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मजदूरों की मजदूरी पर डाका : प्रधान के खाते में पहुंचे लाखों रुपये, अधिकार सीज़

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Fri, Mar 27, 2026
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जांच में खुलासा, डीएम ने कड़ा एक्शन लेते हुए तीन सदस्यीय टीम को सौंपी पंचायत की जिम्मेदारी

उन्नाव। जिले के सफीपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत पीखी में मनरेगा से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां के प्रधान हसीबुद्दीन पर मजदूरों की मजदूरी में गड़बड़ी करने का आरोप साबित हुआ है। जांच में पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए हैं। मामले की शुरुआत गांव के ही मेराज द्वारा की गई शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया था कि पंचायत भवन निर्माण के दौरान मजदूरों को मिलने वाली मजदूरी का बड़ा हिस्सा हड़प लिया गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी और आरईडी विभाग के एक्सईएन को जांच सौंपी।

जांच में क्या सामने आया

अधिकारियों की जांच में पाया गया कि पंचायत भवन निर्माण में मिट्टी भराई और मजदूरी के लिए कुल 9.19 लाख रुपये का भुगतान होना था। लेकिन रिकॉर्ड और ग्राम स्वराज पोर्टल के आंकड़ों की पड़ताल में यह सामने आया कि 7.60 लाख रुपये सीधे प्रधान के निजी खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इस खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आया और प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। हालांकि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

डीएम का एक्शन

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए प्रधान के सभी अधिकार सीज कर दिए। साथ ही उस समय तैनात ग्राम सचिव और एक ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

नई टीम को जिम्मेदारी

प्रधान के अधिकार समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायत के कामकाज को सुचारु रखने के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक सिन्हा के अनुसार, इस टीम में हसरतुन, रजनी और बबली को शामिल किया गया है, जिसमें हसरतुन को टीम का प्रमुख बनाया गया है। अब यही टीम पंचायत के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करेगी।

लेखा जांच के बाद होगा बड़ा फैसला

मामले की अंतिम जांच जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को सौंप दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर मनरेगा जैसी योजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भी इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जगी है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और मजदूरों का हक उन्हें वापस मिलेगा।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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