिल युवकों को कथित तौर पर रुपये का लालच देकर वीडियो बनवाया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नए वीडियो ने पहले वीडियो के आधार पर बनी धारणा पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि पहला वीडियो किन परिस्थितियों में बनाया गया था। युवकों ने अपनी मर्जी से वीडियो बनाया था या किसी के कहने पर? यदि नए वीडियो में लगाए गए आरोप सही हैं तो वीडियो बनवाने के पीछे कौन था और उसका उद्देश्य क्या था? फिलहाल इन सवालों का जवाब सामने नहीं आया है।
इस प्रकरण में भाजपा नेता अविचल शुक्ला ने कहा कि तिरंगा यात्रा में युवाओं और आम लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया। दूसरे वीडियो के सामने आने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा देशभक्ति की भावना से निकाली गई थी और इसमें शामिल युवाओं को किसी तरह के प्रलोभन से जोड़ना उचित नहीं है।
तिरंगा यात्रा की भीड़ ने बढ़ाई सियासी चर्चा
वायरल वीडियो के बीच तिरंगा यात्रा में उमड़ी भीड़ भी भगवंतनगर में चर्चा का विषय बनी हुई है। अविचल शुक्ला के नेतृत्व में निकली यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं के बाइक लेकर शामिल होने से लोगों का ध्यान खींचा। यात्रा के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा होती रही। राजनीतिक गलियारों में भी इस भीड़ को लेकर हलचल मची है। भाजपा के टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अविचल शुक्ला के नेतृत्व में युवाओं की बड़ी भागीदारी को उनकी राजनीतिक सक्रियता के लिहाज से अहम माना जा रहा है। समर्थक इसे युवाओं के बीच उनकी पकड़ का संकेत बता रहे हैं। हालांकि, किसी भी आयोजन की भीड़ को सीधे चुनावी समर्थन का पैमाना नहीं माना जा सकता। पहले वीडियो के जरिए जहां अविचल शुक्ला को घेरने की कोशिश हुई थी, वहीं दूसरे वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि दोनों वीडियो में किए गए दावों की सच्चाई क्या सामने आती है। फिलहाल इतना जरूर है कि वायरल वीडियो के बाद उठे सवालों के बीच सामने आया दूसरा वीडियो अविचल शुक्ला के पक्ष में चर्चा का नया आधार बन गया है और तिरंगा यात्रा की भीड़ ने भगवंतनगर की राजनीति में हलचल और बढ़ा दी है।
खतरा सिर पर और पालिका बेखबर : कमजोर छज्जों और दीवारों के नीचे से गुजर रहे लोग
Fri, Aug 21, 2026
जर्जर भवनों की संख्या 121 तक पहुंची, कार्रवाई का इंतजार
उन्नाव। शहर में जर्जर भवनों की सूची तैयार है, खतरे वाली इमारतें चिह्नित हैं और भवन स्वामियों को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद इन भवनों से सटे रास्तों पर लोगों की आवाजाही जारी है। बारिश के बीच कमजोर छज्जे और दीवारें कब जवाब दे दें, इसका भरोसा नहीं। नगर पालिका ने 121 भवनों को जर्जर मानकर अपनी फाइल में दर्ज तो कर लिया, लेकिन इन्हें सुरक्षित कराने की कवायद अभी नोटिस से आगे कितनी पहुंची, यह सवाल शहर के सामने है। पुराने शहर के कई हिस्सों में मकान सड़क और दुकानों से सटे हैं। इनकी उम्र अधिक होने के कारण कहीं छज्जे कमजोर हैं तो कहीं दीवारों पर दरारें दिखाई देती हैं। बारिश का पानी पहुंचने के बाद ऐसे भवनों के कमजोर हिस्सों के गिरने का खतरा और बढ़ जाता है। खासकर बाजार और व्यस्त रास्तों पर यही स्थिति ज्यादा चिंता पैदा करती है।
हादसा बता चुका है खतरे की हकीकत
6 जुलाई की रात आइबीपी चौराहे के सामने मैरिज हाल का जर्जर छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया था। मलबा सड़क किनारे खड़ी कार पर जा गिरा और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा रात में हुआ, इसलिए लोगों की भीड़ वहां नहीं थी और जनहानि टल गई। दिन में यही हिस्सा गिरता तो राहगीरों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी। शहर में ऐसा पहली बार नहीं हुआ। वर्ष 2024 में बारिश के दौरान बड़ा चौराहा पर पुराने मकान का छज्जा गिरने से आसपास के दुकानदारों और खरीदारी करने आए लोगों में अफरातफरी मच गई थी। घटना के बाद जर्जर भवनों को लेकर नगर पालिका ने सर्वे शुरू कराया था।
133 की सूची, अब 121 पर अटकी कार्रवाई
पहले नगर पालिका के रिकॉर्ड में 133 जर्जर भवन दर्ज थे। बाद में शहर के सभी वार्डों में सर्वे कराया गया। इसमें 121 भवन जर्जर हालत में मिले। इन भवनों के स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं। यहां सवाल सिर्फ नोटिस भेजने का नहीं, बल्कि उन पर अमल कराने का है। जिन भवनों को पालिका ने खुद जर्जर मानकर सूची में शामिल किया है, उनके आसपास रहने और गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। यदि भवन स्वामी नोटिस के बाद भी कार्रवाई नहीं करता है तो ऐसे भवनों की निगरानी, खतरे वाले हिस्से को सुरक्षित करने और जरूरत पड़ने पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी किस स्तर पर होगी, यह तस्वीर अभी साफ नहीं है।
बारिश में बढ़ता है खतरा
जर्जर भवनों के लिए बारिश का मौसम सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है। लगातार नमी से पुरानी दीवारों और छज्जों की मजबूती प्रभावित हो सकती है। ऐसे में ऊपर से कमजोर दिख रहा हिस्सा अचानक नीचे आ सकता है। शहर के व्यस्त बाजारों में यह खतरा और गंभीर है, क्योंकि यहां दिनभर राहगीरों, दुकानदारों और वाहनों की आवाजाही रहती है। नगर पालिका के पास 121 भवनों की सूची होने के बाद अब जरूरत सिर्फ कागजों में उनकी पहचान रखने की नहीं, बल्कि मौके पर उनकी स्थिति की निगरानी करने की है। खासकर उन भवनों पर तत्काल ध्यान जरूरी है, जिनके कमजोर हिस्से सड़क या सार्वजनिक स्थान की तरफ हैं।
हादसे के बाद नहीं, पहले चाहिए कार्रवाई
शहर में जर्जर भवनों की समस्या पुरानी है। हर बारिश में पुराने मकानों को लेकर खतरा बढ़ता है और कोई हिस्सा गिरने के बाद मामला फिर चर्चा में आ जाता है। इस बार पालिका ने सर्वे कराकर 121 भवन चिह्नित किए हैं। ऐसे में लोगों की नजर अब इस बात पर है कि इन भवनों को सुरक्षित कराने के लिए आगे क्या किया जाता है। ईओ राम आसरे कमल ने बताया कि सर्वे के बाद 121 जर्जर भवन चिह्नित किए गए हैं। सभी भवन स्वामियों को नोटिस भेजकर सुरक्षित तरीके से भवन ध्वस्त कराने के लिए कहा गया है।
दो साल से नोटिस, खतरा जस का तस
दो साल में इन भवनों को सुरक्षित कराने के लिए पालिका ने क्या ठोस कदम उठाए? भवन स्वामियों को नोटिस भेजने की कार्रवाई लगातार होती रही, लेकिन जर्जर भवनों के कमजोर हिस्सों को हटाने या खतरनाक भवनों को ध्वस्त कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आई। अब नए सर्वे में 121 भवन चिह्नित होने के बाद फिर नोटिस जारी किए गए हैं। ऐसे में शहर के लोगों को इंतजार है कि इस बार नोटिस के आगे पालिका की कार्रवाई कब दिखाई देगी।
सन्नी गांव में मंदिर का प्रवेश द्वार बनेगा : श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
Thu, Aug 20, 2026
विधायक निधि से निर्माण शुरू, पंकज गुप्ता ने पूजन कर रखी आधारशिला
उन्नाव। विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी के सन्नी गांव में स्थित मां कालिका माता मंदिर का प्रवेश द्वार अब नए रूप में नजर आएगा। विधायक निधि से यहां प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जा रहा है। गुरुवार को इसके निर्माण कार्य की शुरुआत के मौके पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विधायक के पहुंचने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की गई। निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीणों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि गांव और क्षेत्र के विकास के साथ धार्मिक स्थलों को बेहतर बनाना भी जरूरी है। मंदिर में आने वाले लोगों को सुविधाएं मिलें और धार्मिक स्थल का स्वरूप बेहतर हो, इसके लिए विधायक निधि से काम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवेश द्वार बनने के बाद मंदिर की पहचान और भव्यता दोनों बढ़ेंगी। साथ ही श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में आने-जाने में भी सहूलियत होगी।विधायक ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की जरूरत और मांग के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका प्रयास है कि गांवों में जरूरी सुविधाओं से जुड़े काम लगातार कराए जाएं। उन्होंने स्थानीय लोगों को क्षेत्र के विकास के लिए आगे भी काम कराने का भरोसा दिया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष सर्वेश लोधी, ग्राम प्रधान अभिलाषा, प्रधान सुभाष लोधी, शिवकुमार तिवारी, गोपाल वर्मा, शरद शुक्ला, कल्लू तिवारी, कोटेदार राजेंद्र, राकेश प्रजापति, सुशील तिवारी, अनूप त्रिवेदी, मोनू त्रिवेदी, लालाजी रावत, जय घोष, ओमप्रकाश, ममता निषाद, सनोज यादव, रामबाबू, धर्मेंद्र अवस्थी, धीरेेंद्र निगम, मुकेश तिवारी, गुड्डू सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।